बड़ौत ::- ककड़ीपुर में पूर्वी यमुना नहर पर नया पुल बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने 1.95 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए और पहली किस्त में 70 लाख रुपये जारी किए गए। पुल का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। ककड़ीपुर में पूर्वी यमुना नहर पर वर्षों से जर्जर और काफी छोटा पुल बना हुआ है। इस पर लोग पैदल आवागमन करते हैं तो दुपहिया वाहन लेकर गुजरते हैं। इस कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहां के लोग काफी समय से उसकी जगह चौड़ा पुल बनाए जाने की मांग कर रहे थे। छपरौली से रालोद विधायक डॉ. अजय कुमार ने इस समस्या को उठाया और शासन से पुल निर्माण की मांग की। विधायक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पुल के लिए 1.95 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इनमें से 70 लाख रुपये जारी किए गए, जिससे जल्द ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके। इस पुल के बनने से आसपास के कई गांवों के लोगों को इसका फायदा होगा।
Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4