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बड़ौत ::- बड़ौत नगर तहसील स्थित तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत निजी कर्मचारी प्रमोद कुमार को शुक्रवार को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कर्मचारी शिकायतकर्ता से शेष रकम ले रहा था। जीवाना गांव निवासी सोनू ने बताया कि उसने पिछोकरा गांव में करीब चार बीघा जमीन तीन साल पहले खरीदी थी। जमीन की दाखिल खारिज कराने के लिए वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन काम नहीं हो रहा था। आरोप है कि इसी दौरान तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत निजी कर्मचारी प्रमोद कुमार ने दाखिल खारिज कराने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित पहले ही पांच हजार रुपये दे चुका था, जबकि शेष 10 हजार रुपये लेते समय एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। पीड़ित सोनू ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की थी। टीम ने पूरी योजना बनाकर आरोपी को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी लंबे समय से कार्यालय में सक्रिय था और अन्य लोगों से भी अवैध वसूली की आशंका जताई जा रही है। एंटी करप्शन टीम अब इस पहलू की भी जांच कर रही है।

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अंकित बालियान की दोना फैक्ट्री है। अंकित बालियान ने अपनी इस फैक्ट्री में बीते दो वर्षों 13 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा हुआ था। अंकित बालियान इन मजदूरों को बुरी तरह टॉर्चर करता था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने इन मजदूरों को आज़ाद कराया है। जानकारी के मुताबिक़ अंकित ने फैक्ट्री में पिटबुल डॉग खुले छोड़े हुए थे। पिटबुल्स के डर से कोई भी मजदूर बंधन से निकलने की हिम्मत नही कर पाता था। अंकित ने मजदूरों पर कैसा-कैसा जुल्म किया है, इसकी गवाही मजदूरों के शरीर पर पड़े चोट के निशान दे रहे हैं। किसी के शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे तो किसी को पीट-पीटकर हाथ-पांव सुजा दिये गये थे।

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