Spread the love

बागपत 18 अप्रैल 2026 —-परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा अपने पत्र संख्या-565इन्फ/2026-62इन्फ/2021 (11), लउनऊः दिनांक 07-04-2026 के क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि जनपद-बागपत के समस्त डीलरों, मोटर गैराज एवं वर्कशॉप संचालकों को मोडिफाइड़ साइलेंसर, प्रेशर होर्न अथवा हूटर की बिक्री एवं स्थापना करने वाले, जो वाहनों से ध्वनि प्रदूषण करने हेतु जिम्मेदार हैं। उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनीयम 1988 की धारा 182ए (3) के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेग तथा धारा 182 ए (3) के तहस वर्कशॉप/गैराज संचालक पर रूपये 100000/- (शब्दों में एक लाख रूपये) प्रति संघटक जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता हैं। इस जुमनि के शमन की शक्ति उप परिवहन आयुक्त एवं उनसे उच्च अधिकारियों में निहित हैं।

जिन वाहन स्वामियों द्वारा अपने मोटरयान में पुर्जों की पच्च-फिटिंग के माध्यम से ऐसा परिवर्तन किया जाता हैं, तो उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (3) के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा 182(ए)4 के तहत सम्बन्धित वाहन स्वामी को ऐसी अवधि के कारावास से जो छः माह तक की हो सकेगी, अथवा ऐसे प्रत्येक परिवर्तन के लिए पाँच हजार रूपये तक के जुमनि से अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता हैं। जो कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान में ऐसा मोटरयान चलाएगा, अथवा चलाने देगा जिससे सड़क सरक्षा, शोर नियंत्रण एवं वायु प्रदूषण के सम्बन्ध में विहित मानकों का उल्लंघन होता हैं उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (3) के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। दारा 190(2) के तहत सम्बन्धित व्यक्ति प्रथम अपराध के लिए तीन माह तक के कारावास अथवा 10000/- (शब्दों में-दस हजार रूपये) तक के जुमनि अथवा दोनों से दंडनीय होगा और तीन माह की अवधि के लिए अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) धारण करने हेतु निरर्हित हो जायेगा।

उक्त से स्पष्ट हैं कि जो वाहन चला रहा हैं या चलवा रहा हैं उक्त जुर्मान के साथ-साथ उसका ड्राइविंग लाइसेंस 03 माह के लिए अयोग्य (Disqualified) कर दिया जायेगा। जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर/ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण लगे पाए जाते हैं तथा जिनका चालान किया गया हैं, उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 53(1) के अन्तर्गत पंजीयन प्रमाण-पत्र (आर.सी.) के निलम्बन की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जायेगी।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने जनपद बागपत के समस्त वाहन स्वामियों से अनुरोध किया है कि मोडिफाइड़ साइलेन्सर, प्रेशर हार्न, हुटर इत्यादि को अपने वाहनों पर न लगाये। अन्यथा उनके विरूद्ध उचित कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

sbobet88

×