भाइयों, मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर रूह कांप जाए और इंसानियत का भरोसा उठ जावे।
पूरा माजरा समझो:
मोहतरमा दामिनी की शादी 7 साल पहले अतुल भाई से हुई थी। दोनों बढ़िया तरीके से मेरठ में एक प्ले स्कूल चला रहे थे। पति बेचारा सीधा-साधा, उसने अपने परिवार के सुनहरे भविष्य के लिए 20 लाख रुपये का बीमा (इंश्योरेंस) करवा रखा था और अपनी पत्नी दामिनी को ही उसका नॉमिनी बनाया था।
लालच और धोखे की हद:
पर दामिनी के दिमाग में तो कुछ और ही खिचड़ी पक रही थी। उसे अपने ही स्कूल के ड्राइवर से इश्क लड़ाने का भूत सवार हो गया। दोनों ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रची कि अगर अतुल रास्ते से हट जाए, तो बीमे के 20 लाख रुपये भी मिल जावेंगे और दोनों आराम से अपनी नई दुनिया बसा लेवेंगे।
रात का वो काला खेल:
प्लान के मुताबिक, प्रेमी कहीं से एक जहरीला कोबरा सांप खरीद लाया। रात को दामिनी ने अपने पति के दूध में नींद की गोलियां मिला दीं। जब अतुल गहरी नींद में सो गया, तो उसने अपने प्रेमी को घर बुला लिया और उस जहरीले कोबरा को अतुल के बिस्तर पर छोड़ दिया। वो सांप रात भर सोए हुए अतुल को डसता रहा, जिससे तड़प-तड़प कर उसकी जान चली गई।
कानून का डंडा:
पर कहते हैं ना कि पाप का घड़ा एक न एक दिन जरूर फूटे है! हमारी यूपी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मात्र एक घंटे के भीतर इस पूरे काले खेल का भंडाफोड़ कर दिया। दामिनी और उसके आशिक़ ड्राइवर, दोनों को धर-दबोचा और सीधा जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
सोचने वाली बात:
अब तो वाकई में ऐसा लगने लगा है कि समाज में जिस तरह के हालात बन रहे हैं, पुरुषों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी एक ‘पुरुष आयोग’ का गठन होना बहुत जरूरी हो गया है! जब रक्षक ही भक्षक बन जावे, तो इंसान जाए तो जाए कहाँ?