विकसित भारत की नींव बनेंगे कौशलयुक्त युवा, बागपत में 4.70 लाख युवाओं को नई दिशा देने पर मंथन
नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. आई.वी. सुब्बाराव बोले- 2047 का विकसित भारत कौशल और नवाचार से बनेगा
डीएम अस्मिता लाल ने अधिकारियों को दिए निर्देश, उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार होंगे युवा
बागपत 02 जून 2026 — विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर उतारने की दिशा में बागपत अब राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार ने जिला स्तरीय कौशल विकास कार्यक्रम के पायलट प्रोजेक्ट के लिए देश के केवल दो जिलों में उत्तर प्रदेश के बागपत का भी चयन किया है। इसी कड़ी में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत मिशन में युवाओं की सहभागिता और कौशल आधारित विकास मॉडल को लेकर विशेष चिंतन बैठक आयोजित की गई। इस विशेष मॉडल हेतु बागपत का चयन देश के केवल दो जिलों में होना यह दर्शाता है कि यहां युवा क्षमता, सामाजिक ऊर्जा और विकास की संभावनाओं को गंभीरता से देखा जा रहा है।
बैठक में नीति आयोग से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. आई.वी. सुब्बाराव ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य जिलों के स्तर पर युवाओं को कौशल, तकनीक और अवसरों से जोड़कर ही यह सपना पूरा किया जा सकेगा। इस दौरान जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डॉ. सुब्बाराव 1979 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रह चुके हैं और वर्तमान में नीति आयोग से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार के रूप में विभिन्न विकास मॉडल पर कार्य कर रहे हैं। वे बागपत में इस पायलट परियोजना की संभावनाओं को समझने और सहयोगात्मक मॉडल विकसित करने के उद्देश्य से पहुंचे थे। बैठक में उन्होंने जिला प्रशासन, कौशल विकास विभाग, सेवायोजन, शिक्षा, उद्योग, युवा कल्याण, माय भारत और युवाओं से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर “कन्वर्जेंस मॉडल” विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती इन्फॉर्मेशन गैप है। बड़ी संख्या में युवाओं को यह जानकारी ही नहीं होती कि उनके लिए कौन-कौन सी योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल अवसर और रोजगार आधारित कोर्स उपलब्ध हैं। कई बार विभाग अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं, लेकिन युवाओं तक एकीकृत रूप से जानकारी नहीं पहुंच पाती। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि सभी विभाग मिलकर एक साझा प्लेटफॉर्म और समन्वित कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि यदि सही युवा तक सही समय पर सही अवसर पहुंचे, तो वही युवा विकसित भारत का परिवर्तन वाहक बन सकता है।
बैठक में चर्चा हुई कि बागपत में लगभग 4 लाख 70 हजार युवा आबादी हैं और यह युवा शक्ति जिले की सबसे बड़ी ताकत है। यहाँ के युवा सामाजिक क्षेत्र, नवाचार, खेलों, कृषि, कौशल, स्वरोजगार आदि क्षेत्र में योजनाओं का संबल पाकर आगे बढ़ रहे है और देशभर में नाम रोशन कर रहे है। यूपी सरकार से सम्मानित यूथ आइकॉन अमन कुमार के अनुसार बागपत के युवा विकसित भारत लक्ष्य से जुड़कर सरकार की योजनाओं को सफल बनाने के लिए उत्साही एवं तैयार है। पायलट प्रोजेक्ट में जनपद बागपत का चयन होना एक बड़ी उपलब्धि है जिसे युवा सक्रिय रूप से जुड़कर मिशन मोड में सफल बनाएंगे और बागपत को यह अवसर मिलने से हजारों युवा रोजगार और स्वरोजगार से जुड़कर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देंगें।
गांव, कस्बों, कॉलेजों, स्वयंसेवी संगठनों और युवा समूहों में ऐसे युवाओं को चिन्हित किया जाएगा जो स्थानीय स्तर पर अन्य युवाओं तक योजनाओं, कौशल कार्यक्रमों और रोजगार अवसरों की जानकारी पहुंचा सकें।
बैठक में यह चर्चा हुई कि अब समय केवल डिग्री आधारित शिक्षा का नहीं बल्कि “डिमांड ड्रिवन स्किलिंग” का है। युवाओं को वही प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए जिसकी वास्तविक आवश्यकता उद्योगों और रोजगार बाजार में है। इसके लिए जिले में संचालित उद्योगों, कंपनियों और रोजगार क्षेत्रों की जरूरतों का विस्तृत आकलन कर उसी अनुसार कोर्स और प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एग्री बिजनेस, तकनीकी सेवाएं, ई-कॉमर्स और स्वरोजगार आधारित कौशल को भविष्य की बड़ी संभावनाओं के रूप में चिन्हित किया गया। बागपत कृषि प्रधान क्षेत्र होने के साथ एनसीआर से भी जुड़ा हुआ है, ऐसे में यहां कौशल आधारित उद्योगों और युवा उद्यमिता के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
वर्तमान समय में शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती दूरी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बड़ी संख्या में युवा शिक्षित होने के बावजूद उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षित नहीं हैं। ऐसे में जिला स्तर पर “स्किल मैपिंग” कर युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक होगा। बैठक में तकनीकी ज्ञान आधारित शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा और नई तकनीकों के दौर में युवाओं को “फ्यूचर रेडी” बनाना जरूरी है। यदि गांव और छोटे शहरों के युवा तकनीकी रूप से दक्ष बनते हैं तो भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सकता है। निपुण भारत मिशन को भी विकसित भारत की बुनियाद बताया गया। बैठक में अपार कार्ड को लेकर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकसित भारत मिशन के अंतर्गत युवाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और विभागीय समन्वय को लेकर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। डीएम ने कहा कि जिले में ऐसा मॉडल विकसित किया जाए जिसमें प्रशासन, उद्योग, शिक्षण संस्थान आदि मिलकर काम करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगों की वास्तविक जरूरतों का सर्वे कराया जाए और उसी अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं। साथ ही ऐसे युवाओं की पहचान भी की जाए जो स्थानीय स्तर पर यूथ कैटलिस्ट के रूप में कार्य कर सकें। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विकसित भारत मिशन को जनभागीदारी आधारित अभियान के रूप में आगे बढ़ाना होगा। इसमें युवाओं की भूमिका केवल लाभार्थी की नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता की होगी। उन्हें नवाचार, तकनीकी सोच, स्टार्टअप संस्कृति और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना होगा। बागपत का राष्ट्रीय पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयन जिले के लिए बड़ी उपलब्धि होने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। यदि यहां प्रभावी मॉडल विकसित होता है तो भविष्य में इसे देश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी विपिन कुमार, जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सूचना विभाग बागपत
