अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला रविवार तड़के भारत लौट आए

अनुष्का कश्यप/एजेंसी, नई दिल्ली। रविवार को अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला रविवार तड़के भारत लौट आए। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की उनकी ऐतिहासिक यात्रा का जश्न मनाने के लिए दिल्ली में हवाई अड्डे पर बड़ी संख्या में लोगों ने तिरंगा लहराते और ढोल बजाते हुए उनका जोरदार स्वागत किया।

शुक्ला और उनके बैकअप अंतरिक्ष यात्री प्रशांत बालकृष्णन नायर का केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने स्वागत किया। जितेंद्र सिंह की ओर से हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के बाद पोस्ट किए गए स्वागत संदेश के जवाब में शुक्ला ने एक्स पर लिखा, ”धन्यवाद सर। घर वापस आकर वाकई अच्छा लग रहा है।”

अंतरिक्ष उड़ान के लिए अमेरिका में लगभग एक वर्ष चले प्रशिक्षण के बाद स्वदेश लौटे शुक्ला का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर उनकी पत्नी कामना और बेटा कियाश भी मौजूद थे। ढोल-नगाड़ों की ध्वनि के साथ शुक्ला का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर तिरंगा लहराते हुए बड़ी भीड़ जमा हुई थी।

सरकार ने शुक्ला की भारत वापसी के उपलक्ष्य में सोमवार को लोकसभा में ‘अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री- 2047 तक विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका’ विषय पर एक विशेष चर्चा का प्रस्ताव रखा है।

शुक्ला के सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने और अपने गृहनगर लखनऊ जाने की उम्मीद है। 22-23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेने के लिए उनके राजधानी लौटने की भी संभावना है।

शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 निजी अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे, जो 25 जून को फ्लोरिडा से रवाना हुआ था और 26 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था। वह 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट आए थे। तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों- पैगी व्हिटसन (अमेरिका), स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की (पोलैंड) और टिबोर कापू (हंगरी) के साथ शुक्ला ने 18 दिनों के मिशन के दौरान 60 से अधिक प्रयोग किए और 20 आउटरीच सत्र आयोजित किए।

अनुष्का कश्यप/एजेंसी, नई दिल्ली। रविवार को भाजपा ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णनको उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का उम्मीदवार घोषित किया। यह फैसला भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की पसंद को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई गई थी।

चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। उन्होंने 31 जुलाई 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। अपनी नियुक्ति से पहले, उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। झारखंड के राज्यपाल के रूप में राधाकृष्णन को भारत के राष्ट्रपति की ओर से तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के लिए नियुक्त किया गया था।

चार दशकों से ज्यादा के अनुभव के साथ राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक सम्मानित नाम हैं। चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुपुर, तमिलनाडु में हुआ था। राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में शुरुआत करते हुए, वे 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने।

1996 में राधाकृष्णन को तमिलनाडु भाजपा का सचिव नियुक्त किया गया। 1998 में वे पहली बार कोयंबटूर से लोकसभा के लिए चुने गए। 1999 में वे फिर से लोकसभा के लिए चुने गए।

सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कपड़ा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों  संबंधी संसदीय समिति और वित्त संबंधी परामर्शदात्री समिति के भी सदस्य रहे। वे स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच करने वाली संसदीय विशेष समिति के सदस्य भी थे।

2004 में राधाकृष्णन ने संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। वे ताइवान गए पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी थे।

2004 से 2007 के बीच राधाकृष्णन तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस पद पर रहते हुए, उन्होंने 19,000 किलोमीटर की ‘रथ यात्रा’ की, जो 93 दिनों तक चली। यह यात्रा सभी भारतीय नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करने, अस्पृश्यता निवारण और मादक पदार्थों के खतरे से निपटने जैसी उनकी मांगों को उजागर करने के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए दो और पदयात्राओं का भी नेतृत्व किया।

2016 में राधाकृष्णन को कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और वे चार वर्षों तक इस पद पर रहे। उनके नेतृत्व में भारत से कॉयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। 2020 से 2022 तक वे केरल भाजपा के अखिल भारतीय प्रभारी रहे।

18 फरवरी, 2023 को राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अपने पहले चार महीनों के कार्यकाल में उन्होंने झारखंड के सभी 24 जिलों का दौरा किया और नागरिकों तथा जिला अधिकारियों से बातचीत की।

राधाकृष्णन एक खिलाड़ी भी रह चुके हैं और कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस में चैंपियन और लंबी दूरी के धावक भी थे। उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल का भी शौक था।

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अनुष्का कश्यप/एजेंसी, नई दिल्ली। रविवार को  कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गाधी के वोट चोरी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलकर सारे आरोपों पर जवाब दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि एक मतदाता सिर्फ एक ही बार वोट डाल सकता है। चुनाव आयोग के मुख्य चुानव आयुक्त ने कहा कि अगर मतदाता सूची में कोई गलती है तो उसे सुधारने के लिए 1 सितंबर तक का समय दिया गया है। राहुल गांधी के आरोपों पर चुनौती देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि त्रुटियां सुधारने का पर्याप्त समय दिया जा रहा है।

मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रतिबंधित है। चुनाव आयोग का यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद आया है और 2019 का है। हमें मशीन-पठनीय मतदाता सूची और खोज योग्य मतदाता सूची के बीच अंतर समझना होगा। आप चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मतदाता सूची को EPIC नंबर डालकर खोज सकते हैं।”

ज्ञानेश कुमार ने कहा, इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। इसे मशीन-पठनीय नहीं कहा जाता है। मशीन-पठनीय के संबंध में, 2019 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस विषय का गहन अध्ययन किया और पाया कि मशीन-पठनीय मतदाता सूची देने से मतदाता की निजता का उल्लंघन हो सकता है… मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रतिबंधित है। चुनाव आयोग का यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद आया है और 2019 का है।”

उन्होंने कहा, “रिटर्निंग ऑफिसरद्वारा नतीजे घोषित करने के बाद भी, कानून में यह प्रावधान है कि 45 दिनों की अवधि के भीतर, राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट में जाकर चुनाव को चुनौती देने के लिए चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं। इस 45 दिनों की अवधि के बाद, इस तरह के निराधार आरोप लगाना, चाहे वह केरल हो, कर्नाटक हो, या बिहार हो।”

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब चुनाव के बाद की वह 45 दिन की अवधि समाप्त हो जाती है और उस अवधि के दौरान, किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को कोई अनियमितता नहीं मिलती है, तो आज, इतने दिनों के बाद, देश के मतदाता और लोग इस तरह के निराधार आरोप लगाने के पीछे की मंशा को समझते हैं।

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नितिन कुमार सिंह, बागपत। 79वे स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बागपत जनपद में भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप के नेतृत्व में कोंग्रेसियों ने वोट चोर गद्दी छोड के नारे लगाते हुए सम्राट पृथ्वीराज डिग्री कॉलेज से वंदना चौक तक कैंडल मार्च निकला। दर असल कांग्रेस ने देशभर में वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान शुरू कर किया है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप ने बताया कि राहुल गाँधी के इस अभियान के तहत कांग्रेस देश की जनता को बताएगी कि बीजेपी ने इलेक्शन कमीशन के साथ मिलकर किस तरह वोट चुराए हैं। इस मसले पर कांग्रेस पूरे देश में मुद्दा बना रही है। इलेक्शन पर कांग्रेस निरंतर हमलावर है। कांग्रेस 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक देशभर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाएगी। इस अभियान से बागपत जनपद में भी कांग्रेस में भी हलचल हो गई है। इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रत्याशी व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कश्यप रूबी कश्यप, दीन मोहमंद, अरविंद, पवन आदि उपस्थित रहे।   

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नितिन कुमार सिंह बागपत। दिल्ली में लाल किले की प्राचीर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने तिरंगा फहराया। वही राज्यों में राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों ने भी तिरंगा झंडा फहराकर 79 वा स्वतंत्रता दिवस मनाया।

जनपद बागपत में भी तमाम राजनीतिक दलों ने तिरंगा यात्रा निकालकर देश के शहीदों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। बागपत जनपद के बड़ौत शहर में गांधी चौक पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष लव कश्यप ने 15 अगस्त को सुबह ही झंडा फहराकर जिले में कांग्रेस पार्टी के द्वारा कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी थी।  बड़ौत के गांधी चौक पर झंडा फहराने के बाद, कांग्रेस जिला अध्यक्ष लव कश्यप बागपत ने जिला मुख्यालय पर गौरीपुर जवाहर नगर में स्थित कांग्रेस पार्टी जिला कार्यालय पर भी झंडा फहराया। उसके बाद बड़ौत में भी शहीदों के सम्मान में बाइक रैली तिरंगा यात्रा बड़ौत के बिनौली रोड से शुरू कर शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए बड़ौत के पीएन शर्मा पार्क पर पहुंचें। इस अवसर पर कांग्रेस जिला महासचिव आशु पंडित, अभी शर्मा, अनंत भारद्वाज, पवन कश्यप, अरविंद कश्यप, दीन मोहम्मद और सैकड़ो की संख्या में कांग्रेसी बाइकों पर चल रहे थे।

मैं प्राचार्य नहीं हूं!किंतु विचार अवश्य ही प्रकट करने की अनुमति चाहता हूं-

मेरी जानकारी के अनुसार प्राचार्य पदों पर नियुक्तियां करते समय शोध अनुभव के रूप में किसी शोध प्रोजेक्ट में काम करने एवं लघु शोध प्रबंध पर्यवेक्षक के रूप में किए गए कार्य को भी शोध अनुभव के रूप में मान्य किया गया था।

उक्त के संबंध में दी गई अनुमति संबंधी मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन बताया जाता है।

केवल पीएचडी करने संबंधी अनुभव को ही शोध अनुभव मानना मेरी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है।

अतः अनावश्यक रूप से अपने ही शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को संदेह की दृष्टि से देखना प्राचार्य पद पर नियुक्ति हेतु प्रयास करने की हिम्मत करने वाले योद्धाओं के साथ और वह भी शासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज में, जहां हर कोई जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता, मेरी नजर से इनके साथ अन्याय करना होगा।
डॉ. प्रवीण कुमार
चांद सी नगरी, चंदौसी।

देश के लगभग 10% स्कूल कॉलेज के प्रबंध तंत्र मैनेजमेंट जिसे कहते हैं नालायक साजिश करता नहीं होते

प्रत्येक स्कूल में मैनेजमेंट क्या नौटंकी खेलता है सरकार को सब पता है उसके बावजूद भी देश की सरकार किसी भी स्कूल कॉलेज मैनेजमेंट प्रबंध तंत्र को सजा नहीं देती जबकि सरकार को चाहिए कि देश के सभी सरकार से सहायता प्राप्त स्कूल कॉलेज आदि का राष्ट्रीयकरण के तहत अपने नियंत्रण में स्कूल कॉलेज आदि को ले ले नहीं तो स्कूल कॉलेज के मैनेजमेंट जिन्हें पर बंद तंत्र भी कहते हैं हिंदी में शिक्षा का शिक्षा नाश स्कूल का सत्यानाश अध्यापकों का सट्टा नाश करके ही छोड़ते हैं अस म कॉलेज चंदौसी में मेरे भाई के साथ भी एसएम कॉलेज चंदौसी प्रबंध तंत्र पिछले लगभग 23 सालों से दादागिरी तानाशाही कर रहा है और 99% कॉलेज के अन्य स्टाफ के साथ में भी शायद तानाशाही हो जो उजागर हो चुकी है

संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त 42 प्रकरणों में 13 का हुआ मौके पर निस्तारण

जनहित के मुद्दों पर जिलाधिकारी का सख्त रुख — कहा, ‘जनता को बार-बार न आना पड़े’

गंभीरता के साथ शिकायत का निस्तारण गुणवत्ता के साथ करें

बागपत 18 अगस्त 2025 — जनपद की तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल एवं पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने स्वयं बागपत तहसील में पहुँचकर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “संपूर्ण समाधान दिवस केवल सुनवाई का मंच नहीं, बल्कि जनता को त्वरित और संतोषजनक समाधान दिलाने का प्रयास है।”

बागपत तहसील में कुल 24 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 08 का मौके पर ही निस्तारण हुआ। इसी प्रकार खेकड़ा तहसील में 09 प्रकरण आए, जिनमें से 04 का तत्काल समाधान किया गया। वहीं बड़ौत तहसील में 09 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 01 का मौके पर निस्तारण किया गया। इस प्रकार पूरे जिले में कुल 42 शिकायतें प्राप्त हुईं और 13 का निस्तारण तत्काल संभव हो सका।

शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व, बिजली, नगर विकास, पेंशन और पुलिस प्रशासन से जुड़े रहे। ग्रामीणों ने अवैध कब्ज़ों, भूमि विवादों, साफ-सफाई और पेयजल की समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित हो तथा प्रगति रिपोर्ट भी नियमित प्रस्तुत की जाए।

डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि विभागीय समन्वय में सुधार लाए और सुनिश्चित करे कि “जनता को बार-बार एक ही समस्या लेकर न आना पड़े। यदि किसी प्रकरण पर लापरवाही हुई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि समाधान दिवस तभी सार्थक होगा जब जनता को वास्तविक राहत मिले। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने फरियादियों को भी आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याएँ तथ्यों और साक्ष्यों सहित रखें, जिससे उनका समाधान और भी आसान हो सके।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तीरथ लाल, एसडीएम बागपत अमरचंद वर्मा ,तहसीलदार अभिषेक कुमार सिंह ,अधिशासी अधिकारी के के भड़ाना सहित आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

जिलाधिकारी के निर्देशन में पाली गांव में विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन

जिलाधिकारी ने स्वयं लिया जायजा, संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

बागपत दिनांक 18 अगस्त 2025 — जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में पाली गांव में शुक्रवार को व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत गांव की गलियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर श्रमदान किया गया। जगह-जगह जमा कूड़े-कचरे को हटाया गया और लोगों को “स्वच्छता अपनाएँ, बीमारी मिटाएँ” का संदेश दिया गया।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल स्वयं मौके पर पहुँचीं और अभियान की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई की स्थिति देखकर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि स्वच्छता का संकल्प तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक इसे अपनी आदत बना ले। यदि हर परिवार अपने घर और आसपास की सफाई पर ध्यान दे तो पूरा जनपद एक नए स्वरूप में नज़र आएगा।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्वयं गलियों में घूमकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि गाँवों में प्रतिदिन सफाई कार्य सुनिश्चित कराया जाए और विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गंदगी न फैले इस पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वच्छता ही स्वास्थ्य की गारंटी है। यह न केवल बीमारियों से बचाती है बल्कि गांव और समाज को एक सकारात्मक पहचान भी देती है।

इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण अत्री , सफाई कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण भी सक्रिय रूप से अभियान में शामिल रहे।

सूचना विभाग बागपत

जिलाधिकारी की पहल पर ‘रेबीज मुक्त बागपत’ अभियान का शुभारंभ, अब बेजुबान जानवरों को मिलेगा जीवनरक्षक टीका

जनपद के सभी 33 पशु चिकित्सालयों पर लगे विशेष कैंप में पालतू जानवरों का होगा एंटी रेबीज टीकाकरण

बागपत, 18 अगस्त 2025 — जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन एवं पहल पर बागपत को रेबीज-मुक्त बनाने के उद्देश्य से आज से रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ स्वयं जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने राजकीय पशु चिकित्सालय, सदर बागपत में किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि, “यह अभियान सिर्फ बेजुबान जानवरों की सुरक्षा का ही नहीं बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा का प्रयास है। जब हम अपने पालतू जानवरों को समय पर टीकाकरण कराते हैं, तो हम अपने परिवार, बच्चों और समुदाय को भी रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षित करते हैं। मेरा सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे जिम्मेदारी निभाते हुए अपने पालतू जानवरों का एंटी-रेबीज टीकाकरण अवश्य कराएँ।”

इस पहल के तहत जिले के सभी 33 पशु चिकित्सालयों पर पालतू जानवरों के लिए विशेष एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर लगाए जा रहे हैं। यह अभियान प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होगा। साथ ही नगर पालिका बागपत की ओर से पशु चिकित्सालयों पर जानवरों हेतु जलपात्र उपलब्ध कराए गए हैं।

क्यों है यह अभियान महत्वपूर्ण?

रेबीज एक जानलेवा वायरल बीमारी है जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। एक बार लक्षण दिखाई देने पर यह लगभग 100% घातक साबित होती है, और इसका कोई इलाज नहीं है। इसीलिए समय पर और नियमित टीकाकरण ही इस बीमारी का एकमात्र प्रभावी बचाव है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में रेबीज के 99% से अधिक मामले कुत्तों के काटने से होते हैं। इस अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन का लक्ष्य न केवल मानव स्वास्थ्य की रक्षा करना है, बल्कि बेजुबान जानवरों को भी इस घातक बीमारी से बचाना है।

लक्षण की पहचान और उपाय

जानवरों में इसके लक्षणों में अचानक व्यवहार में बदलाव, अत्यधिक आक्रामकता या असामान्य शांति, भूख न लगना, पानी पीने में डर (हाइड्रोफोबिया), अत्यधिक लार टपकना, चलने में कठिनाई, दौरे पड़ना और लकवा शामिल हैं। लक्षण प्रकट होने के बाद अधिकांश जानवर 7 से 10 दिनों के भीतर मर जाते हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि “लक्षण आने के बाद इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज संभव नहीं है, इसलिए समय पर रोकथाम ही एकमात्र प्रभावी उपाय है।” इसलिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी एवं अपने पालतू जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एंटी रेबीज टीकाकरण अवश्य कराए।

यह अभियान रोग-निवारण के साथ साथ मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी देता है। संविधान हमें यह स्मरण कराता है कि जीव-जंतु हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा में योगदान देना हमारा नैतिक, सामाजिक और संवैधानिक कर्तव्य है। जब हम अपने पालतू जानवरों को टीका लगवाते हैं, तो हम न केवल उन्हें एक घातक बीमारी से बचाते हैं, बल्कि मानव समाज को भी संभावित संक्रमण से सुरक्षित करते हैं।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाकर इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। कुत्तों एवं श्वान के टीकाकरण से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए वैक्सीनेशन नोडल अधिकारी डॉ. राजकुमार रावत से 9458240723 पर संपर्क किया जा सकता है। यह अभियान बागपत को एक स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार समुदाय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरविंद कुमार त्रिपाठी, ईओ बागपत के के भड़ाना सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सूचना विभाग, बागपत

कश्यप निषाद मांझी समाज के गौरव परम श्रद्धेय द माउंटेन मैन दशरथ मांझी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन विनम्र श्रद्धांजलिदशरथ मांझी जी सा ज़िद्दी कठोर और संघर्षशील आदमी की धरती पर आज तक पैदा नहीं उसने अपने 22 साल की कठोर मेहनत के दम पर एक एक पत्थर को छैनी से तोड़कर गांव वालों के लिए रास्ता बनाएं था ज्ञात हो कि दशरथ मांझी जी की पत्नी बहुत बीमार हो गईतीज आस पास कोई अस्पताल नहीं था तथा अस्पताल में ले जाने के लिए बहुत दूर से होकर जाना पड़ता था दशरथ मांझी जब अपनी पत्नी को अस्पताल ले जाने लगे तो क रास्ते में ही मौत हो गई इससे उन्हें बहुत दुख हुआ तब उन्होंने प्रण लिया कि आगे भविष्य में कोई भी आदमी दूर अस्पताल पहुंचने के कारण नहीं मरेगा तब उन्होंने अपने 22 साल की कठोर मेहनत से गांव वालों के लिए पत्थर का सीना चीरकर रास्ता बनाया था आज दशरथ मांझी जी पूरे देश में पर्वत पुरुष यानी माउंटेन मैन के नाम से जाने जाते हैं ऐसी दिवंगत आत्मा के चरणो में कोटि-कोटि नमन 🙏💐🌹💫

कश्यप निषाद मांझी समाज के गौरव परम श्रद्धेय द माउंटेन मैन दशरथ मांझी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन विनम्र श्रद्धांजलि
दशरथ मांझी जी सा ज़िद्दी कठोर और संघर्षशील आदमी की धरती पर आज तक पैदा नहीं उसने अपने 22 साल की कठोर मेहनत के दम पर एक एक पत्थर को छैनी से तोड़कर गांव वालों के लिए रास्ता बनाएं था ज्ञात हो कि दशरथ मांझी जी की पत्नी बहुत बीमार हो गईतीज आस पास कोई अस्पताल नहीं था तथा अस्पताल में ले जाने के लिए बहुत दूर से होकर जाना पड़ता था दशरथ मांझी जब अपनी पत्नी को अस्पताल ले जाने लगे तो क रास्ते में ही मौत हो गई इससे उन्हें बहुत दुख हुआ तब उन्होंने प्रण लिया कि आगे भविष्य में कोई भी आदमी दूर अस्पताल पहुंचने के कारण नहीं मरेगा तब उन्होंने अपने 22 साल की कठोर मेहनत से गांव वालों के लिए पत्थर का सीना चीरकर रास्ता बनाया था आज दशरथ मांझी जी पूरे देश में पर्वत पुरुष यानी माउंटेन मैन के नाम से जाने जाते हैं ऐसी दिवंगत आत्मा के चरणो में कोटि-कोटि नमन 🙏💐🌹💫

बागपत, 16 अगस्त 2025 –कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आज जनपद की गौशालाओं में विधि-विधानपूर्वक गौ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गौमाता की आरती उतारी, पुष्प अर्पित किए तथा परंपरागत रूप से पूजा-अर्चना कर गौसेवा का संकल्प लिया।

बागपत, 16 अगस्त 2025 –
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आज जनपद की गौशालाओं में विधि-विधानपूर्वक गौ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गौमाता की आरती उतारी, पुष्प अर्पित किए तथा परंपरागत रूप से पूजा-अर्चना कर गौसेवा का संकल्प लिया।

जिलाधिकारी की पहल पर बेजुबान जानवरों को मिलेगी रेबीज से राहत, जनपद में शुरू होगा व्यापक अभियान

जनपद के सभी पशु चिकित्सालयों पर रेबीज की रोकथाम के लिए चलेगा जानवरों का टीकाकरण कैंप

रेबीज उन्मूलन के लिए विशेष अभियान 18 अगस्त से होगा शुरू, कुत्ते, श्वान आदि का होगा एंटी रेबीज टीकाकरण

जनपद में रेबीज रोकथाम के लिए बड़ा कदम, बेजुबान जानवरों को मिलेगा एंटी रेबीज का जीवनरक्षक टीका

लक्षण पहचानने में देर न करें, तुरंत टीका लगवाएं — रेबीज से बच सकती है आपके पालतू पशु की जान

बागपत, 17 अगस्त 2025 — जीव-जंतुओं के प्रति करुणा, पर्यावरणीय संतुलन की रक्षा और स्वस्थ समाज निर्माण की भावना को साकार करने हेतु, जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा रेबीज की रोकथाम के लिए 18 अगस्त को पशु चिकित्सालय बागपत से पालतू पशुओं के लिए एक सघन और व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा जिसके अंतर्गत जिलेभर में पशु चिकित्सालयों पर विशेष टीकाकरण कैंप लगाए जाएंगे।

यह पहल न केवल जनस्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(ए)(जी) के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक के मूल कर्तव्य — “प्राकृतिक पर्यावरण, जिसमें वन्य जीव शामिल हैं, का संरक्षण और सुधार करना तथा जीव-जंतुओं के प्रति करुणा रखना” की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति भी है।

अभियान के अंतर्गत जनपद के 33 पशु चिकित्सालयों में पालतू पशुओं जैसे कुत्ता, श्वान पालतू बिल्ली आदि का एंटी-रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। वर्तमान में इन चिकित्सालयों में 1100 डोज उपलब्ध हैं, जिससे अधिक से अधिक पालतू पशुओं को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। वैक्सीनेशन नोडल अधिकारी डॉ. राजकुमार रावत को नियुक्त किया गया है। कुत्ते एवं श्वान के टीकाकरण से संबंधित किसी भी जानकारी हेतु 9458240723 पर संपर्क किया जा सकता है।

रेबीज एक घातक वायरल बीमारी है, जो न केवल मनुष्यों बल्कि जानवरों के लिए भी लगभग 100% घातक होती है। यह वायरस जानवरों और मनुष्यों, दोनों के तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है और मस्तिष्क में सूजन पैदा करता है। एक बार लक्षण प्रकट हो जाने के बाद इसका कोई इलाज संभव नहीं है, और पीड़ित की मृत्यु निश्चित होती है। यही कारण है कि समय पर और नियमित टीकाकरण ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में 99% से अधिक रेबीज संक्रमण के मामले कुत्तों के काटने से होते हैं। संक्रमित लार के माध्यम से यह वायरस काटने, खरोंचने या खुले घाव, आंख, नाक या मुंह की श्लेष्म झिल्ली पर लगने से फैलता है। यह संक्रमण सभी स्तनधारी जीवों में हो सकता है। इस अभियान के माध्यम से उन बेजुबान जानवरों के जीवन की रक्षा की जाएगी, जो रेबीज वायरस के कारण असमय मृत्यु का शिकार हो जाते हैं।

जानवरों में इसके लक्षणों में अचानक व्यवहार में बदलाव, अत्यधिक आक्रामकता या असामान्य शांति, भूख न लगना, पानी पीने में डर (हाइड्रोफोबिया), अत्यधिक लार टपकना, चलने में कठिनाई, दौरे पड़ना और लकवा शामिल हैं। लक्षण प्रकट होने के बाद अधिकांश जानवर 7 से 10 दिनों के भीतर मर जाते हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि “लक्षण आने के बाद इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज संभव नहीं है, इसलिए समय पर रोकथाम ही एकमात्र प्रभावी उपाय है।” पालतू जानवरों में 3 माह की उम्र के बाद पहला टीका और उसके बाद हर साल बूस्टर डोज लगवाना आवश्यक है।

यह अभियान केवल रोग-निवारण नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी देता है। संविधान हमें यह स्मरण कराता है कि जीव-जंतु हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा में योगदान देना हमारा नैतिक, सामाजिक और संवैधानिक कर्तव्य है। जब हम अपने पालतू जानवरों को टीका लगवाते हैं, तो हम न केवल उन्हें एक घातक बीमारी से बचाते हैं, बल्कि मानव समाज को भी संभावित संक्रमण से सुरक्षित करते हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि “हमारे समाज की सभ्यता का स्तर इस बात से मापा जा सकता है कि हम अपने से कमजोर और निर्भर प्राणियों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। यह अभियान बागपत को न केवल रेबीज-मुक्त बनाएगा, बल्कि एक मानवीय और जिम्मेदार समुदाय के रूप में पहचान भी देगा।”

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण कराएं और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यह पहल बागपत के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है कि कैसे हम सार्वजनिक स्वास्थ्य, पशु कल्याण और संवैधानिक मूल्यों को एक साथ जोड़ सकते हैं।

सूचना विभाग, बागपत

ब्रेकिंग न्यूज़ – छपरौली

👉 थाना क्षेत्र के टांडा गांव स्थित दारूल उलूम मुजफ्फरीया लिल बनात मदरसे में उस समय सनसनी फैल गई जब 11 महीने के मासूम का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ।

👉 शव कपड़े में लिपटा हुआ बिस्तर के अंदर मिला।
👉 मृतक बच्चे को मदरसे के संचालक मुफ्ती शहजाद पुत्र सुलेमान त्यागी ने गोद लिया था।
👉 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर CCTV फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
👉 शक के आधार पर पुलिस ने मदरसे में रह रही एक नाबालिग लड़की को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
👉 बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

🛑 घटना से गांव और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच में जुटी है।

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