सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार सुबह अस्पताल ले जाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक खास रणनीति अपनाई। सबसे पहले जंतर-मंतर पर मोबाइल नेटवर्क जैमर लगाया गया। सफेद चादर से मंच को ढका और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और मेडिकल सलाह के बाद शुक्रवार रात ही इस कार्रवाई की योजना तैयार कर ली गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश मिला कि सोनम वांगचुक की तत्काल मेडिकल जांच सुनिश्चित की जाए और उन्हें अस्पताल में…
जो बर्फ़ की चोटियों पर भी देश का दीप जलाते हैं,
वही सच की राह में अक्सर बेड़ियों से सजाए जाते हैं। कैद कर सकते हो जिस्म को, विचारों को नहीं, देशभक्ति झुकती नहीं, सत्ता के दरबारों में। जो हिमालय की…
Delhi viral बॉलीवुड एक्टर शेखर सुमन ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। शेखर सुमन ने कहा कि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जी कई दिनों से जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए अनशन पर बैठे हैं। मैं हैरान हूं ये देखकर कि कोई हैरान क्यों नहीं है? एक इंसान देश और समाज की बेहतरी के लिए अनशन पर बैठा है। स्टूडेंट्स के फ्यूचर के लिए अनशन पर बैठा है। शिक्षा के चरमराते ढांचे को संभालने के लिए अनशन पर बैठा है और व्यवस्था चैन से लेटी हुई है। वो व्यवस्था जो ना सिर्फ गूंगी, बेहरी और संवेदनहीन है, बल्कि तंग दिल, संग दिल और बेदिल है। थके हुए ऊर्जाहीन शरीर में भले ही शक्ति ना हो, लेकिन देश के लाखों युवाओं की वो ताकत है। अगर गौर से देखा जाए, तो हम सब जिंदा लाशों में वो एक अकेला जीवित है। मैं हैरान हूं ये देखकर कि कोई हैरान क्यों नहीं है?
Delhi viral बॉलीवुड एक्टर शेखर सुमन ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। शेखर सुमन ने कहा कि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जी कई दिनों से जंतर मंतर पर शिक्षा…
तुम मुझे गालियाँ दो, एंटी नेशनल कहो या जान से मारने की धमकी दो
मैं लोकतंत्र के विरोधियों का लोकतांत्रिक तरीक़े से विरोध करता रहूँगा मैं तुम्हारी गालियों,आरोपों और धमकियों से डरने वाला नहीं हूँ मेरे साथ लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में मेरा साथ…
कलयुगी दामिनी की करतूत: मेरठ का दिल दहला देने वाला कांड!
भाइयों, मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर रूह कांप जाए और इंसानियत का भरोसा उठ जावे। पूरा माजरा समझो: मोहतरमा दामिनी की शादी 7 साल पहले…
जयपुर की एक नौ साल की बच्ची ने स्कूल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने हर किसी को झकझोर दिया था। कुछ लोगों को तो विश्वास ही नहीं हुआ कि इतनी छोटी बच्ची इतना बड़ा कदम भी उठा सकती है। मैं भी उन्हीं में से एक थी। लेकिन फिर सीसीटीवी फुटेज सामने आई जिसमें दिखाया गया कि सहपाठी से परेशान होकर शिकायत करने वो तीन चार बार टीचर के पास गई। टीचर ने इगनोर कर दिया तो वो कॉरिडोर से होती हुई छत पर पहुंची और वहां से छलांग लगा दी।
viral मेरे मन में सवाल आया कि बच्ची ने घर आकर क्यों नहीं बताया ये सब? मेरे बेटे के साथ कुछ भी ऐसा होता है तो घर आने के बाद…
चुप रहकर पापी मत बनो। एक वैज्ञानिक आमरण अनशन पर है। जान जा रही है। कोई अग्रवाल मरे कोई सोनम वांगचुग मरे मोदी को क्या। बात करना भी जरूरी नहीं समझता। यही किसानों के साथ किया था। कोई टीम अपनी मेहनत से ट्रॉफी जीते तो तुरंत बधाई आ जाती है लेकिन जनता का दर्द दिखाई नहीं देता। कैसी सरकार है ये।
चुप रहकर पापी मत बनो। एक वैज्ञानिक आमरण अनशन पर है। जान जा रही है। कोई अग्रवाल मरे कोई सोनम वांगचुग मरे मोदी को क्या। बात करना भी जरूरी नहीं…
कॉकरोच जनता पार्टी या उसके किसी समर्थक की बात नहीं है। बात है उन छात्रों की, उन बच्चों की जिनकी जिंदगी इन बुड्ढे, अय्याश नेताओं से कहीं ज्यादा कीमती है।
बात है सोनम वांगचुक जैसे बुद्धिजीवी, पर्यावरणविद वैज्ञानिक की। बात है चरम पर पहुंच चुके देश के भ्रष्टाचार की। इस देश के नेता इतने बेशर्म हो चुके हैं कि भूख…
देश में जगह जगह आंदोलन हो रहे हैं। पुलिस बलों को दिल्ली बुला लिया है। डर कायम है। लेकिन मीडिया नहीं दिखा रहा। इन्हें पाकिस्तान में हो रहे आंदोलन दिखाई दे रहे हैं। अपनी नाक के नीचे हो रहे प्रदर्शन, भूख हड़ताल नहीं दिख रहे। रात को सोते कैसे होंगे? धर्मेंद्र प्रधान का वीडियो आया छप्पन भोग खाते हुए। सत्रह बच्चे मरे हैं। और बाकि बारिश, धूप में हड़ताल पर हैं। गले से नीचे खाना कैसे जा रहा है? इतनी बेशर्मी, इतना घमंड तो रावण का भी नहीं रहा। मेरी आंख भर आ रही है बार बार। गुस्सा दुख सब एक साथ हैं। कहीं पेड़ कट रहे हैं, कहीं बच्चे मर रहे हैं। उनके मां बाप, छात्र सब गद्दार हैं आई टी सैल के अनुसार। अरे शर्म करो। कुछ तो शर्म करो। बच्चे तुम्हारे भी हैं। क्या मुंह दिखाओगे उन्हें? एक बूढ़े अय्याश आदमी की अय्याशी के लिए बच्चों को मरने दोगे?
देश में जगह जगह आंदोलन हो रहे हैं। पुलिस बलों को दिल्ली बुला लिया है। डर कायम है। लेकिन मीडिया नहीं दिखा रहा। इन्हें पाकिस्तान में हो रहे आंदोलन दिखाई…
मैं नहीं जानती कि कॉकरोच जनता पार्टी क्या है। मैं नहीं जानती कि उनके पीछे, आगे या साथ में कौन लोग हैं। मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि उन लोगों ने नागरिक होने के नाते सरकार से सवाल किया। उन्होंने बस इतना पूछा कि बीस बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है? उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? Adv Komal Gupta, fb viral
सरकार ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। फिर भूख हड़ताल की गई। सरकार ने फिर भी जवाब नहीं दिया। जब सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ने लगी तो सरकार आंदोलन…