जनपद बागपत के समाज के राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ आज ग्राम पुट्ठी में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
जनपद बागपत के समाज के राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ आज ग्राम पुट्ठी में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।इस बैठक में हमारे आदरणीय खाप चौधरीगण, थंबा…
आधी रात को जंगल में, सुभाष चंद कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी ने दिया धरना
बागपत/बड़ौत/गुराना, 5 जुलाई 2026 विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व सांसद प्रत्याशी सुभाष कश्यप का मध्यरात्रि धरना बागपत। जनपद बागपत में क्षेत्रीय समस्याओं और जनहित की मांगों को लेकर पूर्व सांसद…
मेरे सभी कश्यप समाज के भाइयों को सादर प्रणाम।आज हमारे कश्यप समाज की स्थिति बहुत गंभीर है। आए दिन हमारे अपनों के साथ अन्याय हो रहा है और हत्याएं तक हो रही हैं, लेकिन अफसोस की बात यह है कि भाजपा की ओर से पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।भाजपा ने हमें केवल वोट बैंक समझा है। चाहे वह नॉमिनेटेड मंत्री बनाने की बात हो या हालिया प्रदेश कार्यकारिणी की सूची, हर जगह हमारे समाज को दरकिनार किया गया है। क्या हमारा समाज सिर्फ गुलामी करने के लिए है?बिहार से आकर जो भी हमारे समाज की आवाज उठा रहा है, उसका साथ देना आज की ज़रूरत है। आज न सिर्फ मुकेश साहनी जी, बल्कि पूरा कश्यप समाज भाजपा की नीतियों के खिलाफ खड़ा है। अब समय आ गया है कि हम अपनी ताकत दिखाएं और भाजपा को साफ करने का संकल्प लें।जय जवान जय किसान जय संविधान
मेरे सभी कश्यप समाज के भाइयों को सादर प्रणाम।आज हमारे समाज की स्थिति बहुत गंभीर है। आए दिन हमारे अपनों के साथ अन्याय हो रहा है और हत्याएं तक हो…
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निस्तारण को 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत 30 जुलाई तक करें आवेदन,समाधान समारोह-2026 के तहत सुलह-समझौते से होगा विवादों का निस्तारण बागपत4 जुलाई 2026: माननीय मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशन में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के सुलह-समझौते के माध्यम से त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से समाधान समारोह-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली परिसर में विशेष लोक अदालत आयोजित होगी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बागपत की सचिव अंकिता सिंह ने बताया कि अभियान के तहत सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल होकर सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विशेष लोक अदालत से पूर्व राज्य, जिला, तालुका तथा उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण/समितियों के मध्यस्थता केंद्रों पर सुलह बैठकों का आयोजन किया जाएगा। पक्षकार इन बैठकों में ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भाग ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि समाधान समारोह-2026 में शामिल होने के इच्छुक पक्षकारों को सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से आवश्यक विवरण भरना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक पक्षकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बागपत कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सूचना विभाग बागपत
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निस्तारण को 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत 30 जुलाई तक करें आवेदन,समाधान समारोह-2026 के तहत सुलह-समझौते से होगा विवादों का निस्तारण…
देश राज्यों की बड़ी खबरें04/07/2026
1. RTI के दायरे से बाहर रहेगा राम मंदिर ट्रस्ट! केंद्रीय सूचना आयोग ने गृह मंत्रालय के ‘गोपनीय’ रखने के फैसले पर लगाई मुहर। 2. तृणमूल में जंग का रोचक…
सुबह 10 बजे की बड़ी खबरें
➡लखनऊ, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का लखनऊ दौरा, आज लखनऊ में बैठक करेंगे नितिन नवीन, लोकसभा, राज्यसभा के सांसद बैठक में रहेंगे, वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में बुलाए गए हैं…
16 मई 2014 को जब ₹30,000 करोड़ के भारी-भरकम चुनावी खर्च के बाद नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता संभाली, तो उन्हें विरासत में कोई जर्जर ढांचा नहीं, बल्कि 2008 से तैयार नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और 2009 से शुरू हुआ ‘आधार’ का ₹13,000 करोड़ का मुकम्मल डिजिटल आर्किटेक्चर मिला था।
इस सजे-सजाए मंच पर बैठकर आज जो चेहरा चमकाया जा रहा है, उसका सच यह है कि 2026 तक देश का कुल कर्ज ₹55 लाख करोड़ से बढ़कर ₹198 लाख…
0️⃣4️⃣❗0️⃣7️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣|| ऋषि की घोर तपस्या और देवताओं का भय ||प्राचीन काल में हिमालय पर्वत की कंदराओं में एक परम प्रतापी ऋषि निवास करते थे। उन्होंने संसार के समस्त बंधनों का त्याग कर महादेव को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या प्रारंभ की। उनकी तपस्या का तेज इतना प्रबल था कि देवराज इंद्र घबरा गए। इंद्र को लगा कि ऋषि स्वर्ग का राज्य छीनना चाहते हैं। इंद्र स्वयं प्रकट हुए और ऋषि से वरदान मांगने को कहा, परंतु ऋषि ने शांत भाव से मना कर दिया और अपनी तपस्या में लीन रहे।
ऋषि ने दोबारा और कठिन तपस्या की। इस बार ब्रह्मा जी स्वयं उनके सम्मुख प्रकट हुए और उनसे मनोवांछित वरदान मांगने का आग्रह किया, लेकिन ऋषि ने फिर से किसी…
तेज व कानफोडू आवाज में बज रहे डीजे से हो रहीं परेशानी के संबंध में
सेवा मेंजिलाधिकारी/ पुलिस अधीक्षकजनपद बागपतविषय: तेज व कानफोडू आवाज में बज रहे डीजे से हो रहीं परेशानी के संबंध मेंमहोदय, आजकल गांव गांव में विवाह, जन्म दिन व अन्य समारोह…
परम पाखंड देखिए…**पैदा तुम बिना पंचांग देखे हुए थे, और श्मशान की आग भी कोई ‘शुभ घड़ी’ देखकर नहीं लगाई जाएगी।लेकिन इन दोनों के बीच की चंद दिनों की ज़िंदगी में ‘शुभ मुहूर्त’ का ऐसा ढोंग पाल रखा है कि बिना चौघड़िया देखे जैसे तुम्हारे कदम ही नहीं उठते!अगर तुम्हारे पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों में सचमुच इतना ही दम होता, तो क्या देश में भूख, बेरोज़गारी, अन्याय, बलात्कार और भ्रष्टाचार भी किसी ‘अशुभ काल’ का इंतज़ार करते?जब कोई गरीब बिना खाए सोता है या कोई युवा डिग्रियां लेकर ठोकरें खाता है, तब आसमान का कौन सा ग्रह अपनी चाल बिगाड़ता है?मूर्तियों में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नक्षत्र और घड़ियां ढूंढ़ने वालों! कभी अपने अंदर मर चुकी इंसानियत में प्राण फूंकने का भी कोई मुहूर्त निकाला है?असल ‘शुभ मुहूर्त’ तो उस दिन होगा, जब धर्म और आडंबर का चश्मा उतारकर किसी भूखे की थाली में रोटी रखोगे, चौराहे पर भीख मांगते बचपन के हाथ में किताब दोगे, और इंसान को कीड़ा समझना बंद करोगे।पत्थरों को पूजने के लिए पंचांग खंगालने वाली इस खोखली व्यवस्था को, ज़िंदा इंसानों की चीखें सुनने के लिए भी कोई शुभ समय निकालना चाहिए।दिमाग का जाला साफ करो! इस समाज की सड़ांध और तुम्हारी परेशानियां शनि-मंगल की चाल से नहीं, तुम्हारे खुद के निकम्मे और स्वार्थी कर्मों की देन हैं। पंचांग नहीं, अपनी सोच का शुद्धिकरण करो।#पाखंडछोड़ोसोचबदलो #कर्महीब्रह्मास्त्र #मानवताकामुहूर्त #कड़वासच
> परम पाखंड देखिए…**पैदा तुम बिना पंचांग देखे हुए थे, और श्मशान की आग भी कोई ‘शुभ घड़ी’ देखकर नहीं लगाई जाएगी।लेकिन इन दोनों के बीच की चंद दिनों की…