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प्रेस नोट, जनपद बागपत में आगामी जनगणना 2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के उद्देश्य से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार, 20 अप्रैल से प्रारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत जनपद में कुल 2746 प्रगणक एवं 447 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें 48 फील्ड ट्रेनरों द्वारा कुल 75 बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा।प्रशिक्षण के प्रथम दिन 20 अप्रैल को 20 बैचों में लगभग 800 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों की तीनों दिन उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जो प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहेंगे, उनके विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जनपद में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अधिशासी अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण स्थलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण, जो 22 मई से 20 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा, के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कार्य की गंभीरता और जिम्मेदारियों से अवगत कराया।अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) विनीत कुमार उपाध्याय ने तहसील बागपत एवं नगर पालिका बागपत में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। उन्होंने जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए फील्ड में आने वाली संभावित कठिनाइयों और उनके समाधान के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।इस दौरान जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की प्रतिनिधि शिप्रा गुप्ता द्वारा भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना 2027 से संबंधित प्रमुख अवधारणाओं के साथ-साथ HLO ऐप के उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, जिससे कार्य को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से संपादित किया जा सके।इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी के.के. भड़ाना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने की अपील की है।

जो कश्यप समाज के लीडर समाजवादी पार्टी तलवे चाट रहे हैं दाढ़ी और कुर्सी बढ़ा रहे हैं देखो किस प्रकार से समाज का अपमान हो रहा है जितने भी कश्यप समाज के लीडर हैं चाहे वह सपा में हो भाजपा में हो चाहे कांग्रेस में हो वो केवल उसी पार्टी की भाषा बोलेंगे जिस पार्टी में हैं वह समाज की भाषा कभी नहीं बोलेंगे जिस दिन समाज की भाषा बोली उसी दिन पार्टी से बेदखल कर दिया जाएगा तो ऐसे समाज के लीडर समाज की हिस्सेदारी के लिए नहीं लड़ रहे हैं अपनी कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं लेकिन समाज के लोग भी जान चुके हैं समाज के लोग भी अब इन लीडरों के कुर्सी में जंग लगने का काम करेंगे और इतनी जंग लगाएंगे इतनी जंग लगाएंगे की आने वाले समय में ऐसी कुर्सियों की तरफ हो कोई देखेगा नहीं और इन लीडरों के कुर्सी की जंग लग जाएगी और कुर्सी गिर जाएगी तभी समाज आगे बढ़ेगा जय हिंद जय भारत जय भीम नमो बुद्धाय

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