Spread the love

बागपत 13 मार्च 2026—-
जनपद बागपत में आगामी 16वीं जनगणना के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में जनगणना कार्य निदेशालय की प्रतिनिधि एवं सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2 शिप्रा द्वारा जनगणना से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य के अंतर्गत प्रारंभिक तैयारियां, प्रशिक्षण, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना, जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का संकलन, जनसंख्या की गणना, वित्तीय प्रबंधन, उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा आंकड़ों के प्रशासन एवं समेकन से संबंधित कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाने हैं।
बैठक में बताया गया कि 22 मई से 20 जून 2026 तक जनपद में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए गणना का समय प्रातः 06:00 बजे से निर्धारित किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर नागरिक स्वयं भी निर्धारित अवधि के भीतर अपनी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
कार्यशाला में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनगणना से संबंधित सभी गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से जोड़ा जाए।
अधिकारियों ने बताया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती है। अतः सभी नागरिकों से अपील की गई कि यदि आप भारत में जन्मे हैं तो 16वीं जनगणना में अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं, जिससे आपकी पहचान और नागरिकता का विवरण भारत के मानचित्र पर दर्ज हो सके तथा विकास योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सके।
बैठक में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी भास्कर पांडे कृष्ण कुमार भड़ाना सहित समस्त अधिशासी अधिकारी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

दोस्तो अभी देश के पांच प्रदेशों में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं परिणाम भले ही 4 तारीख को आएं लेकिन जिस प्रकार से पोल सामने आये हैं उनको देखकर लगता है देश के विपक्षी नेता जो आज शीर्ष स्तर की राजनीती कर रहे हैं देश और देश की जनता को BJP RSS से आजादी नहीं दिला पाएंगे और जब तक देश की सत्ता में BJP रहेगी युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जाएगी घोटालों की जांच में भी घोटाले होंगे नेता और अधिकारी भ्रस्टाचार की सीमाओं को लाघते नजर आएंगेदोस्तो कल हमारे प्रधानमंत्री नें गंगा एक्सप्रेस का उद्धघाटन किया लेकिन यह विकास नहीं जनता को हमेशा हमेशा के लिए लूटने का व्यवसाय त्यार किया है जगह जगह टोल टैक्स और टोल टैक्स के लिए भी देश की जनता के करोड़ों रु. फास्टटैग के नाम पर एडवांस में लिए जाते हैंआज दुनिया की 300 यूनिवर्सिटी में एक भी भारत में नहीं हैलेकिन दुनिया के टॉप 10 मंदिरों में 8 भारत में हैं टॉप 10 मस्जिदों में 3 भारत में हैं क्या करेगा देश का युवादेश के नेता और साधू संत बलात्कारी होते जा रहे हैं डॉलर के मुकाबले रुपया दिन पर दिन कमजोर होता जा रहा हैदोस्तो अब देश की व्यवस्था देश के मौजूदा नेता ठीक नहीं कर सकतेदेश की व्यवस्था ठीक करने के लिए देश के नेताओं को देश की राजनीती से हटाना होगादोस्तो इसके लिए उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से कांग्रेस कार्यकर्ता PACL KBCL कल्पतरू सहारा प्रोग्रीम साईराम साइप्रसाद निमवस जैसी तमाम कम्पनियों के निवेशकों के लिए 17 अगस्त 26 को शुरू होगा मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलनदोस्तो देश की सम्पूर्ण व्यवस्था को बदलने के लिए जरूरी है देश के मौजूदा टॉप नेताओं को देश की राजनीती से बाहर करनाधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस उ.प्र.जिला संयोजकठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारसंभल8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

छतरपुर जिले में वंशानुगत मछुआरों की बदहाल स्थिति: प्रकोष्ठों की सक्रियता पर उठे सवालगनेश रैकवार | छतरपुरछतरपुर जिले में वंशानुगत मछुआ समाज की स्थिति लगातार दयनीय होती जा रही है। तालाबों और जल संसाधनों पर कथित कब्जों के बीच समाज अपने हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों द्वारा बनाए गए मछुआ प्रकोष्ठों की भूमिका पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने निषाद एवं मछुआ समाज को संगठनात्मक रूप से जोड़ने के लिए प्रकोष्ठों का गठन किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनकी सक्रियता को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।जिले में भाजपा मछुआ प्रकोष्ठ के जिला संयोजक आशीष रैकवार तथा कांग्रेस की ओर से अरविंद रैकवार की नियुक्ति के बाद भी समाज के लोगों का आरोप है कि अब तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस बदलाव या प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।समाज के युवाओं का कहना है कि कई बार ज्ञापन, शिकायतें और आंदोलन के बावजूद न तो तालाबों पर कथित अवैध कब्जों की स्थिति में सुधार हुआ और न ही समितियों की पारदर्शी जांच आगे बढ़ पाई। इससे युवाओं में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।इधर, राजनीतिक स्तर पर मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष जैसे पदों में बदलाव के बावजूद जिला स्तर पर नेतृत्व को लेकर असंतोष बना हुआ है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इस बार योग्य और जमीनी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी मिलेगी या फिर व्यवस्था केवल सिफारिशों पर ही चलती रहेगी?इसी बीच “ऑल इंडिया फिशरमैन कांग्रेस” की सक्रियता को लेकर भी जिले में चर्चाएं तेज हैं। कई लोग इसे लगभग निष्क्रिय बताते हुए इसे “कागजी संगठन” तक सीमित मान रहे हैं।युवा रैकवार समाज का कहना है कि पिछले महीनों में दिए गए ज्ञापनों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे राजनीतिक दलों और प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि बड़े नेताओं की चुप्पी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।समाज का कहना है कि वर्षों से चल रही हक की लड़ाई आज भी वहीं की वहीं खड़ी है, जबकि तालाबों और समितियों में कथित अनियमितताओं और कब्जों के मामलों की जांच की मांग लगातार की जा रही है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व इस बढ़ते असंतोष को कैसे संबोधित करता है और क्या वाकई जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव देखने को मिलेगा या नहीं।— आगे के अंक में: किस समिति में सबसे बड़े फर्जीवाड़े के आरोप, पूरी रिपोर्ट

×