विकास योजनाओं की गति और गुणवत्ता दोनों पर नजर, मा. प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को दिए समयबद्धता के निर्देश
मा. प्रभारी मंत्री श्री जसवंत सैनी ने विकास, राजस्व, कानून व्यवस्था और निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की
विभिन्न योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा, योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित
बागपत, 24 अगस्त 2026 — उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य विभाग के राज्यमंत्री एवं जनपद मा. प्रभारी मंत्री श्री जसवंत सिंह सैनी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में विकास एवं राजस्व कार्यों, कानून व्यवस्था तथा निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से विभागवार योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचे, जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। बैठक में बागपत मा. विधायक श्री योगेश धामा, छपरौली मा. विधायक डॉ अजय कुमार, जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
मा. प्रभारी मंत्री ने बैठक में बागपत की विकास रैंकिंग में हुए उल्लेखनीय सुधार की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद का 72वीं रैंक से टॉप जनपदों में स्थान बनाना अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिस गति और समन्वय से जनपद ने यह उपलब्धि हासिल की है, उसे लगातार बनाए रखा जाए। योजनाओं की प्रगति केवल रैंक तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्यक्ष लाभ आम नागरिक को दिखाई देना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नियमित समीक्षा, स्थलीय निरीक्षण और समयबद्ध निस्तारण के माध्यम से विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने जनपद में पुलिस जनचौपाल के आयोजन, मिशन शक्ति अभियान तथा महिला जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम, महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी मा. प्रभारी मंत्री को अवगत कराया गया। जनपद में मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मा. प्रभारी मंत्री ने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नए अपराधियों की पहचान, वांछित अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई और हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी को निरंतर मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और आमजन में सुरक्षा का विश्वास लगातार मजबूत होना चाहिए। पुलिस को जनचौपाल और अन्य जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से लोगों से सीधे संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
समीक्षा में आईजीआरएस की स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जनशिकायतों के निस्तारण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मा. प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बागपत की बेहतर रैंकिंग को बनाए रखने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जननी सुरक्षा योजना की प्रगति सामने आई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत 2711 के लक्ष्य के सापेक्ष 2039 की उपलब्धि हासिल की गई है तथा लाभार्थियों के भुगतान का प्रतिशत 80 से अधिक है। भुगतान के मामले में बागपत मेरठ मंडल में प्रथम स्थान पर है। मा. प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ को पात्र माताओं तक समय से पहुंचाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य एवं मातृ-शिशु कल्याण से जुड़ी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा करते हुए मा. प्रभारी मंत्री ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवारों से संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में फैमिली आईडी महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसका कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। समाज कल्याण विभाग की सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा में बताया गया कि जनपद के लिए 490 विवाह का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 150 विवाह शेष है जो नवंबर माह तक पूर्ण हो जाएगा। मा. प्रभारी मंत्री ने शेष लक्ष्य को समय से पूरा करने और पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
निर्माण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि 150 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। मा. प्रभारी मंत्री ने पूर्ण परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, उपयोगिता और टिकाऊपन को प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाए। पंचायती राज विभाग की समीक्षा में 15वें वित्त आयोग से संबंधित भुगतान की स्थिति पर चर्चा हुई। मा. प्रभारी मंत्री ने जिला पंचायत राज अधिकारी को आवश्यक भुगतान समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित न हों और स्वीकृत कार्यों को गति मिल सके।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि अभियान के तहत 122 निराश्रित गोवंश को पकड़कर संरक्षित किया गया है तथा वर्तमान में 9127 गोवंश संरक्षित हैं। गौशालाओं में गोवंश के टीकाकरण की जानकारी भी दी गई। मा. प्रभारी मंत्री ने गौवंश के संरक्षण के साथ-साथ गौशालाओं में चारा, पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। लम्पी बीमारी की रोकथाम को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया। विभाग द्वारा गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाकर पशुपालकों को बीमारी से बचाव और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। मा. प्रभारी मंत्री ने इसे और प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
वन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि निर्धारित लक्ष्य 14,93,650 पौधारोपण के सापेक्ष 15,01,150 पौधे लगाए जा चुके हैं। लक्ष्य से अधिक पौधारोपण पर मा. प्रभारी मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और जीवित रहने की स्थिति की नियमित निगरानी भी आवश्यक है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयासों को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए।
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में विद्यालयों में कायाकल्प कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। मा. प्रभारी मंत्री ने विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने, विशेष रूप से टाइल्स आदि के कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता और निपुण भारत से जुड़े कार्यों की भी नियमित समीक्षा करने तथा विद्यालय स्तर पर शैक्षिक परिणामों में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
नमामि गंगे कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 174 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें 149 टैंक शामिल हैं और 110 टैंक के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मा. प्रभारी मंत्री ने जल संरक्षण, जल निकासी और जल संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को समय से पूरा करने तथा पूर्ण परियोजनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज विकास की आवश्यक प्राथमिकता है। तालाबों और जल संरचनाओं का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
सड़क निर्माण और रखरखाव की समीक्षा करते हुए मा. प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनपद की सड़कों की स्थिति में लगातार सुधार दिखाई देना चाहिए। जिन सड़कों पर क्षति है, उनकी प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए। नई सड़कों से संबंधित कार्यों को भी समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कें आमजन की सुविधा और आर्थिक गतिविधियों की आधारभूत कड़ी हैं, इसलिए निर्माण और मरम्मत दोनों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री आवास योजना और दिव्यांग पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मा. प्रभारी मंत्री ने पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने और किसी भी पात्र व्यक्ति को लाभ से वंचित न रहने देने के निर्देश दिए।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा में आंगनवाड़ी केंद्रों में व्यवस्थाओं की स्थिति की जानकारी दी गई। मा. प्रभारी मंत्री ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, पोषण व्यवस्था, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाएं बेहतर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण स्तर पर पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
हाल में हुई वर्षा से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए मा. प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर फसल क्षति का आकलन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन को खेत स्तर तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने पर जोर दिया गया।
मा. प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई को प्रभावी बनाया जाए और सुबह 10 से 12 बजे के बीच जनसमस्याओं की सुनवाई को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के बीच उपलब्ध रहें और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। प्रशासन की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और जवाबदेही दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में मा. प्रभारी मंत्री श्री जसवंत सिंह सैनी ने विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि बागपत ने विकास की रैंकिंग में उल्लेखनीय छलांग लगाई है। अब चुनौती इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ योजनाओं के वास्तविक लाभ को प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने की है। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विकास कार्यों को गति देने, कानून व्यवस्था को और मजबूत करने, जनशिकायतों का प्रभावी समाधान करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
मा. प्रभारी मंत्री श्री जसवंत सिंह सैनी ने सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के लाभार्थियों को चेक प्रदान कर सम्मानित कर युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अन्य युवाओं से भी योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। वहीं महिलाओं को विश्वकर्मा श्रम सेवा सम्मान योजना के तहत टूलकिट देकर सम्मानित किया गया।
बैठक में जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा, जिलाधिकारी अस्मिता लाल, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व विनीत उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग बागपत