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दिल्ली देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर बिजरौल कट पर 501 पौधों की बनाई गई पंचवटी वाटिका

वृक्षारोपण महायज्ञ में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

वृक्ष प्रकृति के अमूल्य उपहार हैं और इनके संरक्षण तथा संवर्धन से ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रदान किया जा सकता है

बागपत, 12 जुलाई 2026— उत्तर प्रदेश सरकार हरित प्रदेश की ओर अग्रसर है जिसके क्रम में उत्तर प्रदेश के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में आज पूरे उत्तर प्रदेश में आज 35 करोड़ वृक्षारोपण महायज्ञ कार्यक्रम है का जिसमें जनपद बागपत को भी 15 लाख पौधारोपण करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसके क्रम में आज जनपद बागपत के ग्राम बिजरौल में दिल्ली देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर बिजरौल कट पर आयोजित वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण जंतु उद्यान राज्य मंत्री श्री केपी मलिक जी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन आयुष विभाग के प्रमुख सचिव एवं जनपद नोडल अधिकारी श्री रंजन कुमार तथा जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने भी हवन-पूजन कर वृक्षारोपण महायज्ञ में सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया।
कार्यक्रम के दौरान वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री केपी मलिक जी ने बरगद का पौधा रोपित किया और उन्होंने कहा वृक्ष प्रकृति के अमूल्य उपहार हैं और इनके संरक्षण तथा संवर्धन से ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रदान किया जा सकता है।
वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से 501 पौधों की पंचवटी वाटिका की स्थापना को पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और जनजागरूकता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया है। वन पर्यावरण माननीय राज्य मंत्री ने कहा पंचवटी वाटिका पांच पवित्र एवं छायादार वृक्षों के समूह का प्रतीक है, जो भारतीय परंपरा में प्रकृति के संतुलन और जीवन के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है।

पंचवटी में सामान्यत पीपल, बरगद, बेल, अशोक और आंवला जैसे पांच महत्वपूर्ण वृक्षों का रोपण किया जाता है। ये वृक्ष पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता, औषधीय गुणों और मानसिक शांति के लिए विशेष महत्व रखते हैं। विभाग ने बताया कि पंचवटी की अवधारणा हमारे पौराणिक ग्रंथों में वर्णित पंचमहाभूत पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से प्रेरित है, जिनसे संपूर्ण सृष्टि की रचना मानी गई है।वाटिका केवल वृक्षों का समूह नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति श्रद्धा, संरक्षण और संतुलित जीवन शैली का प्रतीक है। मानव शरीर की पूर्णता जिस प्रकार पांच ज्ञानेन्द्रियों और पांच कर्मेन्द्रियों से मानी गई है, उसी प्रकार पंचवटी वाटिका को पर्यावरणीय पूर्णता का प्रतीक माना गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार आयुष विभाग प्रमुख सचिव जनपद नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने कहा कि पंचवटी की संरचना में आयुर्वेद, मनोविज्ञान, उद्यानिकी, वानिकी, वास्तुशास्त्र और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े गहन ज्ञान का समावेश है। इन वृक्षों से वातावरण शुद्ध होता है, भूमि की उर्वरता बढ़ती है, जैव विविधता को संरक्षण मिलता है तथा लोगों को प्राकृतिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह मुख्य वन संरक्षक मेरठ के एलांगो ,वन संरक्षक आदर्श सिंह, डीएफओ विनोद कुमार ,अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार ,जिला विकास अधिकारी ,वन क्षेत्र अधिकारी बागपत श्रवण कुमार ,बड़ौत सुनेद्र कुमार सहित आदि अधिकारी कर्मचारी , स्थानीय नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण महायज्ञ कार्यक्रम में सहभागिता कर सभी ने पौधारोपण किया ।

सूचना विभाग बागपत

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