पुलिस सूत्रों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश मिला कि सोनम वांगचुक की तत्काल मेडिकल जांच सुनिश्चित की जाए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इसके बाद, नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मंदिर मार्ग थाने में एकत्र हुए और पूरी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की। एक पुलिस सूत्र ने बताया कि यह आकलन करने के लिए विशेष अभ्यास किया गया कि सोनम वांगचुक को बिना किसी टकराव के एक मिनट से भी कम समय में कैसे जंतर-मंतर से ले जाया जाए। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने यह भी चर्चा की कि कार्रवाई के दौरान मोबाइल नेटवर्क जैमर लगाए जाएं, ताकि घटनास्थल के वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर प्रसारित न हो सकें।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार सुबह अस्पताल ले जाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक खास रणनीति अपनाई। सबसे पहले जंतर-मंतर पर मोबाइल नेटवर्क जैमर लगाया गया। सफेद चादर से मंच को ढका और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और मेडिकल सलाह के बाद शुक्रवार रात ही इस कार्रवाई की योजना तैयार कर ली गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश मिला कि सोनम वांगचुक की तत्काल मेडिकल जांच सुनिश्चित की जाए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इसके बाद, नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मंदिर मार्ग थाने में एकत्र हुए और पूरी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की। एक पुलिस सूत्र ने बताया कि यह आकलन करने के लिए विशेष अभ्यास किया गया कि सोनम वांगचुक को बिना किसी टकराव के एक मिनट से भी कम समय में कैसे जंतर-मंतर से ले जाया जाए। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने यह भी चर्चा की कि कार्रवाई के दौरान मोबाइल नेटवर्क जैमर लगाए जाएं, ताकि घटनास्थल के वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर प्रसारित न हो सकें।