लखनऊ ::- राजधानी लखनऊ से मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी आवास से पंजाब के बाढ़ प्रभावित किसानों की सहायता के लिए गेहूं के बीज के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिवाली पर्व का वास्तविक आनंद तभी है, जब हम किसी पीड़ित की सहायता के लिए खड़े हों। इसी भावना से उत्तर प्रदेश सरकार, पंजाब के किसानों के साथ खड़ी है। आपदा का सामना वहां के किसान अकेले नहीं करेंगे। हम सब मिलकर उनको सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाएंगे। सीएम ने कहा कि पंजाब हमारे देश का एक प्रमुख राज्य है। उसने कृषि आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। लेकिन, इस वर्ष अति वर्षा के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के बीज भंडार भी बाढ़ की चपेट में आने से नष्ट हो गए। इससे आगामी फसलों पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए कृषि विभाग एवं उत्तर प्रदेश बीज एवं विकास निगम की ओर से 1000 क्विंटल गेहूं का बीज पंजाब भेजा जा रहा है। किसी भी प्राकृतिक आपदा में यूपी सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। सीएम ने बताया कि भेजा जा रहा बीज ‘बीबी-327’ प्रजाति का है। इसे करण शिवानी के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग-प्रतिरोधी, बायो-फोर्टीफाइड और पोषणयुक्त प्रजाति है, जो केवल 155 दिनों में तैयार होती है। लगभग 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की उपज देने में सक्षम है।
सीएम योगी ने पंजाब के किसानों की मदद को भेजा एक हजार क्विंटल गेहूं बीज :: बोले- आपदा में साथ खड़ी यूपी सरकार
Bysubhashchand4
Oct 22, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4