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उत्तर प्रदेश सरकार के ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ के उपलक्ष्य में विकासखंड खेकड़ा में भव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित

बागपत 24मार्च 2026उत्तर प्रदेश सरकार के सफलतम ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ पूर्ण होने के अवसर पर विकासखंड बड़ौत में एक एक दिवसीय भव्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया…

सात दिवसीय सिविल डिफेंस प्रशिक्षण का समापन: युवाओं ने सीखी आपदा के समय जीवन बचाने की तकनीक

भूकंप-बाढ़ या हादसा… कैसे करें तुरंत बचाव? बागपत में सिविल डिफेंस वॉलंटियर के रूप में प्रशिक्षित हुए युवा जब संकट आएगा, यही युवा बनेंगे सहारा: विशेषज्ञों से प्रशिक्षण पाकर तैयार…

बागपत 24 मार्च 2026 — आज नियंत्रक सिविल डिफेंस / जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बाबू कामता प्रसाद जैन महाविद्यालय में संचालित सात दिवसीय सिविल डिफेंस प्रशिक्षण के समापन समारोह में प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए एवं नागरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देकर स्वयंसेवा से समाज में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

बागपत 24 मार्च 2026 — आज नियंत्रक सिविल डिफेंस / जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बाबू कामता प्रसाद जैन महाविद्यालय में संचालित सात दिवसीय सिविल डिफेंस प्रशिक्षण के समापन समारोह में…

राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट सभागार में विश्व क्षय रोग दिवस टीवी मुक्त पंचायत सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें माननीय सांसद डॉक्टर राजकुमार सागवान व माननीय विधायक डॉ अजय कुमार ,भाजपा जिला अध्यक्ष नीरज शर्मा जिला अधिकारी अस्मिता लाल ने ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया एवं 100 दिवसीय विशेष अभियान कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया।

राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट सभागार में विश्व क्षय रोग दिवस टीवी मुक्त पंचायत सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें माननीय सांसद डॉक्टर राजकुमार…

देसी गुड़िया से देशभर में पहुंचेगी बागपत की कहानी

ज़ीरो वेस्ट के संकल्प के साथ जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में बागपत निरंतर आगे बढ़ रहा है। यहां की “नन्ही कली देसी डॉल” पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का…

उत्तर प्रदेश सरकार के ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ के उपलक्ष्य में विकासखंड बड़ौत में भव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित

बागपत 23 मार्च 2026उत्तर प्रदेश सरकार के सफलतम ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ पूर्ण होने के अवसर पर विकासखंड बड़ौत में एक एक दिवसीय भव्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन…

किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने हेतु HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ

बागपत 23 मार्च 2026 –किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जनपद में HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौत में किया…

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में खेकड़ा तहसील संपूर्ण समाधान दिवस हुआ संपन्न

जनसामान्य की शिकायतों का गुणवत्ता के साथ समय अंतर्गत करे निस्तारण सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रत्येक पात्र व्यक्ति हो लाभान्वित बागपत 23 मार्च 2026–प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप…

जिलाधिकारी ने हसनपुर मसूरी गांव में फार्मर रजिस्ट्री कार्य का किया सत्यापन

फार्मर रजिस्ट्री योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक किसान का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार कर उन्हें विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना सरकार का मुख्य उद्देश्य फार्मर रजिस्ट्री के…

बाढ़ नियंत्रण को मिला हरित समाधान, सुभानपुर में वृहद वृक्षारोपण अभियान

बागपत में बांस बनेगा बाढ़ से सुरक्षा का कवच बाढ़ नियंत्रण हेतु प्रकृति-आधारित दीर्घकालिक समाधान की दिशा में अभिनव पहल हरित पहल से बाढ़ पर प्रहार जिलाधिकारी ने शुरू किया…

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सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

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