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बागपत से ब्रिक्स मंच तक: गांव के युवा ने ब्रिक्स देशों संग साझा किया ‘स्वयंसेवा से बदलाव’ का मॉडल

भारत की सोच, दुनिया तक: यूपी के युवा ने ब्रिक्स युवा सम्मेलन में रखी पर्यावरण की बात गांव से ग्लोबल मंच तक: बागपत के युवा अमन ने बढ़ाया भारत का…

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि निर्यात एवं जी.आई. टैगिंग के सम्बंध में की बैठक

बागपत, 30 अप्रैल 2026—जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि निर्यात एवं जी.आई. टैगिंग से संबंधित जनपद स्तरीय क्लस्टर सुविधा इकाई की बैठक की अध्यक्षता की।बैठक में जिलाधिकारी…

अवर अभियन्ता (सिविल) मुख्य परीक्षा 03 मई को—जिलाधिकारी ने तैयारियों की समीक्षा की

बागपत, 30 अप्रैल 2026अवर अभियन्ता (सिविल) मुख्य परीक्षा (प्रा०अ०प०-2023)/08 की लिखित परीक्षा दिनांक 03 मई 2026 को पूर्वाह्न 10:00 बजे से 12:00 बजे तक जनपद बागपत में आयोजित की जाएगी।…

यूपी में लगे सर्वाधिक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से सीखेगी दुनिया

9 देशों के युवाओं ने माना योगी सरकार का लोहा, बोले-ऐसे ही अपने देश के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ेंगे जलवायु परिवर्तन से जूझ रही दुनिया को रास्ता दिखाएगा…

अधिकारों की जंग अपनों के संग – विनेश ठाकुरवंचित जाति सावधान, खुद बनें वरदानअतिदलित और अतिपिछड़े है वास्तविक बहुजन​भारतीय राजनीति और सामाजिक न्याय की यात्रा में एक नया और जटिल मोड़ दिखाई दे रहा है। मेरे द्वारा डंके की चोट पर लिखें गए इस इस सम्पादकीय से भले ही नई बहस का जन्म हो लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि मेरे द्वारा लिखा गया एक एक शब्द देश के अतिपिछड़ों अतिदलितो को शत प्रतिशत मानना पड़ेगा जिसमें अतिपिछड़ों और अतिदलितों को आगाह किया है कि उन्हें अब बाहरी ताकतों या ‘मनुवादियों’ से कहीं अधिक उन ‘कथित अपनों’ से सावधान रहने की जरूरत है, जो उनके हक का पूरा हिस्सा डकार रहे हैं। यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि उस जमीनी हकीकत का आईना है जिसे दशकों से हाशिए पर खड़े समाज महसूस कर रहे हैं। कौन नहीं जानता है कि दलितों पिछड़ों की संख्या अपने देश में मात्र 15 प्रतिशत है और 15 प्रतिशत ही सामान्य जातियों के लोग हैं शेष अति दलित और अतिपिछड़ी जातियों एवं मु्स्लिम अतिपिछड़े वर्ग के लोग और जो नेता पिछड़ों में सत्ता तक पहुंचते वह न तो अतिदलित अतिपिछड़ी जातियों को बहुजन मानते हैं और ना ही इनको कभी जन संख्या अनुपात में हिस्सेदारी की पैरवी करते हैं जिसका जिता जागता प्रमाण इनके द्वारा कभी सामाजिक न्याय समिति रोहिणी आयोग या कर्पूरी ठाकुर फार्मूले की मांग न करना है मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि ये लोग आरक्षण के वर्गीकरण की तो क्या करेंगे अपने बयानों में ब्राह्मण बनिया ठाकुर को मनुवादी बताकर अतिपिछड़ों अतिदलितो का पूरा हिस्सा डकार जातें हैं और आरक्षण के बहाने सामाजिक बैर बढ़ाने में संकोच नहीं करते हैं।​हक की लड़ाई और आंतरिक अवरोधमैं यह भी दावा करता हूं कि ​सामाजिक न्याय का नारा बुलंद कर कई जातियों और समूहों ने सत्ता की सीढ़ियां चढ़ीं। मंडल आयोग के बाद पिछड़ों और दलितों की एकजुटता ने देश की राजनीति की दिशा बदली, लेकिन समय के साथ इस एकजुटता के भीतर ही ‘मलाईदार परत’ (Creamy Layer) और वर्चस्ववादी समूहों का उदय हुआ।विनेश ठाकुर का संकेत स्पष्ट है:पिछड़ों और दलितों के नाम पर मिलने वाले आरक्षण, संसाधनों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का बड़ा हिस्सा कुछ प्रभावशाली उप-जातियां या परिवार हथिया लेते हैं।​जब एक ही वर्ग के भीतर कुछ लोग इतने मजबूत हो जाते हैं कि वे अपने ही भाइयों के अधिकारों का रास्ता रोकने लगें, तो ‘अतिपिछड़ों’ और ‘अतिदलितों’ का मोहभंग होना स्वाभाविक है। यह ‘अपनों’ के खिलाफ विद्रोह की पुकार है क्योंकि संघर्ष के मैदान में सबसे पीछे खड़ा व्यक्ति आज भी वहीं खड़ा है, जबकि उसके नाम पर लड़ने वाले ‘मसीहा’ काफी आगे निकल चुके हैं।​क्यों जरूरी है अलग होकर लड़ना?​जब तक शोषित वर्ग अपनी पहचान को एक व्यापक छतरी के नीचे देखता रहेगा, तब तक उसकी विशिष्ट समस्याओं और मांगों को नजरअंदाज किया जाता रहेगा। ‘अति’ शब्द का प्रयोग ही यह बताता है कि मुख्यधारा के दलित और पिछड़ा विमर्श में भी इन समुदायों की जगह गौण रही है।​संसाधनों का विकेंद्रीकरण: सरकारी योजनाओं और नौकरियों में जो हिस्सा अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए था, वह बीच में ही ‘कथित अपनों’ के द्वारा रोक लिया जाता है।​स्वतंत्र नेतृत्व: विनेश ठाकुर का आह्वान एक स्वतंत्र नेतृत्व की मांग करता है। जब तक अतिपिछड़ा वर्ग दूसरों की पालकी ढोता रहेगा, वह कभी खुद पालकी में नहीं बैठ पाएगा। और आने वाले चुनाव में इन सभी दलों से अतिपिछड़े और अतिदलित जातियों के आधार पर बनी पार्टियां यदि एक झंडे के नीचे आकर लड़ाई लड़ें और इन्हीं हिस्सा खाने वाले दलों से गठबंधन में शामिल होकर अपने विधायक सांसद मंत्री बनाकर सत्ता पाने का काम करें वरना इन सभी दलों का बहिष्कार कर अपना झंडा बुलंद करें ताकि सत्ता भी मिले और धार्मिक व जातिगत बैर और ज्यादा आगे न बढ़े।​सावधानी ही सुरक्षा है​यह संदेश एक कड़वी सच्चाई की ओर इशारा करता है कि वैचारिक विरोधियों (मनुवाद) से लड़ना आसान है क्योंकि वे सामने से वार करते हैं, लेकिन उन ‘अपनों’ को पहचानना और उनसे दूरी बनाना कठिन है जो साथ खड़े होकर आपके हितों का सौदा करते हैं। राजनीति में इसे ‘वोट बैंक’ की राजनीति कहा जाता है, जहाँ संख्या बल अतिपिछड़ों का होता है, लेकिन सत्ता का सुख कुछ गिने-चुने चेहरे भोगते हैं।​निष्कर्ष​विनेश ठाकुर ‘कर्पूरी’ का यह विचार सामाजिक न्याय के आंदोलन के भीतर एक नई चेतना का संचार कर सकता है। अब समय आ गया है कि अतिपिछड़े और अतिदलित समाज अपनी शक्ति को पहचानें और अपने अधिकारों के लिए एक ऐसी स्वायत्त लड़ाई लड़ें, जिसमें उनका हिस्सा कोई और न छीन सके। यह लड़ाई किसी के ‘विरोध’ में कम और अपने ‘अस्तित्व’ की रक्षा के लिए अधिक है। यदि समाज का सबसे निचला तबका आज भी अपने अधिकारों के लिए तरस रहा है, तो निश्चित रूप से व्यवस्था और नेतृत्व, दोनों को कटघरे में खड़ा करने का समय आ गया है।विनेश ठाकुर कर्पूरी सम्पादकविधान केसरी लखनऊ8954600000

अधिकारों की जंग अपनों के संग – विनेश ठाकुरवंचित जाति सावधान, खुद बनें वरदानअतिदलित और अतिपिछड़े है वास्तविक बहुजन​भारतीय राजनीति और सामाजिक न्याय की यात्रा में एक नया और जटिल…

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अपने अखबार या पत्रिका (Print Media) को केंद्रीय संचार ब्यूरो (Central Bureau of Communication – CBC) से जोड़ने यानी एम्पैनलमेंट (Empanelment) कराने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होता है।इसके माध्यम से आपके अखबार को सरकारी विज्ञापन मिलने की प्रक्रिया शुरू होती है।जरूरी शर्तें और प्रक्रिया RNI / PRGI रजिस्ट्रेशन: आपके समाचार पत्र के पास प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI / RNI) का वैध पंजीकरण होना चाहिए।नए नियमों के तहत प्रेस सेवा पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाती है।आधिकारिक वेबसाइट: सीबीसी से जुड़ने या आवेदन करने के लिए आपको केंद्रीय संचार ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट https://cbcindia.gov.in पर जाना होगा।ऑनलाइन आवेदन विंडो: सीबीसी समय-समय पर नए प्रकाशनों (Publications) के एम्पैनलमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करता है। जब पोर्टल पर आवेदन विंडो खुली हो, तब आप वेंडर या पब्लिशर पोर्टल पर जाकर अपने अखबार के कागजात और डिटेल्स के साथ अप्लाई कर सकते हैं। बिना किसी एजेंट के सतर्क रहें:सीबीसी स्पष्ट करता है कि एम्पैनलमेंट पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर होता है। इसके लिए किसी भी एजेंट या बिचौलये को रिश्वत या कमीशन न दें।लेटेस्ट अपडेट्स और आवेदन फॉर्म भरने के लिए सीधा CBC Vendor Login / Website पर विजिट करें।

दोस्तो मौजूदा समय में हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा ही नहीं रु. किसानों मजदूरों की आर्थिक स्तिथि रोजगार महंगाई देश की आर्थिक स्तिथि व्यापार सब कुछ खतरे में है लेकिन मोदी सरकार का और प्रदेश सरकारों का ठाट बाट खतरे में नहीं हैदोस्तो उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन जो प्रत्येक सोमवार को होता है कांग्रेस का यह प्रदर्शन अब समाप्त नहीं होगा जिला प्रशासन भ्रस्टाचारियों पर कानूनी कार्यवाही नहीं करेगा इसलिए कांग्रेस का यह प्रदर्शन चलेगा भ्रष्टाचार पर अगर कार्यवाही होगी तो पूरे सिस्टम पर सबाल खड़े होंगे और सिस्टम को मोदी सरकार संभाल रही है अगर संभल कलेक्ट्रेट पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध कांग्रेस का प्रदर्शन तभी समाप्त होगा जब मोदी सरकार को सत्ता से हटा कर देश में एक ऐसी सरकार लायी जाय जिस पर भ्रष्टाचार की एक भी शिकायत कोई भी नहीं कर पाएदोस्तो कल 25 अगस्त 26 को संभल कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन हुआ जिसमें PACL साइप्रसाद कल्पतरू KBCL निमवस जैसी तमाम कम्पनियों के पीड़ित निवेशक एकत्र हुए इन निवेशकों के पैसों के लिए भी मोदी सरकार ही जिम्मेदार है निवेशकों का पैसा व्याज सहित देना है तो मोदी सरकार के विरुद्ध देश में आंदोलन शुरू करना होगा लेकिन मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलन के लिए निवेशक हिम्मत नहीं जुटा पायदोस्तो आज देश की जनता की सभी समस्याओं की जड़ मोदी सरकार है अगर जनता की समस्याओं का समाधान करना है तो मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए देश में आंदोलन शुरू करना ही होगादोस्तो संभल कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन भ्रस्ट सिस्टम के विरोध में चल रहा है भ्रस्ट सिस्टम को जिला प्रशासन संभल ठीक नहीं कर सकता और भ्रस्टाचारियों पर कानूनी कार्यवाही भी नहीं कर सकताइसलिए भ्रस्ट सिस्टम को ठीक करने के लिए भ्रस्टाचारियों पर कानूनी कार्यवाही करने के लिए हमें मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए देश में आंदोलन शुरू करना होगा और यह आंदोलन संभल कलेक्ट्रेट से ही शुरू होगायह आंदोलन कांग्रेस का आदर्श आंदोलन के रूप में जाना जायेगाधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

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