Spread the love

योग से स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र का होगा निर्माण :माननीय राज्यमंत्री केपी मलिक जी

यमुना किनारे योगमय हुआ बागपत, मानव श्रृंखला और पौधारोपण ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

योग अपनाएं, रोग भगाएं; यमुना किनारे गूंजा योग से स्वस्थ और जीवंत रहने का मंत्र

बागपत, 21 जून2026–सुबह की पहली किरणें यमुना की लहरों पर चमक रही थीं। चारों ओर हरियाली, बहती नदी की शीतल बयार और प्रकृति की गोद में लोग एक साथ योग मुद्रा में थे। जैसे ही ओम् का स्वर वातावरण में गूंजा, यमुना पक्का घाट एक नई आत्मिक ऊर्जा का केंद्र बन गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बागपत ने नदी, प्रकृति और योग के अद्भुत संगम का साक्षी बनते हुए स्वस्थ भारत का सामूहिक संकल्प दोहराया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जनपद बागपत में यमुना पक्का घाट पर भव्य 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का आयोजन किया गया। यमुना नदी के शांत तट, प्राकृतिक वातावरण और उत्साहपूर्ण सहभागिता के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलन और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों एवं अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया। योग दिवस की थीम के अनुरूप योग, स्वस्थ जीवनशैली और प्रकृति के सहअस्तित्व को रेखांकित करते हुए उपस्थित लोगों ने हरित एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी लिया।

समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार में वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के माननीय राज्य मंत्री श्री केपी मलिक जी रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अस्मिता लाल, उप जिलाधिकारी ज्योति शर्मा, अमरचंद वर्मा ,एआरटीओ विपिन कुमार , वरिष्ठ कोषाधिकारी मनीष कुमार सिंह,सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संगठन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के पश्चिम बंगाल से प्रसारित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लाइव संबोधन का सामूहिक प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री के संदेश के माध्यम से योग को वैश्विक कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य और मानवता के साझा भविष्य से जोड़ने का आह्वान किया गया।

मुख्य अतिथि माननीय राज्यमंत्री केपी मलिक जी ने कहा कि योग भारत की उस प्राचीन विरासत का हिस्सा है जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था तब 177 देशों ने उसका समर्थन कर विश्व इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति और योग की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और कंप्यूटर आधारित जीवन में बढ़ती शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से बचने के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है। योग जीवन जीने की पद्धति है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन योग को अपने जीवन का हिस्सा बना ले तो स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में योग प्रशिक्षको के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। मात्र पांच वर्षीय बालक हर्ष कुमार की योग प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। कम आयु में उनके संतुलन, लचीलेपन और आत्मविश्वास ने सभी को प्रभावित किया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। योग प्रशिक्षक हर्ष गौरव एवं उनकी टीम ने उपस्थित लोगों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया। शिक्षिका सीमा चौहान ने योग आधारित प्रस्तुतियाँ दी।

योगाभ्यास के उपरांत प्रतिभागियों ने मानव श्रृंखला बनाकर योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल पर स्थापित सेल्फी प्वाइंट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने तस्वीरें खिंचवाकर इस विशेष अवसर को स्मरणीय बनाया।

जनपद के विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, ग्राम पंचायतों और विभिन्न संस्थानों में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। जगह-जगह सामूहिक योग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया इस अवसर पर योग अभ्यास योग गुरु हर्ष गौरव द्वारा किया गया इस अवसर पर 6 वर्ष के बच्चे हर्ष कुमार द्वारा भी योग की प्रस्तुति की गई दूसरी तरफ सहायक अध्यापिका योग शिक्षिका सीमा चौहान द्वारा भी योग की प्रस्तुतियों की गई ।

यमुना तट पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता का भी प्रेरक संदेश देकर संपन्न हुआ।

इस अवसर पर डॉक्टर अरविंद कुमार क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, सहित आयुष विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

sbobet88

×