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परम पाखंड देखिए…**पैदा तुम बिना पंचांग देखे हुए थे, और श्मशान की आग भी कोई ‘शुभ घड़ी’ देखकर नहीं लगाई जाएगी।लेकिन इन दोनों के बीच की चंद दिनों की ज़िंदगी में ‘शुभ मुहूर्त’ का ऐसा ढोंग पाल रखा है कि बिना चौघड़िया देखे जैसे तुम्हारे कदम ही नहीं उठते!अगर तुम्हारे पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों में सचमुच इतना ही दम होता, तो क्या देश में भूख, बेरोज़गारी, अन्याय, बलात्कार और भ्रष्टाचार भी किसी ‘अशुभ काल’ का इंतज़ार करते?जब कोई गरीब बिना खाए सोता है या कोई युवा डिग्रियां लेकर ठोकरें खाता है, तब आसमान का कौन सा ग्रह अपनी चाल बिगाड़ता है?मूर्तियों में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नक्षत्र और घड़ियां ढूंढ़ने वालों! कभी अपने अंदर मर चुकी इंसानियत में प्राण फूंकने का भी कोई मुहूर्त निकाला है?असल ‘शुभ मुहूर्त’ तो उस दिन होगा, जब धर्म और आडंबर का चश्मा उतारकर किसी भूखे की थाली में रोटी रखोगे, चौराहे पर भीख मांगते बचपन के हाथ में किताब दोगे, और इंसान को कीड़ा समझना बंद करोगे।पत्थरों को पूजने के लिए पंचांग खंगालने वाली इस खोखली व्यवस्था को, ज़िंदा इंसानों की चीखें सुनने के लिए भी कोई शुभ समय निकालना चाहिए।दिमाग का जाला साफ करो! इस समाज की सड़ांध और तुम्हारी परेशानियां शनि-मंगल की चाल से नहीं, तुम्हारे खुद के निकम्मे और स्वार्थी कर्मों की देन हैं। पंचांग नहीं, अपनी सोच का शुद्धिकरण करो।#पाखंडछोड़ोसोचबदलो #कर्महीब्रह्मास्त्र #मानवताकामुहूर्त #कड़वासच प्राचीन काल में भारत विश्वगुरु था। विश्वगुरु कौन था ? किसने विश्व को शिक्षाएँ दी ? किस गुरु की प्रतिमाएँ विश्व भर में स्थापित हुईं ? जब मई 2014 में देश की बागडोर संभालने वाले नरेंद्र भाई ने संसद की चौखट पर सिर झुकाया था, तब किसे पता था कि कूटनीति के नाम पर देश के बजट का 2,500 करोड़ रुपये सिर्फ ईंधन और चार्टर्ड उड़ानों के धुएं में उड़ा दिया जाएगा। हो सकता है आपको यह लेख बुरा लगे और यह भी हो सकता है कि आप मेरे इस लेख से सहमत ना हो। लेकिन सच्चाई बदलने वाली नहीं है। चन्दा चोरी पर लगातार हो हल्ला मचा हुआ है। हमारा सवाल है

परम पाखंड देखिए…**पैदा तुम बिना पंचांग देखे हुए थे, और श्मशान की आग भी कोई ‘शुभ घड़ी’ देखकर नहीं लगाई जाएगी।लेकिन इन दोनों के बीच की चंद दिनों की ज़िंदगी में ‘शुभ मुहूर्त’ का ऐसा ढोंग पाल रखा है कि बिना चौघड़िया देखे जैसे तुम्हारे कदम ही नहीं उठते!अगर तुम्हारे पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों में सचमुच इतना ही दम होता, तो क्या देश में भूख, बेरोज़गारी, अन्याय, बलात्कार और भ्रष्टाचार भी किसी ‘अशुभ काल’ का इंतज़ार करते?जब कोई गरीब बिना खाए सोता है या कोई युवा डिग्रियां लेकर ठोकरें खाता है, तब आसमान का कौन सा ग्रह अपनी चाल बिगाड़ता है?मूर्तियों में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नक्षत्र और घड़ियां ढूंढ़ने वालों! कभी अपने अंदर मर चुकी इंसानियत में प्राण फूंकने का भी कोई मुहूर्त निकाला है?असल ‘शुभ मुहूर्त’ तो उस दिन होगा, जब धर्म और आडंबर का चश्मा उतारकर किसी भूखे की थाली में रोटी रखोगे, चौराहे पर भीख मांगते बचपन के हाथ में किताब दोगे, और इंसान को कीड़ा समझना बंद करोगे।पत्थरों को पूजने के लिए पंचांग खंगालने वाली इस खोखली व्यवस्था को, ज़िंदा इंसानों की चीखें सुनने के लिए भी कोई शुभ समय निकालना चाहिए।दिमाग का जाला साफ करो! इस समाज की सड़ांध और तुम्हारी परेशानियां शनि-मंगल की चाल से नहीं, तुम्हारे खुद के निकम्मे और स्वार्थी कर्मों की देन हैं। पंचांग नहीं, अपनी सोच का शुद्धिकरण करो।#पाखंडछोड़ोसोचबदलो #कर्महीब्रह्मास्त्र #मानवताकामुहूर्त #कड़वासच

परम पाखंड देखिए…**पैदा तुम बिना पंचांग देखे हुए थे, और श्मशान की आग भी कोई ‘शुभ घड़ी’ देखकर नहीं लगाई जाएगी।लेकिन इन दोनों के बीच की चंद दिनों की ज़िंदगी…

प्राचीन काल में भारत विश्वगुरु था। विश्वगुरु कौन था ? किसने विश्व को शिक्षाएँ दी ? किस गुरु की प्रतिमाएँ विश्व भर में स्थापित हुईं ?

विश्वगुरु कौन था ? किसकी शिक्षाएँ विश्व भर में अनूदित हुईं ? किसे विश्व भर में शिक्षा देने के लिए बुलाया गया ? जाहिर है कि वे बौद्ध थे ।…

जब मई 2014 में देश की बागडोर संभालने वाले नरेंद्र भाई ने संसद की चौखट पर सिर झुकाया था, तब किसे पता था कि कूटनीति के नाम पर देश के बजट का 2,500 करोड़ रुपये सिर्फ ईंधन और चार्टर्ड उड़ानों के धुएं में उड़ा दिया जाएगा।

इस देश ने वह दौर भी देखा है जब 2004 से 2014 के बीच डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने 10 साल के पूरे सेवाकाल में कुल 73 विदेशी यात्राएं की…

हो सकता है आपको यह लेख बुरा लगे और यह भी हो सकता है कि आप मेरे इस लेख से सहमत ना हो। लेकिन सच्चाई बदलने वाली नहीं है।

भाजपा के रहते ही भारत इस्लामिक बन जायेगा।यह बात भाजपाईयों और संघियों को हज़म नहीं होती। उन्हें लगता है।ऐसे कैसे बन जायेगा भारत इस्लामिक? सत्ता हमारी है, शक्ति हमारे पास…

चन्दा चोरी पर लगातार हो हल्ला मचा हुआ है। हमारा सवाल है

क्या सचमुच लोग चोरी रोकना चाहते हैं? अगर रोकना ही चाहते हैं तो अपनी-अपनी जाति-धर्म के चोरों का साथ क्यों दे रहे हैं? चोरों की बनायी हुई व्यवस्था का समर्थन…

दोस्तो श्रीराम मंदिर लूट की जानकारी पुलिस को पहले से ही पता थी तो मोदीजी योगीजी के दौरे से पहले ही देश की खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं तो क्या राममंदिर की इतनी बड़ी लूट हमारी एजेंसियों को पता ही नहीं चली इस पर शायद ही कोई विस्वास करेगादोस्तो राममंदिर की लूट तो देश की जनता नें देखी अगर हम BJP RSS की कार्यप्रणाली पर ध्यान दें तो 2014 से पहले ही सत्ता मैं आने की त्यारी हो चुकी थी और गोधरा अग्निकांड जिसमें उन्ही बोगियों को आग लगाई गई जिसमें श्रद्धालू थे उसके बाद गुजरात मैं नर संघार और 2014 मैं मोदीजी सत्ता मैं सत्ता मैं आते ही PACL को बन्द करके सम्पत्ति जो निवेशकों की थी जप्त कर ली उसके बाद सहारा कल्पतरू KBCL निमवस साइप्रसाद जैसी देश की अनेकों कम्पनियों को बन्द करके उनकी सम्पत्ति जप्त की गई इन्होंने और इनके कारपोरेट मित्रों नें अपनी ब्लैक मनी को सफेद बनाने के लिए नोटबंदी करी उसके बाद गौतम अडानी मुकेश अम्बानी को देश की तमाम सम्पत्तियों को ऑने पौने दामों मैं बेचा गया इसका भरपूर फायदा BJP RSS को मिला BJP RSS की माली हालत इसका प्रमाण है और अब राममंदिर मैं बड़ी लूट ऐसी लूट जो गजनवी मैं भो सोमनाथ मंदिर मैं नहीं की होगीदोस्तो अब जाकर चम्पत राय अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी जिम्मेदार मान लिया है लेकिन क्या बड़ी मछलियों को बचाने के लिए यह सब हो रहा है अब तो हिन्दुबादी संगठन अजीव तर्क दे रहे हैं हिन्दुओं का पैसा हिन्दू खा रहे हैं तो इनको बुरा क्यों लग रहा है इस हिसाब से तो राममंदिर के बाहर एक बैनर लगा देना चाहिए कि राममंदिर के पैसों सोना चांदी के जेवरात की चोरी हिन्दू कर सकते हैंदोस्तो अब जब BJP RSS नें देश की सम्पूर्ण व्यवस्था को तहस नहस कर दिया है और अब यह इसको ठीक भी नहीं कर सकतेलेकिन इनमें इतनी नैतिकता भी नहीं है कि सत्ता से बाहर हो जाएँदोस्तो इनको सत्ता से बाहर करने के लिए उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से कांग्रेस का आंदोलन तो शुरू होगा ही लेकिन कांग्रेस के आंदोलन की शुरुआत राहुल गाँधी को करनी चाहिए अगर राहुल गाँधी इस आंदोलन की शुरुआत करेंगे तो उनके साथ पुरी कांग्रेस पार्टी लग जाएगी और इस आंदोलन पर पैसा भी कांग्रेस पार्टी खर्च करेगी इस आंदोलन को हम कांग्रेस कार्यकर्ता भी सफल कर सकते हैं लेकिन हमें एक कार खरीदनी पड़ेगी और हमारे साथ आने मैं कांग्रेस नेता भी शर्माते हैंदोस्तो अब और नहीं BJP RSS को सत्ता से बाहर करने के लिए संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा कांग्रेस का आंदोलनइस आंदोलन की जानकारी 25 जुलाई को संभल कलेक्ट्रेट पर होने के बाद एक ज्ञापन जिलाधिकारी संभल के द्वारा राष्ट्रपति महोदया को के बाद दिया जायगाधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेसजिला संयोजकठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारसंभल8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

दोस्तो श्रीराम मंदिर लूट की जानकारी पुलिस को पहले से ही पता थी तो मोदीजी योगीजी के दौरे से पहले ही देश की खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं तो…

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