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46 अल्ट्रासाउंड सेंटरों में लगेंगे एक्टिव ट्रेकर, यह मॉडल अपनाने वाला बागपत बनेगा प्रदेश का दूसरा जिला

लिंगानुपात सुधारने को बागपत प्रशासन का हाईटेक मिशन: अल्ट्रासाउंड सेंटर आएंगे डिजिटल निगरानी में

जिलाधिकारी अस्मिता लाल की सख्ती: मशीन कब चली, कितनी देर चली और कब बंद हुई, हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड

02 जून 2026 बागपत — बेटियों के सुरक्षित भविष्य, गिरते लिंगानुपात में सुधार और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बागपत जिला प्रशासन ने बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। आज जिला अस्पताल में में जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया पीसीपीएनडीटी (प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स एक्ट) बैठक में जिले के सभी 46 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में “एक्टिव ट्रेकर सिस्टम” लगाने का निर्णय लिया गया। इसके लागू होने के बाद प्रत्येक अल्ट्रासाउंड मशीन के ऑन-ऑफ होने, संचालन अवधि और उपयोग गतिविधियों की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी। इसके साथ ही बागपत, प्रदेश में यह व्यवस्था लागू करने वाला दूसरा जिला बन जाएगा।

जिला प्रशासन की यह पहल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को जमीनी स्तर पर तकनीकी मजबूती देगी। अब केवल दस्तावेजों और औचक निरीक्षणों पर निर्भर रहने के बजाय मशीनों की वास्तविक गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे निगरानी अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।

बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्पष्ट कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को संयुक्त रूप से सघन मॉनिटरिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि “बेटियों की सुरक्षा और सम्मान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाए।”

डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को निर्देश दिए कि जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रिकॉर्ड, फॉर्म-एफ और मशीन संचालन का नियमित सत्यापन कराया जाए। जिन सेंटरों में रिकॉर्ड और मशीन उपयोग में अंतर मिले, वहां तत्काल निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कई बार दस्तावेजों में सीमित उपयोग दर्शाया जाता है, जबकि मशीनों की वास्तविक गतिविधियां अलग होती हैं। एक्टिव ट्रेकर सिस्टम ऐसी अनियमितताओं की पहचान करने में मदद करेगा। एक्टिव ट्रेकर सिस्टम के माध्यम से मशीन कब चालू हुई, कितनी देर संचालित रही और कितनी बार उपयोग हुई, इसका पूरा डेटा निगरानी तंत्र में उपलब्ध रहेगा। इससे संदिग्ध समय पर मशीन संचालन, रिकॉर्ड में गड़बड़ी या बिना प्रविष्टि उपयोग जैसे मामलों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। इससे निरीक्षण व्यवस्था और अधिक वैज्ञानिक तथा डेटा आधारित बनेगी।

बैठक में डीएम ने बिना पंजीकरण संचालित मशीनों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। एसडीएम स्तर पर संयुक्त निरीक्षण टीमों के गठन, आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने और संदिग्ध मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही जिले के सभी सेंटरों की अपडेट डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट सामाजिक संतुलन और महिला सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने महिला समूहों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी नेटवर्क और ग्राम पंचायतों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए, ताकि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को और मजबूत किया जा सके।

यह पहल कई स्तरों पर प्रभावी साबित हो सकती है। भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर तकनीकी निगरानी मजबूत होगी। अल्ट्रासाउंड सेंटरों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। रिकॉर्ड प्रबंधन और फॉर्म-एफ अनुपालन अधिक प्रभावी होगा। निरीक्षण और कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक प्रमाण आधारित बनेगी। लिंगानुपात सुधारने के प्रयासों को गति मिलेगी। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को जमीनी मजबूती मिलेगी।

पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण का लिंग बताना, लिंग जांच का प्रचार करना, रिकॉर्ड में गड़बड़ी करना या बिना अनुमति मशीन संचालित करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में एफआईआर, पंजीकरण निरस्तीकरण, मशीन सीलिंग, जुर्माना और चिकित्सकीय लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई की जा सकती है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों के उल्लंघन पर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बागपत प्रशासन की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब शासन स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह मॉडल प्रभावी रूप से लागू होने से बागपत पीसीपीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन और बेटियों की सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के लिए मॉडल जिला बनकर उभरेगा।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनुराग , एसडीएम बागपत ज्योति शर्मा एसडीएम खेकड़ा मनीष यादव परियोजना निदेशक राहुल वर्मा ,पीसीपीएनडीटी सेल के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की टीम आदि उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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