प्रत्येक कार्यालय में सिटीजन चार्टर, कार्य प्रवाह (फ्लो चार्ट), अवश्य लगा हो
सरकार द्वारा जनता के लिए चलाई जाने वाली योजना का लाभ जनता तक पहुंचना ही हम लोगों का मुख्य दायित्व
ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करना, जनसेवा में पारदर्शिता लाना, और प्रशासन को जनता के करीब लाना सुशासन का मुख्य उद्देश्य
बागपत, 24 दिसंबर 2025—
भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर दिनांक 25 दिसंबर 2024 से 25 दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन दिवस मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सुशासन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के समस्त विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, अनुशासन एवं संवेदनशीलता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि जो भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर कार्यालय आए, उसकी बात को व्यवहार कुशलता एवं धैर्यपूर्वक सुना जाए तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्तमान में केन्द्र व राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब, असहाय एवं वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़कर सुशासन को धरातल पर साकार कर रही है। अटल जी का सम्पूर्ण जीवन देश के विकास, शिक्षा, सुशासन एवं समावेशी प्रगति को समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा गांव-गांव चौपाल लगाकर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को आच्छादित किया जा रहा है, जो अटल जी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज संचालित अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएं अटल जी के विचारों एवं जीवन दर्शन से प्रेरित हैं।
कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, उनके निराकरण के उपाय, एवं सुशासन के सर्वोत्तम प्रयासों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, और जनसामान्य को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने कहा यह कार्यशाला प्रशासनिक पारदर्शिता और जनकल्याण के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में किए जा रहे अच्छे कार्यों की डॉक्यूमेंट्री तैयार कर उनका प्रेजेंटेशन किया जाए, ताकि आमजन को शासन की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि बागपत एनसीआर का महत्वपूर्ण जनपद है तथा दिल्ली के समीप होने के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य एवं नियोजित विकास पर विशेष फोकस करते हुए बेहतर प्लानिंग के साथ कार्य किया जाए, जिससे बदलते बागपत की बदलती तस्वीर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्यालय में सिटीजन चार्टर, कार्य प्रवाह (फ्लो चार्ट), आरटीआई संबंधी जानकारी, सरकारी योजनाओं के सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। किसानों से संबंधित योजनाओं की जानकारी कृषि विभाग में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए। प्रत्येक पटल पर कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी की नेम प्लेट, कार्यालय के बाहर सीयूजी नंबर, पेयजल हेतु वाटर कूलर, बैठने की उचित व्यवस्था, कार्यालय भवन की क्षमता एवं स्थिति संबंधी विवरण प्रदर्शित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आई-कार्ड धारण करें, कार्यालयों में स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, फाइलों की विडिग, अनावश्यक कागजों का निष्पादन तथा रीसाइक्लिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। बड़े कार्यालय परिसरों में एनआरएलएम द्वारा संचालित कैंटीन, सीसीटीवी कैमरे, लैंडलाइन फोन जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए कि नई सरकारी इमारतों में दिव्यांगजनों के लिए रैंप, सोलर सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं।
कार्यशाला के माध्यम से सुशासन की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इस अवसर पर तहसीलदार अभिषेक कुमार सिंह, तहसीलदार खेकड़ा ,जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
सूचना विभाग बागपत