रेडियम बेल्ट से पशु दुर्घटनाओं पर लगेगी रोक, प्रशासन ने शुरू की नई पहल
डीएम–एसपी ने वितरित किए हेलमेट, रेडियम बेल्ट और दिलाई जीवन बचाने की शपथ
स्मार्ट बागपत की दिशा में बढ़ रहा बागपत, प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक लाइट सिस्टम
नियम मानेंगे, जीवन बचाएंगे: सड़क सुरक्षा की सामूहिक शपथ से नई चेतना को बढ़ावा
बागपत, 01 जनवरी 2026 — नववर्ष के प्रथम दिन जनपद बागपत में सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल की शुरुआत हुई। सड़क सुरक्षा जागरूकता माह के शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल एवं पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का आयोजन शहर के प्रमुख वंदना चौक पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में नागरिक, वाहन चालक, छात्र-छात्राएं एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
शुभारंभ के दौरान जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति होती हैं। उन्होंने बताया कि अधिकतर दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही—जैसे बिना हेलमेट वाहन चलाना, तेज गति, यातायात नियमों की अनदेखी—के कारण होती हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति नियमों का पालन करने का संकल्प ले, तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनाना है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा पूरे माह जनपद के विभिन्न चौराहों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसमें हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, नशे की हालत में वाहन न चलाने, ओवरस्पीडिंग से बचने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम की एक विशेष पहल के रूप में महिलाओं को पिंक हेलमेट वितरित किए गए। पिंक हेलमेट पाकर महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी। कई महिलाओं ने इसे एक सकारात्मक और प्रेरक कदम बताते हुए कहा कि इससे न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि समाज में हेलमेट पहनने के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित होगी।
वंदना चौक पर बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहे बाइक सवारों को मौके पर ही हेलमेट प्रदान किए गए। प्रशासन और पुलिस द्वारा यह कदम दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सुधारात्मक दृष्टिकोण का उदाहरण बना। अधिकारियों ने वाहन चालकों को समझाया कि हेलमेट जीवन रक्षक कवच है। कई बाइक सवारों ने मौके पर ही हेलमेट पहनकर यातायात नियमों का पालन करने की शपथ ली।
इस अवसर पर सड़क सुरक्षा को एक व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए पशु कल्याण स्वयंसेवकों को रेडिएटर युक्त बेल्ट वितरित की गईं। इन बेल्टों का उपयोग निराश्रित और सड़क किनारे विचरण करने वाले पशुओं को पहनाने के लिए किया जाएगा, जिससे रात्रि के समय तेज रोशनी पड़ते ही ये पशु दूर से ही वाहन चालकों को स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। अधिकारियों ने बताया कि यह रेडियम बेल्ट की पहल निराश्रित बेजुबान पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। एनिमल वेलफेयर वॉलंटियर अमन कुमार, गुलफ़्सा, कपिल कुमार, शादाब अली, आदित्य दीक्षित को रेडियम बेल्ट प्रदान की गई। यह पहल सड़क सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों उद्देश्यों को एक साथ साधने वाला अभिनव प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली। शपथ में यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने, दूसरों को भी जागरूक करने और सड़क पर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जनपद भर में विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इनमें स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और बैनर के माध्यम से संदेश प्रसार, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता वाहन के माध्यम से प्रचार और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई शामिल है। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां सुधारात्मक कार्य भी किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि सड़क सुरक्षा किसी एक दिन या एक माह का विषय नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि नववर्ष की यह शुरुआत एक संकल्प के रूप में ली जानी चाहिए कि हम स्वयं सुरक्षित रहेंगे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखेंगे। साथ ही आमजन से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और नियमों का पालन कर एक सुरक्षित बागपत के निर्माण में भागीदार बनें। इस दौरान मौजूद माय भारत स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
जीवन रक्षा का संकल्प निभाए, सड़क सुरक्षा नियम अपनाए: वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, मोबाइल फोन का उपयोग न करना, नशे की हालत में वाहन न चलाना, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देना तथा ट्रैफिक सिग्नल का पूर्ण रूप से पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इन नियमों का पालन कर ही एक जिम्मेदार और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।
सड़क सुरक्षा के इसी दीर्घकालिक दृष्टिकोण को साकार करने के लिए अब जनपद के प्रमुख चौराहों पर आधुनिक ट्रैफिक लाइट सिस्टम स्थापित किए गए हैं। ट्रैफिक लाइट सिस्टम से न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। यह व्यवस्था जनपद को स्मार्ट सिटी की अवधारणा से जोड़ने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि सड़क सुरक्षा का अर्थ केवल स्वयं सुरक्षित रहना नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन की रक्षा करना भी है। एक जागरूक नागरिक वही है जो नियमों का पालन स्वयं करे और दूसरों को भी प्रेरित करे। प्रशासन ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सहभागी बनें और बागपत को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्मार्ट जनपद बनाने की दिशा में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण चौहान, सीओ विजय चौधरी, जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी, अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
सूचना विभाग बागपत