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देश राज्यों की बड़ी खबरें04/07/2026 सुबह 10 बजे की बड़ी खबरें 16 मई 2014 को जब ₹30,000 करोड़ के भारी-भरकम चुनावी खर्च के बाद नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता संभाली, तो उन्हें विरासत में कोई जर्जर ढांचा नहीं, बल्कि 2008 से तैयार नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और 2009 से शुरू हुआ ‘आधार’ का ₹13,000 करोड़ का मुकम्मल डिजिटल आर्किटेक्चर मिला था। 0️⃣4️⃣❗0️⃣7️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣|| ऋषि की घोर तपस्या और देवताओं का भय ||प्राचीन काल में हिमालय पर्वत की कंदराओं में एक परम प्रतापी ऋषि निवास करते थे। उन्होंने संसार के समस्त बंधनों का त्याग कर महादेव को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या प्रारंभ की। उनकी तपस्या का तेज इतना प्रबल था कि देवराज इंद्र घबरा गए। इंद्र को लगा कि ऋषि स्वर्ग का राज्य छीनना चाहते हैं। इंद्र स्वयं प्रकट हुए और ऋषि से वरदान मांगने को कहा, परंतु ऋषि ने शांत भाव से मना कर दिया और अपनी तपस्या में लीन रहे। तेज व कानफोडू आवाज में बज रहे डीजे से हो रहीं परेशानी के संबंध में

सुबह 10 बजे की बड़ी खबरें

➡लखनऊ, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का लखनऊ दौरा, आज लखनऊ में बैठक करेंगे नितिन नवीन, लोकसभा, राज्यसभा के सांसद बैठक में रहेंगे, वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में बुलाए गए हैं…

16 मई 2014 को जब ₹30,000 करोड़ के भारी-भरकम चुनावी खर्च के बाद नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता संभाली, तो उन्हें विरासत में कोई जर्जर ढांचा नहीं, बल्कि 2008 से तैयार नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और 2009 से शुरू हुआ ‘आधार’ का ₹13,000 करोड़ का मुकम्मल डिजिटल आर्किटेक्चर मिला था।

इस सजे-सजाए मंच पर बैठकर आज जो चेहरा चमकाया जा रहा है, उसका सच यह है कि 2026 तक देश का कुल कर्ज ₹55 लाख करोड़ से बढ़कर ₹198 लाख…

0️⃣4️⃣❗0️⃣7️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣|| ऋषि की घोर तपस्या और देवताओं का भय ||प्राचीन काल में हिमालय पर्वत की कंदराओं में एक परम प्रतापी ऋषि निवास करते थे। उन्होंने संसार के समस्त बंधनों का त्याग कर महादेव को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या प्रारंभ की। उनकी तपस्या का तेज इतना प्रबल था कि देवराज इंद्र घबरा गए। इंद्र को लगा कि ऋषि स्वर्ग का राज्य छीनना चाहते हैं। इंद्र स्वयं प्रकट हुए और ऋषि से वरदान मांगने को कहा, परंतु ऋषि ने शांत भाव से मना कर दिया और अपनी तपस्या में लीन रहे।

ऋषि ने दोबारा और कठिन तपस्या की। इस बार ब्रह्मा जी स्वयं उनके सम्मुख प्रकट हुए और उनसे मनोवांछित वरदान मांगने का आग्रह किया, लेकिन ऋषि ने फिर से किसी…

तेज व कानफोडू आवाज में बज रहे डीजे से हो रहीं परेशानी के संबंध में

सेवा मेंजिलाधिकारी/ पुलिस अधीक्षकजनपद बागपतविषय: तेज व कानफोडू आवाज में बज रहे डीजे से हो रहीं परेशानी के संबंध मेंमहोदय, आजकल गांव गांव में विवाह, जन्म दिन व अन्य समारोह…

परम पाखंड देखिए…**पैदा तुम बिना पंचांग देखे हुए थे, और श्मशान की आग भी कोई ‘शुभ घड़ी’ देखकर नहीं लगाई जाएगी।लेकिन इन दोनों के बीच की चंद दिनों की ज़िंदगी में ‘शुभ मुहूर्त’ का ऐसा ढोंग पाल रखा है कि बिना चौघड़िया देखे जैसे तुम्हारे कदम ही नहीं उठते!अगर तुम्हारे पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों में सचमुच इतना ही दम होता, तो क्या देश में भूख, बेरोज़गारी, अन्याय, बलात्कार और भ्रष्टाचार भी किसी ‘अशुभ काल’ का इंतज़ार करते?जब कोई गरीब बिना खाए सोता है या कोई युवा डिग्रियां लेकर ठोकरें खाता है, तब आसमान का कौन सा ग्रह अपनी चाल बिगाड़ता है?मूर्तियों में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नक्षत्र और घड़ियां ढूंढ़ने वालों! कभी अपने अंदर मर चुकी इंसानियत में प्राण फूंकने का भी कोई मुहूर्त निकाला है?असल ‘शुभ मुहूर्त’ तो उस दिन होगा, जब धर्म और आडंबर का चश्मा उतारकर किसी भूखे की थाली में रोटी रखोगे, चौराहे पर भीख मांगते बचपन के हाथ में किताब दोगे, और इंसान को कीड़ा समझना बंद करोगे।पत्थरों को पूजने के लिए पंचांग खंगालने वाली इस खोखली व्यवस्था को, ज़िंदा इंसानों की चीखें सुनने के लिए भी कोई शुभ समय निकालना चाहिए।दिमाग का जाला साफ करो! इस समाज की सड़ांध और तुम्हारी परेशानियां शनि-मंगल की चाल से नहीं, तुम्हारे खुद के निकम्मे और स्वार्थी कर्मों की देन हैं। पंचांग नहीं, अपनी सोच का शुद्धिकरण करो।#पाखंडछोड़ोसोचबदलो #कर्महीब्रह्मास्त्र #मानवताकामुहूर्त #कड़वासच

> परम पाखंड देखिए…**पैदा तुम बिना पंचांग देखे हुए थे, और श्मशान की आग भी कोई ‘शुभ घड़ी’ देखकर नहीं लगाई जाएगी।लेकिन इन दोनों के बीच की चंद दिनों की…

प्राचीन काल में भारत विश्वगुरु था। विश्वगुरु कौन था ? किसने विश्व को शिक्षाएँ दी ? किस गुरु की प्रतिमाएँ विश्व भर में स्थापित हुईं ?

विश्वगुरु कौन था ? किसकी शिक्षाएँ विश्व भर में अनूदित हुईं ? किसे विश्व भर में शिक्षा देने के लिए बुलाया गया ? जाहिर है कि वे बौद्ध थे ।…

जब मई 2014 में देश की बागडोर संभालने वाले नरेंद्र भाई ने संसद की चौखट पर सिर झुकाया था, तब किसे पता था कि कूटनीति के नाम पर देश के बजट का 2,500 करोड़ रुपये सिर्फ ईंधन और चार्टर्ड उड़ानों के धुएं में उड़ा दिया जाएगा।

इस देश ने वह दौर भी देखा है जब 2004 से 2014 के बीच डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने 10 साल के पूरे सेवाकाल में कुल 73 विदेशी यात्राएं की…

हो सकता है आपको यह लेख बुरा लगे और यह भी हो सकता है कि आप मेरे इस लेख से सहमत ना हो। लेकिन सच्चाई बदलने वाली नहीं है।

भाजपा के रहते ही भारत इस्लामिक बन जायेगा।यह बात भाजपाईयों और संघियों को हज़म नहीं होती। उन्हें लगता है।ऐसे कैसे बन जायेगा भारत इस्लामिक? सत्ता हमारी है, शक्ति हमारे पास…

चन्दा चोरी पर लगातार हो हल्ला मचा हुआ है। हमारा सवाल है

क्या सचमुच लोग चोरी रोकना चाहते हैं? अगर रोकना ही चाहते हैं तो अपनी-अपनी जाति-धर्म के चोरों का साथ क्यों दे रहे हैं? चोरों की बनायी हुई व्यवस्था का समर्थन…

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