प्रशासन ने निगरानी और सख्ती के साथ उठाया कदम… 10करोड़ पहुंचे किसानों के खाते में
गन्ना किसानों का हक सर्वोपरि: जिलाधिकारी की सख्ती और सक्रिय निगरानी ने किसानों को दिलाई राहत
बागपत, 2 जनवरी2026— जनपद बागपत में गन्ना किसानों के हितों को लेकर जिला प्रशासन की सक्रिय, संतुलित और जवाबदेह कार्यप्रणाली एक बार फिर सामने आई है। जिलाधिकारी बागपत श्रीमती अस्मिता लाल के स्पष्ट निर्देशों, निरंतर निगरानी और शासन की मंशा के अनुरूप ठोस कार्रवाई के परिणामस्वरूप मलकपुर चीनी मिल द्वारा मंगलवार को किसानों को 10करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया। लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों के लिए यह कदम निश्चित रूप से राहत लेकर आया है, वहीं प्रशासन की भूमिका ने सुशासन की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत की है।
गन्ना मूल्य भुगतान में विलंब को लेकर किसानों की शिकायतें लगातार प्रशासन के संज्ञान में आ रही थीं। गन्ना किसानों के सामने खेती की लागत, मजदूरी, परिवहन और पारिवारिक खर्चों का दबाव बढ़ता जा रहा था। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने आरंभ से ही यह स्पष्ट कर दिया कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने चीनी मिल स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत समीक्षा कराई। उन्होंने चीनी मिल में उपलब्ध चीनी, शीरा, बगास एवं प्रेसमड जैसे उप-उत्पादों को किसानों के बकाया भुगतान से सीधे जोड़ते हुए शासन द्वारा जारी टैगिंग आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि इन उत्पादों की बिक्री से प्राप्त होने वाली कुल धनराशि का न्यूनतम 85 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से गन्ना मूल्य मद में ही उपयोग किया जाए।
यह निर्णय केवल आदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने सख्त निगरानी व्यवस्था भी लागू की। जिला गन्ना अधिकारी के माध्यम से चीनी मिल के स्टॉक, उसकी बिक्री और प्राप्त धनराशि पर लगातार नजर रखी गई। साप्ताहिक रिपोर्ट तलब कर यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या टालमटोल न हो। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि चीनी मिल के पास उपलब्ध संसाधनों पर पहला अधिकार गन्ना किसानों का है और भुगतान के बाद ही अन्य व्यावसायिक दायित्वों पर विचार किया जाएगा।
निरंतर निगरानी और स्पष्ट संदेश के चलते चीनी मिल प्रबंधन पर सकारात्मक दबाव बना। सोमवार को जिलाधिकारी ने चीनी मिल के अध्यासी को अपने कार्यालय में तलब कर भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। बैठक के उपरांत मलकपुर चीनी मिल के कामर्शियल उप महाप्रबंधक श्री विजय कुमार जैन 10करोड़ रुपये का बैंक चेक लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रशासन की उपस्थिति में इस राशि को गन्ना मूल्य मद में भुगतान हेतु जारी किया गया। किसानो का भुगतान 10करोडरुपए का किया गया शेष भुगतान के प्रति भी जिला अधिकारी अस्मिता लाल गंभीर हैं उन्होंने बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया है कि जल्द से जल्द किसानों का गन्ना भुगतान होना चाहिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी मलकपुर मिल अब लगातार भुगतान कर रहा है जो किसानों को कुछ राहत मिल रही है जिलाधिकारी की यह भी निर्देश है कि जल्द से जल्द शत प्रतिशत गन्ना भुगतान होना चाहिए।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि किया गया भुगतान सराहनीय है, लेकिन किसानों के कुल बकाये की तुलना में यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने चीनी मिल प्रबंधन को निर्देशित किया कि शीघ्र ही ऋण स्वीकृत कराकर शेष राशि का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भुगतान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसानों को उनका हक दिलाने के लिए प्रशासन हर आवश्यक वैधानिक कदम उठाएगा।
सरकार की नीतियों से मिला संबल: गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025-26 पेराई सत्र के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। इसके तहत अगैती प्रजाति का गन्ना मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का ₹390 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना किसानों को लगभग ₹3000 करोड़ का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। राज्य सरकार की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कार्रवाई और सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में वृद्धि—दोनों मिलकर किसानों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं।
सूचना विभाग बागपत