बड़ौत ::- बड़ौत नगर तहसील स्थित तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत निजी कर्मचारी प्रमोद कुमार को शुक्रवार को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कर्मचारी शिकायतकर्ता से शेष रकम ले रहा था। जीवाना गांव निवासी सोनू ने बताया कि उसने पिछोकरा गांव में करीब चार बीघा जमीन तीन साल पहले खरीदी थी। जमीन की दाखिल खारिज कराने के लिए वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन काम नहीं हो रहा था। आरोप है कि इसी दौरान तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत निजी कर्मचारी प्रमोद कुमार ने दाखिल खारिज कराने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित पहले ही पांच हजार रुपये दे चुका था, जबकि शेष 10 हजार रुपये लेते समय एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। पीड़ित सोनू ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की थी। टीम ने पूरी योजना बनाकर आरोपी को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी लंबे समय से कार्यालय में सक्रिय था और अन्य लोगों से भी अवैध वसूली की आशंका जताई जा रही है। एंटी करप्शन टीम अब इस पहलू की भी जांच कर रही है।
बड़ौत तहसील में रिश्वत लेते निजी कर्मचारी गिरफ्तार, शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई
Bysubhashchand4
Feb 8, 2026Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4