Spread the love

फाइलों के साथ रजिस्टर भी व्यवस्थित करे अधिकारी, अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव के दिए निर्देश

पत्राचार करे तो अंतिम निस्तारण तक पहुंचाए, कोई भी आदेश/शिकायत लंबित न हो

फाइल के व्यवस्थित होने से योजनाओं में आती है तेजी, कार्यालय का नियमित निरीक्षण करे अधिकारी

पूर्ण निष्ठा और कर्तव्य भावना के साथ शासकीय कार्य करे सभी अधिकारी-कर्मचारी

बागपत, 13 फरवरी 2026। प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती और जनसेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेरठ मंडल के मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी ने बागपत कलेक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित विभिन्न शाखाओं और अनुभागों का गहन अवलोकन कर कार्यप्रणाली की समीक्षा की तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को रिकॉर्ड प्रबंधन, फाइल निस्तारण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंडलायुक्त के कलेक्ट्रेट पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने सबसे पहले कलेक्ट्रेट की समग्र व्यवस्था, कार्यालयों की साफ-सफाई और कार्य वातावरण का जायजा लिया। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर की साफ-सफाई, सुव्यवस्थित रिकॉर्ड और कार्यालयीन वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर कार्य वातावरण कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और इससे जनसेवा की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र होता है, जहां से जिले के विकास, राजस्व, कानून व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं, इसलिए यहां रिकॉर्ड और फाइलों का सुव्यवस्थित होना अत्यंत आवश्यक है।
मंडलायुक्त ने राजस्व अभिलेखागार, भूलेख अनुभाग, संयुक्त कार्यालय, नगर निकाय अनुभाग, संग्रह अनुभाग, शस्त्र अनुभाग, दैवीय आपदा अनुभाग, नजारत अनुभाग सहित विभिन्न पटलों का क्रमवार निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक अनुभाग में रखी गार्ड फाइलों, पत्रावलियों और रजिस्टरों का अवलोकन किया और पाया कि अधिकांश फाइलें अद्यतन थीं। कुछ गार्ड फाइलों में कमियां पाई गईं, जिनके सुधार के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी गार्ड फाइलें पूर्ण रूप से अपडेट होनी चाहिए और उनमें शासनादेश, पत्राचार और कार्यवाही का पूरा विवरण होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सात दिन के भीतर सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने अनुभागों का निरीक्षण कर कमियों को दूर करें और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

ईआरके अनुभाग के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने पाया कि कुछ फाइलों में मुख्य रिकॉर्ड संलग्न नहीं थे। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक पत्रावली में संबंधित शासनादेश, आदेश और आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि फाइलें पूर्ण और व्यवस्थित होंगी तो किसी भी स्तर पर निर्णय लेने में सुविधा होगी और अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पत्रावलियों को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित किया जाए और उनकी नियमित समीक्षा की जाए।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट में लगाए गए अग्निशामक यंत्रों की स्थिति की भी जानकारी ली और उनकी उपलब्धता और कार्यशीलता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना आवश्यक है और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव किया जाना चाहिए।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रिकॉर्ड प्रबंधन किसी भी कार्यालय की कार्यप्रणाली का आधार होता है। यदि रिकॉर्ड व्यवस्थित होंगे तो कार्य भी व्यवस्थित तरीके से होंगे और जनसेवा में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड के रखरखाव से कर्मचारियों की कार्यशैली और जिम्मेदारी का आकलन किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि फाइलों की श्रृंखला व्यवस्थित होनी चाहिए और वित्तीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने यह भी देखा कि फाइलें किस प्रकार संचालित की जा रही हैं, पटल सहायक कब फाइल भेज रहे हैं और रजिस्टरों में प्रविष्टियां किस प्रकार की जा रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पटलों पर रजिस्टर बनाए जाएं और उनमें प्रत्येक कार्य का विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से संबंधित पत्रावली का भी निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान अंश निर्धारण से संबंधित जानकारी संतोषजनक रूप से प्रस्तुत न किए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध रखी जाए।

भूलेख विभाग के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने पाया कि कुछ पत्रावलियों का रखरखाव संतोषजनक नहीं था। उन्होंने निर्देश दिए कि भूमि से संबंधित सभी आदेश तहसील स्तर पर भी अपडेट किए जाएं और अधिकृत होने के बाद फाइल को सही तरीके से दाखिल किया जाए। उन्होंने कहा कि रजिस्टर में स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए कि कौन सी भूमि अधिकृत हुई है, प्रस्ताव कब भेजा गया और उस पर क्या कार्यवाही हुई। उन्होंने रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि अस्थाई फाइलों को अलग श्रेणी में रखा जाए और दाखिल दफ्तर में फाइलें रजिस्टर के अनुसार व्यवस्थित हों।

नगर निकाय अनुभाग के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अंतिम रूप तक पहुंचाया जाए और उसका पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता होनी चाहिए, ताकि नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास बना रहे। उन्होंने अग्रवाल मंडी टटीरी से संबंधित फाइल का भी निरीक्षण किया और लंबित मामलों को रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संग्रह अनुभाग में वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) से संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ आरसी फाइलों की हार्ड कॉपी उपलब्ध नहीं थी, जबकि उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि थी। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आरसी का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए, जिसमें यह उल्लेख हो कि आरसी कब प्राप्त हुई, उस पर क्या कार्यवाही हुई और उसका वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने प्रत्येक तहसील के लिए वसूली प्रमाण पत्र का रोस्टर बनाने के निर्देश दिए और कहा कि जिन मामलों में कार्यवाही लंबित है, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

संयुक्त कार्यालय के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी फाइलों के साथ संबंधित रजिस्टर बनाए जाएं और किसी भी कर्मचारी की जीपीएफ या अन्य फाइल लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि बिल लिपिक का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और अवकाश, वेतन और अन्य वित्तीय मामलों का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाना चाहिए। मंडलायुक्त ने चौकीदारों की नियुक्ति से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की और पाया कि कुछ गांवों में चौकीदारों की नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गांवों में चौकीदारों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए और उनकी सूची तैयार की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाले सभी पत्रों को डाक रजिस्टर में दर्ज किया जाए, ताकि किसी भी पत्र का निस्तारण लंबित न रहे।

शस्त्र अनुभाग के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि शस्त्र लाइसेंस से संबंधित सभी प्रार्थना पत्रों को रजिस्टर में दर्ज किया जाए और पात्र व्यक्तियों को समयबद्ध तरीके से लाइसेंस जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मामलों का निस्तारण 15 दिन के भीतर किया जाना चाहिए और किसी भी फाइल को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि रिकॉर्ड की नकल से संबंधित व्यवस्था में सुधार किया जाए और रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखा जाए।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और तत्परता के साथ करें और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट प्रशासन की रीढ़ है और यहां की कार्यप्रणाली पूरे जिले के प्रशासनिक तंत्र को प्रभावित करती है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्य करें और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दें।

निरीक्षण के अंत में मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट की समग्र व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया, साथ ही जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण और समीक्षा से प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होता है और इससे जनसेवा की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। इस अवसर पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाएगा और कलेक्ट्रेट की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल, अपर जिलाधिकारी विनीत उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शिव नारायण सिंह सहित सभी उपजिलाधिकारी, कलेक्ट्रेट प्रभारी, नाजिर और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×