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मेहनत योग्यता व कार्यकुशलता के दम पर कार्य करने वाले जीआरपी थानाप्रभारी कमल किशोर

तस्लीम बेनकाब मुज़फ्फरनगर।एक बार फिर आला अधिकारियों ने विश्वास जताते हुए जीआरपी रेलवे थाना प्रभारी की कमान कमल किशोर को सौंपी है।विदित हो की कमल किशोर बिजनौर मुरादाबाद वे अन्य…

जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

हर बच्चे तक पहुंचे बेहतर शिक्षा और अवसर, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए 61 विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश बच्चों को मिले…

गणेश पुजाअद्भुत आविष्कार सिर्फ भारत के ब्राह्मणों द्वारा किया जाता रहा है जो एक भी वैज्ञानिक पैदा नहीं होने दिया भारत क्योंकि पाखंड प्रपंच का बाजार बनाना तो यहां के यहूदी नस्ल के यूरेशियन ब्राह्मणों से सीखे ,गणेश की उत्पति की अदभुत अवतार शिवपुराण में लिखा हुआ है सर हाथी का धर आदमी का बना दिया गया हैशिव को तीनों त्रिलोक का स्वामी बताया गया हैअंतर्यामी त्रिकालदर्शी त्रिदेव त्रिपुरारी त्रिनेत्रधारी त्रिभुवनधारी बहुत से नामों से ब्राह्मणों ने शिवपुराण में लिखा है फिर भी अंतर्यामी जी शिव ने अपने पुत्र गणेश को नहीं पहचान पाए और दोनों बाप बेटा में मल्लयुद्ध करवा दिया शिव पूरण के द्वारा फिर शिव ने गुस्से में गणेश को अपने त्रिशूल से गणेश की गर्दन उड़ा दिएइतनी बड़ी युद्ध हो गया और पार्वती नहा रही थी जगतजननी निश्चिंत हो कर स्नान कर रही थीं फिर भी उसे इस युद्ध की तनिक आभास नहीं हो सकी गजब की वर्णन किया है ब्राह्मणों ने शिव पूरण मेंआश्चर्य दिखाए त्रिशूल से हत्या तो हो सकता है लेकिन त्रिशूल से गर्दन रेत कर अलग नहीं किया जा सकता है जबकि शिव को त्रिशूलधारी भी कहा गया है उनके हाथ में तलवार कभी किसी फोटो या मूर्ति में किसी ने नहीं देखा है ये मंद बुद्धि ब्राह्मणों की चतुराई धूर्तताई झूठ समझ में आती है इतना ही नहीं शिवपुराण में लिखा है पार्वती देखी तो शिव से बोली भगवन अनर्थ हो गया अपने अपने पुत्र की हत्या कर दिया है प्रायश्चित में इसे जीवित करने होंगे सुबह सुबह जो भी मिले उसके सर को काट कर लगा देंगे तो जीवित हो जाएगा आदमी के धर के ऊपर हाथी का सर कैसे एडजस्ट हो सकता है यह भी अद्भुत किया ब्राह्मणों ने गजब की रचना कर दियागणेश की पूजा सबसे पहले करवाया जाता है गजबफर्जी जब शिव नहीं पहचान नहीं पाए अपने ही पुत्र की उसकी अंतर्यामी नहीं हो सकता है*ब्राह्मणों की साजिश द्वारा रचना किया गया है भगवान हैंपार्वती के मैल से पैदा बताया गया है गणेश को पेट से पैदा नहीं हुए हैं यह भी साजिश है शिक्षित होता जाएगा साजिश का पर्दाफाश होता जाएगा जय निषाद जय सम्राट अशोक जय भारत साहब आनंद निषाद जी का विचारधारा है सुरेश निषाद के कलम से

गणेश पुजाअद्भुत आविष्कार सिर्फ भारत के ब्राह्मणों द्वारा किया जाता रहा है जो एक भी वैज्ञानिक पैदा नहीं होने दिया भारत क्योंकि पाखंड प्रपंच का बाजार बनाना तो यहां के…

बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में विधान परिषद निर्वाचन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई आयोजित

मतदेय स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएँ हों सुनिश्चित, पुनरीक्षण प्रक्रिया से पहले तय होंगे मतदान केंद्र निर्वाचन आयोग के मानक अनुसार 16 किमी से अधिक नहीं होगी मतदाता की मतदान…

लोक सेवक अपना कार्य व्यवहार सुधारें अन्यथा उनकी सेहत के लिए अच्छा नहीं होगा : श्यामलाल

रमेश निषाद के नेतृत्व में मधुबन में हुआ मोस्ट शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम फलजीत निषाद मोस्ट प्रचारक और राहुल कश्यप का मोस्ट आईटी के लिए हुआ चयन सुलतानपुर। आज दिनांक 23-08-2025…

यूपी में चार आईपीएस अफसरों के तबादले, केशव कुमार चौधरी अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद बने

लखनऊ ::- यूपी में चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। आईपीएस केशव कुमार चौधरी गाजियाबाद कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त बनें। आईपीएस विजय सिंह मीना को सीतापुर…

वीर एकलव्य की गुरु के प्रति निष्ठा परखने/जांचने/प्रदर्शित/चेक करने के लिए सच्चे शिष्य वीर एकलव्य से गुरु द्रोणाचार्य ने अंगूठा मांग लिया!इस टेस्ट/परीक्षण/जांच में वीर एकलव्य खरे उतरे और अपना अंगूठा गुरु द्रोणाचार्य के चरणों में अर्पित कर दिया! तो गुरु द्रोणाचार्य को वीर एकलव्य की निष्ठा से खुश होकर उनके अंगूठे को सर्जरी द्वारा जोड़ देना चाहिए था मगर ऐसा नहीं हुआ!

जबकि गुस्से में शिवजी गणेश जी को पहचान ही नहीं पाए कि श्री गणेश उनके पुत्र हैँ और उन्होंने गुस्से में गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया…

विरप्पन गोंड ने 17 वर्ष की उम्र में जंगलों में अपनी हकूमत कायम कर वहाँ आसपास के मनुवादी शासन-प्रशासन में भय पैदा कर दिया था। श्रीनिवासन ब्राह्मण ने विरप्पन की बहन को प्यार के झांसे में रखकर व गर्भवती बना कर शादी से इन्कार कर दिया तो विरप्पन गोंड ने श्रीनिवासन की हत्या कर और टुकडे-

विरप्पन गोंड ने 17 वर्ष की उम्र में जंगलों में अपनी हकूमत कायम कर वहाँ आसपास के मनुवादी शासन-प्रशासन में भय पैदा कर दिया था। श्रीनिवासन ब्राह्मण ने विरप्पन की…

विरप्पन गोंड ने 17 वर्ष की उम्र में जंगलों में अपनी हकूमत कायम कर वहाँ आसपास के मनुवादी शासन-प्रशासन में भय पैदा कर दिया था। श्रीनिवासन ब्राह्मण ने विरप्पन की बहन को प्यार के झांसे में रखकर व गर्भवती बना कर शादी से इन्कार कर दिया तो विरप्पन गोंड ने श्रीनिवासन की हत्या कर और टुकडे-टुकडे कर मछलियों को खिला दिया था। विरप्पन-गोंडर के प्रभाव के कारण ही वहाँ के आदिवासियों को अत्याचार, बलात्कार, हत्या व शोषण से मुक्ति मिल गयी थी और उन्हें मजदूरी का पूरा पैसा मिलने लगा था, जो मनुवादी शासन-प्रशासन नहीं चाहता था कि आदिवासियों की आर्थिक हालात में फायदा हो।.फिल्म अभिनेता राजकुमार का अपहरण करने के बाद विरप्पन गोंड ने सरकार के सामने राज्य की दस प्रमुख समस्या रखी और मांगे पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।मांगे निम्नलिखित थीं ।.1- कावेरी पानी का विवाद जबतक हल नहीं होता तबतक कर्नाटक सरकार तमिलनाडु के लिये प्रतिमाह 250TMC पानी दे।.2- सन 1991 में भडके कावेरी-पानी विवाद में जो तमिल पुलिस फायरिंग में मारे गये थे, उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जावे।.3- स्पेशल टास्क फोर्स की ज्यादतियों की जांच करने वाले सदाशिव-आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ज्यादतियों से पीडित आदिवासियों को प्रति व्यक्ति 10 से 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जावे।.4- टाडा के तहत बन्द 51 आदिवासी कैदियों को फौरन रिहा किया जावे। क्योंकि पुलिस ने अपनी नाकामी की वजह से निर्दोष आदिवासियों को टाडा के तहत बंद कर दिया गया है।5- पुलिस ज्यादतियों में मारे गये 9 अनुसूचित व जनजाति के लोगों को उचित मुआवजा दिया जावे।.6- नीलगीरि की पहाडियों पर चायपत्ती तौडने वाले मजदूरों को प्रति एक किलाग्राम चसय पत्ती पर 15 रुपए दिये जाए ।.7- तमिल कवि और समाज सुधारक थिरुवेल्लुर की प्रतीमा बंगलौर में लगाई जावे.8- तमिल-नेशनल-लिब्रेशन आर्मी के तमिलनाडु जेल में बंद पांच लोगों को रिहा किया जाए।.9- कर्नाटक सरकार तमिल-भाषा को अतिरिक्त राजभाषा का दर्जा दे।.10- मजदूरों की मजदूरी बढाई जाए ।.आदिवासी विरप्पन गोंड को पकडने के लिये सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स बनाई! मगर 150 बेकसूर अनुसूचित व जनजाति के लोगों के हत्यारे रणवीर सेना व उसके मुखिया पर मनुवादी सरकार व मीडिया ने कभी-भी हायतौबा नहीं मचाई । जबकि विरप्पन गोंड ने किसी आदिवासी व अनुसूचित जाति के लोगों की हत्या नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की, जो मनुवादी उन्हें पकडने व मारने आये थे और उन मनुवादियों की हत्या की जो अत्याचारी व बलात्कारी थे।.अम्बेडकर मिशन पत्रिका के मुताबिक विरप्पन गोंड एक वीर मूलनिवासी महायोद्धा था और आदिवासियों में बहुत लोकप्रिय था। महानारी फूलनदेवी ने बाईस. ठाकुर मनुवादियों की हत्या कर अपने बलात्कार का बदला लिया और वहीं विरप्पन-गोंडर ने आदिवासी समुदाय की बेहतर सुरक्षा, सामाजिक, शैक्षिणक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान की। वहीं भारतीय मनुवादी मीडिया ने फूलनबाई को दस्यू-सुन्दरी व विरप्पन-गोंडर को चन्दन तस्कर घोषित कर वंचित-समाज के मुंह पर करारा तमाचा जड दिया था। आदिवासी राजा प्रवीरचन्द्र गोंड व अन्य 262 आदिवासी राजाओं का भारत में विलय के दौरान क्या हश्र हुआ, यह कोई नहीं जानता है।.जिस सादगी से विरप्पन गोंड की विधवा पत्नी व दो मासूम लडकियां फटेहाल जिन्दगी जी रही हैं, उन्हें देखकर क्या आप यकीन करेंगे कि उसने करोडों रुपए कमाए हैं। यही स्थिति आदिवासी महा क्रांतिकारी बिरसा-मुन्डा के परिवार की है। मगर अधिकांश वंचित-समाज या तो उन्हें जानता नहीं है और ना ही कभी उन्हें जानने व समझने की कोशिश की है कि तमिल समुदाय आदिवासी हैं।.तमिलनाडु के धर्मपुरी स्थित अस्पताल में विरप्पन की लाश को देखने आये ग्रामीणों ने एसटीएफ से विरप्पन की हत्या किये जाने पर बेहद आक्रोश जताया था। ६२ साल के वेंकटम्माल को लगता है कि उसने अपना बेटा खो दिया है ।.पुलिस ने विरप्पन के रिश्तेदारों को धमकी देते हुए, उसी रात को चारों लाशों को जलाने की कोशिश की, एसटीएफ जल्दबाजी में तीन लाशें जलाने में कामयाब हो गये। मगर मानवाधिकार संस्थाओं के पदाधिकारियों व विरप्पन की पत्नी मुथुलक्ष्मी, भाई मदैयन व आदिवासियों के विरोध के कारण विरप्पन की लाश को दफनाया गया। मगर पुलिस प्रशासन ने आखिरी संस्कार करने की अनुमति नहीं दी। मय्यत के रिश्तेदारों व डाक्टरों से हासिल जानकारी के मुताबिक विरप्पन के हाथपैर कुचले गये थे तथा उसका लिंग मनुस्मृति के नियम के अनुसार काटा गया था। विरप्पन की हथेलियां जली हुई पायी गयी थीं। उसके कुल्हे की हड्डी चूर-चूर पाई गयी, गर्दन पर सुईयां चुभोने के अनगिनत निशान थे। मगर रिश्तेदार यह बात किसी को उजागर नहीं कर पाए। क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं जयललिता सरकार एसटीएफ के हाथों उनका फर्जी एनकाउंटर कर उन्हें विरप्पन का साथी घोषित न कर दे।.दीगर सूत्रों से इकट्ठा की गयी जानकारी के मुताबिक विरप्पन को उनके मुखबिर हुए साथियों ने विरप्पन को धोखे से बेहोशी की दवा दे दी और एसटीएफ के मनुवादी अधिकारियों ने विरप्पन को गिरफ्तार कर बुरी तरह से यातनाएँ देकर मार दिया गया था। एसटीएफ के एनकाउंटर की झूठी कहानी गढी गयी थी। बैंगलोर की प्रेस कान्फ्रेंस में एसटीएफ प्रमुख विजयकुमार ने पत्रकारों व जांच अधिकारियों को खुलेआम धमकाते हुए कहा कि “हम सच्चाई की खोज करने वाली टीमों से निपटना अच्छी तरह से जानते हैं”। ब्राह्मणवादी अखबार दिनारमाला में झूठे नामों से धमकियां दी गयी कि अगर उन्होने सच्चाई की खोज करना जारी रखा तो उन्हें गिरफ्तार होना पडेगा। मरने वालों के रिश्तेदारों को धमकियां दी गयी कि वे सच्चाई की खोज करने वाली टीमों को कुछ नहीं बताएं ।.हाईकोर्ट में मुकदमा दर्ज करने के बाद ही रिश्तेदारों को विरप्पन-गोंडर व अन्य मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल पाई थी। एसटीएफ के अधिकारियों ने जांच एजेंसियों को एम्बुलेंस, घटना स्थल व सबूतों का मौका-मुआयना नहीं करने दिया गया था। मानवाधिकार आयोग की प्रार्थना शासन-प्रशासन ने ठुकरा दी गयी थी।.एसटीएफ ने पूरे जंगल को ही यातना शिवर में बदल दिया गया। एडवोकेट तथा मानवाधिकार कार्यकर्ता मान-बालामुरुगन ने अपनी किताब “सोलागार-डोड्डी ” में क्रूर यातनाओं की तस्वीरें छापी हैं और बताया है कि एसटीएफ किसी भी आदिवासी को पकडकर क्रूर यातनाएं देकर मार डालती है और एनकाउंटर में मरा हुआ घोषित कर देती है। यातनायें देने का विवरण बहुत डरावना है , जिसमें युवतियों से बलात्कार, युवक-युवतियों के अंगभंग करना, योनि अत्याचार, हत्या, विभिन्न भीषण यातनाएं आदि शामिल हैं। कर्नाटक सरकार ने सदाशिव-आयोग की जांच बन्द करवा दी है। क्योंकि कर्नाटक , केन्द्र सरकार व शासन-प्रशासन पर मनुवादी ब्राह्मणों की व्यवस्था कायम है।.उपरोक्त हालात कश्मीर से कन्याकुमारी और असम, पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी व पश्चिमी क्षेत्रों के आदिवासी व अनुसूचित जातियों के लोगों के साथ आज भी कायम हैं। मनुवादी आतंकवाद आज शहरों व नगरों में विभिन्न संस्थाएँ, संगठन, संघ व सेना बनाकर आतंकवादी कार्यवाही कर रही है । क्योंकि किसी न किसी रुप में शासन-प्रशासन, कानून, मीडिया व सेना में मनुवादियों का वर्चस्व है और अधिकांश वंचित-समाज उनकी बन्दरसेना ,वोटबैंक व अंगरक्षक बनी हुई है।.हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कश्मीर में अधिकांश ओबीसी, अनुसूचित जाति व आदिवासी समाज के लोग हैं, जो मनुवादी ब्राह्मणों के अत्याचार, शोषण, हत्या व बलात्कार से पीडित होकर मुसलमान बन गये हैं, जबकि मनुवादी ब्राह्मण वहाँ आज भी शासन-प्रशासन में घूसपेठ किये हुए हैं। पूर्वी, पश्चिम, दक्षिणी व उत्तरी भारत में आदिवासियों को आतंकवादी, उग्रवादी, नक्सलवादी, माओवादी के नाम पर आप्फसा कानून के तहत मारा जा रहा है और समस्त भारत में आदिवासी व अनुसूचित जाति के लोगों का सामाजिक, धार्मिक, मानसिक, आर्थिक व शैक्षणिक रुप से शोषण, हत्या, बलात्कार कर प्रताडित किया जा रहा है।.क्या हम शहर में आकर सुरक्षित हों गये हैं! यह आपका भ्रम मात्र है। क्योंकि शहर, कस्बों व गांवों में भी किसी न किसी रुप में मनुवादी व्यवस्था आपका व आपके बच्चों का सामाजिक, धार्मिक, मानसिक, आर्थिक व शैक्षिणक रुप से शोषण हो रहा है ।.आप प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से मनुवादी ब्राह्मणों के शासन व प्रशासन में बन्दरसेना, वोटबैंक व अंधभक्त बनकर सहयोग कर रहे है?✍️FBP

वीरप्पन

BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में क्या शिवराज?

संघ प्रमुख से मुलाकात पर बढ़ी सियासी हलचल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से करीब 45 मिनट तक…

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दोस्तो श्रीराम मंदिर लूट की जानकारी पुलिस को पहले से ही पता थी तो मोदीजी योगीजी के दौरे से पहले ही देश की खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं तो क्या राममंदिर की इतनी बड़ी लूट हमारी एजेंसियों को पता ही नहीं चली इस पर शायद ही कोई विस्वास करेगादोस्तो राममंदिर की लूट तो देश की जनता नें देखी अगर हम BJP RSS की कार्यप्रणाली पर ध्यान दें तो 2014 से पहले ही सत्ता मैं आने की त्यारी हो चुकी थी और गोधरा अग्निकांड जिसमें उन्ही बोगियों को आग लगाई गई जिसमें श्रद्धालू थे उसके बाद गुजरात मैं नर संघार और 2014 मैं मोदीजी सत्ता मैं सत्ता मैं आते ही PACL को बन्द करके सम्पत्ति जो निवेशकों की थी जप्त कर ली उसके बाद सहारा कल्पतरू KBCL निमवस साइप्रसाद जैसी देश की अनेकों कम्पनियों को बन्द करके उनकी सम्पत्ति जप्त की गई इन्होंने और इनके कारपोरेट मित्रों नें अपनी ब्लैक मनी को सफेद बनाने के लिए नोटबंदी करी उसके बाद गौतम अडानी मुकेश अम्बानी को देश की तमाम सम्पत्तियों को ऑने पौने दामों मैं बेचा गया इसका भरपूर फायदा BJP RSS को मिला BJP RSS की माली हालत इसका प्रमाण है और अब राममंदिर मैं बड़ी लूट ऐसी लूट जो गजनवी मैं भो सोमनाथ मंदिर मैं नहीं की होगीदोस्तो अब जाकर चम्पत राय अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी जिम्मेदार मान लिया है लेकिन क्या बड़ी मछलियों को बचाने के लिए यह सब हो रहा है अब तो हिन्दुबादी संगठन अजीव तर्क दे रहे हैं हिन्दुओं का पैसा हिन्दू खा रहे हैं तो इनको बुरा क्यों लग रहा है इस हिसाब से तो राममंदिर के बाहर एक बैनर लगा देना चाहिए कि राममंदिर के पैसों सोना चांदी के जेवरात की चोरी हिन्दू कर सकते हैंदोस्तो अब जब BJP RSS नें देश की सम्पूर्ण व्यवस्था को तहस नहस कर दिया है और अब यह इसको ठीक भी नहीं कर सकतेलेकिन इनमें इतनी नैतिकता भी नहीं है कि सत्ता से बाहर हो जाएँदोस्तो इनको सत्ता से बाहर करने के लिए उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से कांग्रेस का आंदोलन तो शुरू होगा ही लेकिन कांग्रेस के आंदोलन की शुरुआत राहुल गाँधी को करनी चाहिए अगर राहुल गाँधी इस आंदोलन की शुरुआत करेंगे तो उनके साथ पुरी कांग्रेस पार्टी लग जाएगी और इस आंदोलन पर पैसा भी कांग्रेस पार्टी खर्च करेगी इस आंदोलन को हम कांग्रेस कार्यकर्ता भी सफल कर सकते हैं लेकिन हमें एक कार खरीदनी पड़ेगी और हमारे साथ आने मैं कांग्रेस नेता भी शर्माते हैंदोस्तो अब और नहीं BJP RSS को सत्ता से बाहर करने के लिए संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा कांग्रेस का आंदोलनइस आंदोलन की जानकारी 25 जुलाई को संभल कलेक्ट्रेट पर होने के बाद एक ज्ञापन जिलाधिकारी संभल के द्वारा राष्ट्रपति महोदया को के बाद दिया जायगाधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेसजिला संयोजकठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारसंभल8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

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