बेटी के जन्म से शिक्षा, सुरक्षा से स्वावलंबन और घर से सार्वजनिक जीवन तक बढ़ी भागीदारी; अब रोडवेज में गर्व के साथ सफर करेगी महिला शक्ति
कलेक्ट्रेट सभागार में 400 महिलाओं का सम्मान, साड़ी-मिठाई देकर बढ़ाया उत्साह; लखनऊ से मा. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
प्रदेश सरकार की नई घोषणाओं से मातृशक्ति को संबल, बागपत के नवाचार भी दोहरा रहे नारी वंदन का संकल्प
लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा शुरू होने पर गूंजी तालियां, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 29 अगस्त के बाद भी निशुल्क बस यात्रा
बागपत, 26 अगस्त 2026 —- नए उत्तर प्रदेश में मातृशक्ति के सम्मान को सुविधा, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन से जोड़कर महिलाओं के आगे बढ़ने की राह अब आसान हो रही है। बेटी के जन्म को उत्सव बनाने से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा और सम्मान, परिवार में उसकी पहचान, विवाह के समय सहारा, पक्के आवास में भागीदारी और सार्वजनिक जीवन में सुरक्षित आवागमन तक महिला-केंद्रित प्रयासों की कड़ी लगातार विस्तार पा रही है।
इसी कड़ी में रक्षाबंधन से पहले प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की बड़ी सौगात मिली। त्योहार पर महिलाओं का सफर आसान होगा, वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र की माताओं-बहनों के लिए 29 अगस्त के बाद भी निशुल्क यात्रा का संबल बना रहेगा। सम्मान के साथ सुविधा और सुविधा के साथ आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मातृशक्ति के लिए इस पहल का प्रमुख संदेश रहा।
लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना का शुभारंभ किया और विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसका सीधा प्रसारण बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में देखा गया। जिले की महिलाएं, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मुख्यमंत्री के संबोधन से जुड़े। राज्यस्तर पर हुई घोषणाओं का बागपत में सजीव प्रसारण के जरिए सीधा संदेश पहुंचा और महिलाओं को नई सुविधाओं की जानकारी मिली।
जैसे ही रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की घोषणा हुई, कलेक्ट्रेट सभागार तालियों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 27 अगस्त सुबह छह बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक हर उम्र की महिला एक सहयात्री सहित उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और सिटी बस सेवा में निशुल्क यात्रा कर सकेगी। रक्षाबंधन को देखते हुए विशेष बसों की व्यवस्था की गई है। इस दौरान सभागार में मौजूद महिलाओं के चेहरों पर खुशी नजर आई। वहीं 29 अगस्त के बाद उत्तर प्रदेश की निवासी 60 वर्ष या अधिक आयु की महिलाएं आधार कार्ड या वोटर कार्ड दिखाकर निशुल्क यात्रा की सुविधा ले सकेंगी। उनके लिए बस किराया नहीं लिया जाएगा। इससे बुजुर्ग महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में आने-जाने के लिए किराये की चिंता से राहत मिलेगी। इलाज, रिश्तेदारी, धार्मिक स्थल या अन्य जरूरी काम से यात्रा करने वाली माताओं के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी होगी।
निशुल्क यात्रा की सुविधा से महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन का सफर आसान होगा। प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए वाहन लोकेशन ट्रैकिंग, इमरजेंसी अलर्ट, पैनिक बटन और सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाओं को सुरक्षा तंत्र से जोड़ा गया है। मिशन शक्ति, महिला पुलिस बीट और सेफ सिटी जैसी पहलों से महिलाओं की सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मा. मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के लोककल्याण और सेवा भाव को मातृशक्ति के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं के लिए सुविधा बढ़ाना समाज की प्रगति से जुड़ा विषय है। रक्षाबंधन पर निशुल्क बस सेवा के साथ 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आगे भी निशुल्क यात्रा की सुविधा जारी रखने को उन्होंने मातृशक्ति के प्रति सम्मान का कदम बताया। वहीं कामकाजी महिलाओं के लिए बनने वाले छात्रावासों की योजना को भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर-नवंबर में स्नातक की पढ़ाई कर रहीं प्रदेश की 50 हजार बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। इससे कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए आवागमन आसान होने के साथ उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने का संबल मिलेगा।
वहीं कलेक्ट्रेट सभागार में मा. राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि जिस भूमि पर मातृशक्ति का सम्मान होता है, वहां देवताओं का निवास होता है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान को प्रदेश की समृद्धि और परिवार-समाज की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि मातृशक्ति को सम्मान, सुरक्षा और सुविधाएं मिलने से उनकी भागीदारी प्रदेश के विकास में निरंतर बढ़ रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर निशुल्क यात्रा की सुविधा को महिलाओं के लिए बड़ी सौगात बताते हुए उन्होंने उपलब्ध योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
बागपत में इस अवसर पर करीब 400 महिलाओं का सम्मान कर उन्हें रक्षाबंधन का उपहार दिया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में महिलाओं को एक-एक साड़ी और मिठाई का डिब्बा भेंट किया गया। एक ओर लखनऊ से मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लाइव देखा जा रहा था, दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर मातृशक्ति के सम्मान का आयोजन चल रहा था। मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर तालियां और महिलाओं के चेहरों पर खुशी के बीच जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका उत्साह बढ़ाया।
साड़ी और मिठाई के सम्मान तथा मुफ्त सफर की घोषणा पर महिलाओं के बीच यही चर्चा रही कि सरकार हो तो ऐसी, जो त्योहार पर सम्मान के साथ सुविधा भी दे। महिलाओं ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी योजनाओं के साथ अब रोडवेज में मुफ्त सफर की सुविधा से मायके, रिश्तेदारी और जरूरी काम के लिए आना-जाना और आसान होगा।
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महिला सम्मान और सशक्तीकरण के विजन को बागपत प्रशासन भी जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में स्थानीय नवाचारों के जरिए आगे बढ़ा रहा है। बेटी का नाम-घर की शान से बेटियों को घर की पहचान, मेरी बेटी मेरी कुलदीपक और कन्या जन्मोत्सव से बेटी के जन्म व बेटियों वाले परिवारों का सम्मान, बुनकर महिलाओं को जीआई कार्ड से पहचान और स्वयं सहायता समूहों से आर्थिक भागीदारी के अवसर दिए गए। किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए एचपीवी टीकाकरण को गति मिली, निरा कॉटन पैड से स्वच्छ माहवारी, आंचल स्तनपान कक्ष से माताओं को गरिमापूर्ण सुविधा और किशोरी का पिटारा से बेटियों को अपनी बात रखने का मंच मिला। खाप पंचायतों के साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संवाद और विवाह समारोह में आठवां वचन, कांवड मेले में महिला हितैषी सुविधाएं जैसी पहलें भी इसी कड़ी को आगे बढ़ा रही हैं।
इस तरह बेटी के जन्म और स्वास्थ्य से शुरू होकर शिक्षा, पहचान, सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी तक पहुंची महिला-केंद्रित पहल अब महिलाओं के सुगम सार्वजनिक आवागमन से भी जुड़ गई है। रक्षाबंधन पर मिली निशुल्क बस यात्रा की सौगात इसी कड़ी में मातृशक्ति के लिए सम्मान, सुविधा और आत्मविश्वास का नया संबल बनकर सामने आई है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, एआरएम हाकिम सिंह और एआरटीओ विपिन कुमार ,यशपाल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सूचना विभाग, बागपत