Spread the love

मृतक चंद्रपाल कश्यप गांव हिलवाड़ी की बेटी को देश की सबसे मेहनती अच्छी 100 जिलाधिकारी में से एक, जिलाधिकारी जनपद बागपत श्रीमती अस्मिता लाल जी के द्वारा गोद में खिलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है

बागपत

बतादे कि मृतक चंद्रपाल कश्यप की हत्या गांव के ही कुछ दबंग किस्म के लड़कों ने मजदूरी के पैसे मांगने पर यानी कुलर ठीक करने के एवेज में ₹500 मांगने पर 25 में 2026 को गांव के तालाब पर बुलाकर पीट-पीट कर गार्डन तोड़कर हत्या कर दी थी ।

26 में 2026 को अंतिम संस्कार से पहले दुखी गमजदा लोगों ने अक्षरधाम दिल्ली देहरादून हाईवे पर चंद्र मिनट के लिए जाम लगा सा दिया था हालांकि पुलिस प्रशासन ने समय रहते स्थिति को संभाल सबको हाईवे से नीचे उतारा । लोग मृतक चंद्रपाल कश्यप के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे थे।

31 में 2026 रविवार के दिन जिलाधिकारी महोदय पुलिस अधीक्षक महोदय उप जिलाधिकारी महोदय क्षेत्राधिकार महोदय और तमाम पुलिस फोर्स माननीय मंत्री महोदय मंत्री केपी मलिक माननीय सांसद राजकुमार सांगवान जी के साथ गांव हिलवाड़ी में पहुंचे और परिवार को चंद्रपाल कश्यप के परिवार को ₹500000 की आर्थिक सहायता का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष से दिया।

इसी दौरान जिलाधिकारी महोदय जनपद बागपत अस्मिता लाल जी के द्वारा मृतक चंद्रपाल कश्यप की बेटी Divya Kashyap जो 6 महीने की है उसकी गोद में उठा लिया और काफी देर तक उसे दुलारती रही यह वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जागो कश्यप समाज जागो! अपनी सही पहचान, समाज को देगी महा-सम्मान!सभी उत्तर प्रदेश के कश्यप, निषाद और स्वजातीय बंधुओं को सूचित किया जाता है कि आने वाले जातीय जनगणना/सर्वेक्षण में हमारी एकजुटता और सही भागीदारी ही हमारे भविष्य की दिशा तय करेगी।**हमें क्या करना है?संवैधानिक दृष्टिकोण से अपने वास्तविक संख्या बल और सामूहिक राजनीतिक-सामाजिक शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए, सर्वेक्षण के समय अपनी जाति के कॉलम में *”कश्यप”* ही अंकित करवाएं!इसमें कौन-कौन शामिल हैं?कश्यप, कहार, धीवर आदि (जो वर्तमान में OBC की आधिकारिक सूची में हैं)।बाथम, रायकवार आदि (जो किसी भी सूची में दर्ज नहीं हैं)।⚠️ सावधान! एक छोटी सी भूल, बड़ा नुकसान कर सकती है:कुछ लोग अनजाने में या किसी भ्रम के कारण अनुसूचित जाति (SC) की मझवार”आदि श्रेणियों में अपना नाम दर्ज करा देते हैं। याद रखें, ऐसा करने से बाद में SC (अनुसूचित जाति) का जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाता है! इस भ्रम से दूर रहें और अपनी सही पहचान दर्ज कराएं!

sbobet88

×