Category: तकनीक
13 To 19 Oct 2025 केशरी दर्पण, समाचार पत्र, बागपत संस्करण, Keshari Darpan, News Paper Baghpat Edition, Pdf File 38. 13 to 19 Oct 2025 KD Tablet size for prepare12
हरे नीम के पेड़ आदरणीय मोदी जी की माता जी के नाम कर दिए लेकिन बचाने के लिए अधिकारी आगे नहीं आ रहे
जिलाधिकारी महोदया जनपद बागपत से हरे नीम के पेड़ बचाने के लिए गुहार लगाते सुभाष चंद कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी बगपत लोकसभा

जिलाधिकारी महोदय जनपद बागपत से तहसील खेकड़ा में संपूर्ण समाधान दिवस मैं मिलकर जनता की समस्याओं को लेकर बातचीत करते सुभाष चंद कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी बागपत लोकसभा 2014 निर्दलीय
खेकड़ा 20 सितंबर 2025

संपूर्ण समाधान दिवस में पूर्व सांसद प्रत्याशी सुभाष चंद कश्यप ने जनता की कई समस्या रखी। सबसे पहले खेकड़ा रेलवे स्टेशन के पास बड़ा गांव रेलवे अंडरपास में तीन नीम के हरे पेड़ के चारों तरफ से रेलवे विभाग ने जानबुझकर मिट्टी हटा ली जिससे कि यह पेड़ खुद ही जमीन पर गिर जाए और इनका दोष रेलवे विभाग पर ना लगे।

सुभाष चंद कश्यप ने इन हरे नीम के पेड़ को आदरणीय मोदी जी की माता जी के नाम कर दिए हैं। फिर भी इन पेड़ को हटाकर दूसरी जगह नहीं लगाया। अब बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में भी इन हरे नीम के पेड़ बड़ागांव अंडरपास से हटाकर दूसरी जगह रिप्लांट करने के लिए बात रखी।

दूसरी सबसे गंभीर समस्या बीएसएनल टावर पिछले डेढ़ साल से बीएसएनएल अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन खेकड़ा के सामने खोल कर रखा हुआ है जिसकी कई बार खड़ा करने के लिए शिकायत भी की थी बीएसएनएल के अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया था कि 6 महीने में बीएसएनल का टावर खड़ा कर देंगे लेकिन लगभग डेढ़ साल हो चुका धरना प्रदर्शन भी कई बार हो चुके बीएसएनएल अधिकारियों को बार-बार पत्र भी लिखे जा चुके। सीडीओ श्रीवास्तव साहब को भी लगभग 1 वर्ष पूर्व संपूर्ण समाधान दिवस में बीएसएनएल टावर को ठीक करने की शिकायत की थी परंतु आज तक भी खेकड़ा कस्बे में खेकड़ा रेलवे स्टेशन के सामने बीएसएनल टावर बीएसएनएल अधिकारियों के द्वारा सीडीओ बागपत के आदेश निर्देश के बाद भी बीएसएनएल टावर अधिकारियों ने खड़ा नहीं किया।
संपूर्ण समाधान दिवस में पूर्व सांसद प्रत्याशी सुभाष चंद कश्यप ने एक बार फिर जिलाधिकारी महोदय से व्यक्तिगत मिलकर बीएसएनएल टावर को खड़ा करने का आग्रह किया कि बीएसएनल 5G सर्विस देने की बात करता है 5G सर्विस का पैसा लेता है लेकिन 2GB खेकड़ा कस्बा और आसपास के लोगों को बीएसएनएल की 2G सर्विस नहीं मिल पाती।
सुभाष चंद कश्यप ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बीएसएनल का टावर खड़ा नहीं किया गया और सिग्नल ठीक नहीं किए गए तो मजबूरी में बीएसएनएल दफ्तर खेकड़ा रेलवे स्टेशन के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

2 दिन पूर्व हरे नीम के पेड़ बचाने के लिए तहसीलदार खेकड़ा से गुहार लगाते सुभाष चंद्र कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी बागपत लोकसभा 2014 निर्दलीय
निवेदक
सुभाष चंद कश्यप
पूर्व सांसद प्रत्याशी
बागपत लोकसभा 2014 निर्दलीय 983774 9557
20 सितंबर 2025
21 सितंबर 2025 प्रातः 10:00 बजे अति पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक जन जागरण यात्रा बागपत जनपद, कस्बा खेकड़ा पाठशाला 709b नेशनल हाईवे, बस स्टैंड पुलिस चौकी से पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी की प्रतिमा पर बागपत जनपद कांग्रेस जिला अध्यक्ष लव कश्यप के नेतृत्व में तमाम दर्जनों कांग्रेसी द्वारा माल्या अर्पण कर अपनी अपनी बाइक स्कूटी कार ट्रैक्टर ट्रॉली ई रिक्शा यानी अपने वहां से चलेंगे।
जनपद बागपत 20 सितंबर 2025

21 सितंबर 2025 प्रातः 10:00 बजे अति पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक जन जागरण यात्रा बागपत जनपद, कस्बा खेकड़ा पाठशाला 709b नेशनल हाईवे, बस स्टैंड पुलिस चौकी से पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी की प्रतिमा पर बागपत जनपद कांग्रेस जिला अध्यक्ष लव कश्यप के नेतृत्व में तमाम दर्जनों कांग्रेसी द्वारा माल्या अर्पण कर अपनी अपनी बाइक स्कूटी कार ट्रैक्टर ट्रॉली ई रिक्शा यानी अपने वहां से चलेंगे। यह अति पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक जन जागरण यात्रा बागपत जनपद के ही गांव ककड़ीपुर के पास पुलिस चौकी पर समाप्त होगी।

अति पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक जन जागरण यात्रा का प्रारंभ रूट खेकड़ा पाठशाला से शुरू होकर मवीकला कट्टा काठा बागपत सिसाना गुफा वाले बाबा जी मंदिर सरूरपुर टोडी बडोली बड़ौत बावली किशनपुर बिराल ककड़ीपुर पुलिस चौकी पर समाप्त होगी।

यात्रा में शामिल होने वाले सभी कांग्रेस अनुशासन में रहेंगे अनुशासन में चलेंगे । किसी भी आने जाने वाले को दिक्कत ना हो इसका भी पूरा ख्याल सभी कांग्रेसी रखेंगे।

संबंधित अधिकारियों पुलिस प्रशासन को सभी थाना अध्यक्ष को भी लिखित में और व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचित किया जा चुका है।

आप सभी सम्मानित अधिकारियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि यात्रा की सुरक्षा यातायात व्यवस्था आदि की व्यवस्था करवाने की कृपा करें आपकी बड़ी कृपा होगी।

और सभी पत्रकार भाइ बहनों से हाथ जोड़कर निवेदन है कि इस यात्रा की निशुल्क कवरेज करने की कृपा करें।

निवेदक
रूबी कश्यप
जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी जनपद बागपत
पूर्व सांसद प्रत्याशी बागपत लोकसभा 2019 व 2024
79069 84078, 20 सितंबर 2025

15 To 21 Sep 2025 केशरी दर्पण, समाचार पत्र, बागपत संस्करण, Keshari Darpan, News Paper Baghpat Edition
🍃 Arogya🍃गेहूं नहीं, नाश्ते में खाएं इस आटे की रोटी, कमजोर शरीर में फूंक देंगी जान, 5 फायदे आपको खाने के लिए कर देंगे मजबूर—————————–एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर:रागी की रोटी खाने से न सिर्फ आपके स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, बल्कि यह आपकी स्किन के लिए भी काफी हेल्दी हो सकता है. रागी की रोटी में एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं तो झुर्रियों, दाग-धब्बे, फाइन-लाइंस की परेशानियों को दूर कर सकता है.
वजन घटाए:
रागी सेहत के लिए अधिक फायदेमंद मानी जाती है. दरअसल, गेहूं की तुलना में रागी में डाइटरी फाइबर ज्यादा होता है. रागी के आटे की रोटी खाने से डाइजेशन में सुधार होता है. इसे नियमित सेवन से बहुत देर तक भूख नहीं लगती, जिससे हम ज्यादा खाने से बच जाते हैं. ये उन लोगों के लिए बेहतरीन डाइट है जो जल्द से जल्द अपना बढ़ता हुआ वजन कम करना चाहते हैं.
शुगर कंट्रोल करे:
रागी में गेहूं की तुलना में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है. इसका सीधा मतलब है कि ये ब्लड शुगर लेवल को कम करने की क्षमता रखती है. यही वजह है डायबिटीज के मरीजों को अक्सर नाश्ते में रागी की रोटी खानी चाहिए.
एनीमिया से बचाए:
रागी के आटे की रोटी खाने से शरीर को भरपूर आयरन प्राप्त होता है. यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारने में मददगार हो सकते हैं. ऐसे में यदि आप एनीमिया की शिकायत से जूझ रहे हैं तो अपने आहार में रागी की रोटी जरूर शामिल करें.
हड्डियों को मजबूती दे:
रागी के आटे में कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जिनमें कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जा है, जिससे हड्डियों को मजबूती मिलती है और खून की कमी से हमारा बचाव हो जाता है. इसके कारण ओवरऑल हेल्थ अच्छा रहता है।
Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
Contact: – 9897902760
केशरी दर्पण, हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र, बागपत संस्करण, Keshari Darpan News Paper Baghpat Edition Pdf File 33. 08 To 14 Sep 2025 KD Tablet size for prepare
iPhone 17 के सभी मॉडल भारत में बनेंगे, पांच फैक्ट्रियों में असेंबली की तैयारी
एप्पल अगले साल लॉन्च होने वाली iPhone 17 सीरीज के सभी मॉडल भारत में असेंबल करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी भारत में फैली अपनी सप्लाई चेन और पार्टनर मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क के जरिए पांच अलग-अलग फैक्ट्रियों में iPhone 17 लाइनअप का उत्पादन कराएगी। यह कदम एप्पल की “मेड-इन-इंडिया” रणनीति को और मजबूती देने के साथ चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या है योजना
- iPhone 17, 17 Plus, 17 Pro और 17 Pro Max—पूरी रेंज की असेंबली भारत में होने की बात कही गई है।
- उत्पादन तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य राज्यों में स्थित कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में विभाजित करने की तैयारी है, ताकि सप्लाई चेन जोखिम घटे और क्षमता बढ़े।
- एप्पल अपने प्रमुख पार्टनर्स (जैसे Foxconn, Tata, Pegatron/Wistron के ट्रांजिशन के बाद की इकाइयाँ) के साथ मिलकर लोकल कंपोनेंट सोर्सिंग बढ़ाने पर फोकस करेगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
- “चाइना+1” स्ट्रैटेजी: एप्पल पिछले कुछ वर्षों से चीन के बाहर उत्पादन बढ़ा रहा है। भारत में स्केल-अप से भू-राजनीतिक जोखिम और सप्लाई चेन बाधाओं का असर कम होगा।
- मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा: प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट और वैल्यू एडिशन बढ़ेगा।
- लॉन्च-डे मैन्युफैक्चरिंग: लक्ष्य है कि भारत में बने iPhones ग्लोबल लॉन्च टाइमलाइन के करीब उपलब्ध हों, जिससे घरेलू बाजार में शुरुआती सप्लाई बेहतर हो।
उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा
- शुरुआती उपलब्धता: नई सीरीज की उपलब्धता पहले की तुलना में तेजी से हो सकती है।
- संभावित कीमत लाभ: आयात पर निर्भरता घटने और लोकल वैल्यू एडिशन बढ़ने से कीमतों में स्थिरता या सीमित राहत मिल सकती है, हालांकि प्रीमियम सेगमेंट में बड़े डिस्काउंट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
- बाद-की-सेवा और पार्ट्स: लोकल इकोसिस्टम मज़बूत होने से सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता में सुधार संभव है।
इंडस्ट्री पर प्रभाव
- भारत की स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में हाई-एंड कंपोनेंट्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और R&D सपोर्ट की मांग बढ़ेगी।
- लाखों की संख्या में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन और सप्लाई चेन कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
- प्रतिस्पर्धी ब्रांड भी प्रीमियम डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग को भारत में स्केल करने पर विचार तेज़ कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, iPhone 17 सीरीज़ की भारत में व्यापक असेंबली एप्पल और भारत दोनों के लिए विन-विन साबित हो सकती है—जहाँ एप्पल को सप्लाई चेन विविधीकरण मिलता है, वहीं भारत को हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग और टेक इकोसिस्टम में नई ऊर्जा।
अग्नि-5 का सफल परीक्षण: बढ़ी रेंज क्षमता के संकेत, भारत ने दिया सशक्त सामरिक संदेश
भारत ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया, जिसमें “विस्तारित रेंज क्षमता” के स्पष्ट संकेत मिले। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार यह परीक्षण सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक सोचा-समझा सामरिक संदेश भी है। अग्नि-5 अपनी उच्च सटीकता, उन्नत नेविगेशन सिस्टम और विश्वसनीयता के लिए जानी जाती है, और ताज़ा परीक्षण भारत की दीर्घ-दूरी प्रतिरोधक (deterrence) क्षमता को और मजबूत करता है।
परीक्षण में क्या सफल हुआ
- मिसाइल ने पूर्व-निर्धारित प्रक्षेप पथ पर उड़ान भरते हुए सभी मिशन उद्देश्यों को प्राप्त किया।
- गाइडेंस, प्रोपल्शन, रिएंट्री व्हीकल और कमांड-एंड-कंट्रोल सहित प्रमुख उप-प्रणालियों का सत्यापन हुआ।
- ट्रैकिंग रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और डाउन-रेंज स्टेशनों ने पूरे उड़ान प्रोफाइल की रियल-टाइम निगरानी की।
“विस्तारित रेंज क्षमता” क्यों अहम
- रेंज में संभावित बढ़ोतरी भारत की स्ट्रैटेजिक पहुंच और सेकंड-स्ट्राइक क्षमता को अधिक विश्वसनीय बनाती है।
- लंबी दूरी पर सटीक लक्ष्यभेदन की क्षमता क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन में भारत की स्थिति सुदृढ़ करती है।
- प्रतिरोधक क्षमता (deterrence) के मजबूती से स्थिरता बढ़ती है और संकट की स्थितियों में एस्केलेशन के जोखिम घटते हैं।
सामरिक संदेश और भू-राजनीतिक संदर्भ
- परीक्षण ऐसे वक्त में हुआ है जब हिंद-प्रशांत में सुरक्षा समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
- भारत का लक्ष्य तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ भरोसेमंद दीर्घ-रेंज मिसाइल आर्किटेक्चर स्थापित करना है।
- यह संकेत देता है कि भारत अपनी न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय प्रतिरोधक नीति के अनुरूप क्षमताओं को अपग्रेड कर रहा है।
तकनीकी परिपक्वता के संकेत
- बेहतर INS/GPS-सहायक नेविगेशन और उन्नत रिएंट्री व्हीकल डिजाइन से लक्ष्यभेदन में उच्च सटीकता मिलती है।
- प्रोपल्शन और मैटेरियल इंजीनियरिंग में सुधार लंबी दूरी और स्थिर प्रदर्शन सुनिश्चित करते हैं।
- मिशन रेडीनेस और टेस्ट-टू-डिप्लॉयमेंट चक्र में तेजी, संचालनात्मक विश्वसनीयता को दर्शाती है।
आगे का रास्ता
- परीक्षण के बाद डाटा एनालिसिस से फाइन-ट्यूनिंग और संभावित ब्लॉक-अपग्रेड्स का मार्ग खुलेगा।
- कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क, प्रारंभिक चेतावनी और ट्रैकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ संयुक्त अभ्यास बढ़ेंगे।
- सामरिक बल कमान के तहत संचालनात्मक तैनाती और निरंतर तत्परता पर फोकस रहेगा।
सरकार और रक्षा वैज्ञानिकों ने इसे देश की सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए बड़ा कदम बताते हुए कहा है कि भारत शांतिपूर्ण इरादों के साथ एक विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परीक्षण न सिर्फ तकनीकी क्षमता का प्रमाण है, बल्कि भारत की सामरिक दृढ़ता और दीर्घकालिक सुरक्षा दृष्टि का भी स्पष्ट प्रतिबिंब है।
Oracle ने भारत में किया 10% कर्मचारियों की छंटनी, बड़े बदलाव की ओर कदम
दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी Oracle ने भारत में अपने करीब 10% कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। कंपनी ने यह फैसला बड़ी री-स्ट्रक्चरिंग के तहत लिया है। Oracle के इस कदम से हजारों कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ा है, खासकर बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, पुणे, नोएडा और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में। छंटनी का असर सबसे ज्यादा सॉफ़्टवेयर डिवेलपमेंट, क्लाउड सर्विसेज़ और कस्टमर सपोर्ट टीमों पर पड़ा है।
हाल ही में Oracle ने यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और साथ ही OpenAI के साथ ऐतिहासिक समझौता भी किया। माना जा रहा है कि कंपनी अब अपनी प्राथमिकता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अमेरिकी बाज़ार की ओर शिफ्ट कर रही है। इसी रणनीति के तहत भारी निवेश और लागत संतुलन के लिए ग्लोबल स्तर पर लेऑफ किए जा रहे हैं।
कंपनी का कहना है कि यह छंटनी रणनीतिक बदलाव और संगठन के पुनर्गठन का हिस्सा है। हालांकि इस कदम ने कर्मचारियों के मनोबल पर असर डाला है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं, Oracle अमेरिका में चुनिंदा पदों के लिए अब भी भर्ती जारी रखे हुए है।
