नवनियुक्त साथियों के नाम पर्यावरण रक्षा का संकल्प

तंवर स्वच्छ पर्यावरण संस्था में जब नए साथी जुड़ते हैं, तो सिर्फ सदस्य संख्या नहीं बढ़ती, बल्कि धरती माँ की सेवा का संकल्प भी मजबूत होता है। मेरे द्वारा प्रेषित…

लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगी या लगवाई गई

कहीं बोर्ड पर एक तस्वीर देखी उसे पर लिखा था अगर मुंह ना खोलती तो आज मेरी सब्जी ना बंटी जिसने भी भाजपा सरकार के विरुद्ध मुंह खोल या जो…

साहित्यकार तेजपालसिंह धामा का हैदराबाद में सम्मान

खेकड़ा। खेकड़ा निवासी साहित्यकार तेजपालसिंह धामा का हैदराबाद में शॉल, श्रीफल एवं अन्य उपहार देकर सम्मान किया गया। यह सम्मान हैदराबाद में एमएनसी कंपनी फ्लाई गार्ड के परिसर में आयोजित…

समस्त निवासीगण/पक्षकारों से 27 जून को सुनवाई में प्रतिभाग करने की अपील

बागपत 24 जून 2026जनपद बागपत के संबंधित प्रकरण में यह अवगत कराया जाता है कि यद्यपि उक्त प्रकरण में पूर्व में विभिन्न स्तरों पर आवश्यक प्रशासनिक एवं राजस्व कार्यवाही संपादित…

क्या सोनम वांगचुक जी भारत छोड़ने वाले हैं?

सूत्रों के मुताबिक सोनम वांगचुक जी स्विट्जरलैंड के जेनेवा में पृथ्वी के भविष्य और जलवायु परिवर्तन पर होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इसके लिए…

लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 6 शव बरामद; कई छात्र झुलसे, राहत-बचाव कार्य जारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते…

चंदौसी के गोलघर निवासी 41 वर्षीय अनुभव अग्रवाल का शव संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के ग्राम आटा के एक होटल के बंद कमरे से संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

सुरजीत कश्यप, संभल। चंदौसी के गोलघर निवासी 41 वर्षीय अनुभव अग्रवाल का शव संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के ग्राम आटा के एक होटल के बंद कमरे से संदिग्ध…

नदी, प्रकृति और योग का अद्भुत संगम; यमुना पक्का घाट पर मना 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग से स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र का होगा निर्माण :माननीय राज्यमंत्री केपी मलिक जी यमुना किनारे योगमय हुआ बागपत, मानव श्रृंखला और पौधारोपण ने दिया पर्यावरण संरक्षण…

सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…”…

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