जब से आदरणीय मोदी जी आए हैं तब से देश और दुनिया में प्राकृतिक आपदाएं लगातार बढ़ रही है। कमल की बात कहूं देश और दुनिया को पता ही नहीं चलता सब कुछ दबा दिया जाता है लोग तड़प का मर जाते हैं मुझे याद है 26 जनवरी 2001 का 7.9 का गुजरात भूकंप और कई सारी बाढ़ जब हम समाचार पत्रों में टीवी चैनल पर निष्पक्ष देखते थे अगले दिन से देश भर में दुआओं के और सहायता के हाथ खड़े हो जाते थे। पूरा देश एक साथ एक परिवार जैसे खड़ा हो जाता था। और मदद करता था।
असम में कई दिन से बाढ़ आई हुई है जनजीवन के बारे में लिखा नहीं जाएगा इतनी तरसती है ऐसा सोशल मीडिया के माध्यम से पता चल रहा है झूठ…