किसी भी किमत पर अति पिछड़े और महा दलितो पर अत्याचार बर्दाश्त नही करेगी समाजिक न्याय पार्टी जनादेश राजेश तुरैहा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सामाजिक न्याय पार्टी जनादेश आज जिला बागपत के गांव ब्राह्मण पुठी मेकार्यकर्ताओ और समाज के जिम्मेदार लोगो के बीच पहुंच कर कही बात बागपत जिले मे समाज को राजनितिकपाठशाला लगाकर लीडर तैयार करेगे बिना राजनितिक के किसी समाज को हक अधिकार नही 20 अप्रेल को उत्पीड़न शोषण अत्याचार के खिलाफ बागपत एसपी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शनराजेश तुरैहा: राष्ट्रीय उपाध्यक्षआज के कार्यक्रम मे जिला अध्यक्ष राहुल कश्यपयुवा मोर्चा अध्यक्ष शोकेन्दर कश्यपमेरठ प्रभारी आनंद कश्यपप्रदेश प्रभारी नीरज चरौली निवादा मुजफ्फरनगर

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Bysubhashchand4

Apr 18, 2026
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किसी भी किमत पर अति पिछड़े और महा दलितो पर अत्याचार बर्दाश्त नही करेगी समाजिक न्याय पार्टी जनादेश राजेश तुरैहा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सामाजिक न्याय पार्टी जनादेश आज जिला बागपत के गांव ब्राह्मण पुठी मे
कार्यकर्ताओ और समाज के जिम्मेदार लोगो के बीच पहुंच कर कही बात बागपत जिले मे समाज को राजनितिक
पाठशाला लगाकर लीडर तैयार करेगे बिना राजनितिक के किसी समाज को हक अधिकार नही 20/ अप्रेल को उत्पीड़न शोषण अत्याचार के खिलाफ बागपत एसपी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन
राजेश तुरैहा: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
आज के कार्यक्रम मे जिला अध्यक्ष राहुल कश्यप
युवा मोर्चा अध्यक्ष शोकेन्दर कश्यप
मेरठ प्रभारी आनंद कश्यप
प्रदेश प्रभारी नीरज चरौली निवादा मुजफ्फरनगर

किसी भी किमत पर अति पिछड़े और महा दलितो पर अत्याचार बर्दाश्त नही करेगी समाजिक न्याय पार्टी जनादेश राजेश तुरैहा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष SNP आज जिला बागपत के गांव ब्राह्मण पुठी मे कार्य कर्ताओ और समाज के जिम्मेदार लोगो के बीच पहुंच कर कही आगे कहा बागपत जिले मे समाज को राजनितिक पाठ साला लगाकर लिडर तैयार करेगे बिना राजनितिक के किसी समाज को हक अधिकार नही 20/ अप्रेल को उत्पीड़न शोषण अत्याचार के खिलाफ बागपत एसपी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन

आज के कार्यक्रम मे जिला अध्यक्ष राहुल कश्यप युवा मोर्चा अध्यक्ष शोकेन्दर कश्यप जिला प्रभारी आनंद कश्यप पदेश प्रभारी निरज चरोली

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सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

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