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अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर जॉइंट स्टेटमेंट आ गया है.

इसे देखकर साफ कहा जा सकता है कि मोदी ने अमेरिका के हाथों देश बेच दिया है.

इस डील से भारत के किसानों, व्यापारियों, उद्योगों को भारी नुकसान होगा.

  • बयान के मुताबिक- अमेरिका हमसे 18% टैरिफ वसूलेगा, जो पहले 3% से कम होता था. भारत अमेरिका से आने वाले सामानों पर टैरिफ हटाएगा या कम करेगा.
  • जैसे- अमेरिका से आने वाले खेती से जुड़े बड़ी संख्या में सामानों पर टैरिफ नहीं लगेगा.
  • अमेरिका के फल, dried distillers’ grains (DDGs), पशु चारा के लिए लाल ज्वार, ड्राई फ्रूट पर टैरिफ हट जाएगा.
  • भारत इस बात पर भी मान गया है कि अमेरिकी फूड और खेती किसानी के उत्पादों पर नॉन-टैरिफ बैरियर को हटाया जाएगा. मतलब कि भारत अपने बाजार को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोल रहा है.
  • इसके साथ ही अमेरिका से आने वाले खाने पीने के सामान पर भी टैरिफ हट जाएगा.
  • भारत के कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक कैमिकल, घर की सजावट के सामान, कारीगर उत्पाद, मशीनरी, सब पर 18% टैरिफ लगेगा और इसका बहुत नुकसान भारत को होगा.
  • मोदी ने ट्रंप से ये भी करार किया है कि भारत अगले 5 साल में 500 बिलियन डॉलर का सामान अमेरिका से खरीदेगा, जैसे- अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद (तेल-गैस), विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट, खेती का सामान और कोयला.

कुल मिलाकर ये ट्रेड डील अमेरिका के फायदे की डील है और इससे भारत का भयंकर नुकसान है.

नरेंद्र मोदी ने किसानों और व्यापारियों के हितों का जरा भी ध्यान नहीं रखा. भारत का पूरा बाजार थाली में सजाकर ट्रंप को सौंप दिया.

मोदी ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनपर Epstine Files का भयंकर दबाव है. वो किसी भी हाल में खुद को बचाना चाहते हैं.

इसलिए ऐसी डील पर साइन कर दिया, जिससे भारत को बड़ा नुकसान होने वाला है

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