October 13, 2026

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला रविवार तड़के भारत लौट आए

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अनुष्का कश्यप/एजेंसी, नई दिल्ली। रविवार को अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला रविवार तड़के भारत लौट आए। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की उनकी ऐतिहासिक यात्रा का जश्न मनाने के लिए दिल्ली में हवाई अड्डे पर बड़ी संख्या में लोगों ने तिरंगा लहराते और ढोल बजाते हुए उनका जोरदार स्वागत किया।

शुक्ला और उनके बैकअप अंतरिक्ष यात्री प्रशांत बालकृष्णन नायर का केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने स्वागत किया। जितेंद्र सिंह की ओर से हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के बाद पोस्ट किए गए स्वागत संदेश के जवाब में शुक्ला ने एक्स पर लिखा, ”धन्यवाद सर। घर वापस आकर वाकई अच्छा लग रहा है।”

अंतरिक्ष उड़ान के लिए अमेरिका में लगभग एक वर्ष चले प्रशिक्षण के बाद स्वदेश लौटे शुक्ला का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर उनकी पत्नी कामना और बेटा कियाश भी मौजूद थे। ढोल-नगाड़ों की ध्वनि के साथ शुक्ला का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर तिरंगा लहराते हुए बड़ी भीड़ जमा हुई थी।

सरकार ने शुक्ला की भारत वापसी के उपलक्ष्य में सोमवार को लोकसभा में ‘अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री- 2047 तक विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका’ विषय पर एक विशेष चर्चा का प्रस्ताव रखा है।

शुक्ला के सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने और अपने गृहनगर लखनऊ जाने की उम्मीद है। 22-23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेने के लिए उनके राजधानी लौटने की भी संभावना है।

शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 निजी अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे, जो 25 जून को फ्लोरिडा से रवाना हुआ था और 26 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था। वह 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट आए थे। तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों- पैगी व्हिटसन (अमेरिका), स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की (पोलैंड) और टिबोर कापू (हंगरी) के साथ शुक्ला ने 18 दिनों के मिशन के दौरान 60 से अधिक प्रयोग किए और 20 आउटरीच सत्र आयोजित किए।

अनुष्का कश्यप/एजेंसी, नई दिल्ली। रविवार को भाजपा ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णनको उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का उम्मीदवार घोषित किया। यह फैसला भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की पसंद को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई गई थी।

चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। उन्होंने 31 जुलाई 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। अपनी नियुक्ति से पहले, उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। झारखंड के राज्यपाल के रूप में राधाकृष्णन को भारत के राष्ट्रपति की ओर से तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के लिए नियुक्त किया गया था।

चार दशकों से ज्यादा के अनुभव के साथ राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक सम्मानित नाम हैं। चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुपुर, तमिलनाडु में हुआ था। राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में शुरुआत करते हुए, वे 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने।

1996 में राधाकृष्णन को तमिलनाडु भाजपा का सचिव नियुक्त किया गया। 1998 में वे पहली बार कोयंबटूर से लोकसभा के लिए चुने गए। 1999 में वे फिर से लोकसभा के लिए चुने गए।

सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कपड़ा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों  संबंधी संसदीय समिति और वित्त संबंधी परामर्शदात्री समिति के भी सदस्य रहे। वे स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच करने वाली संसदीय विशेष समिति के सदस्य भी थे।

2004 में राधाकृष्णन ने संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। वे ताइवान गए पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी थे।

2004 से 2007 के बीच राधाकृष्णन तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस पद पर रहते हुए, उन्होंने 19,000 किलोमीटर की ‘रथ यात्रा’ की, जो 93 दिनों तक चली। यह यात्रा सभी भारतीय नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करने, अस्पृश्यता निवारण और मादक पदार्थों के खतरे से निपटने जैसी उनकी मांगों को उजागर करने के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए दो और पदयात्राओं का भी नेतृत्व किया।

2016 में राधाकृष्णन को कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और वे चार वर्षों तक इस पद पर रहे। उनके नेतृत्व में भारत से कॉयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। 2020 से 2022 तक वे केरल भाजपा के अखिल भारतीय प्रभारी रहे।

18 फरवरी, 2023 को राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अपने पहले चार महीनों के कार्यकाल में उन्होंने झारखंड के सभी 24 जिलों का दौरा किया और नागरिकों तथा जिला अधिकारियों से बातचीत की।

राधाकृष्णन एक खिलाड़ी भी रह चुके हैं और कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस में चैंपियन और लंबी दूरी के धावक भी थे। उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल का भी शौक था।

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अनुष्का कश्यप/एजेंसी, नई दिल्ली। रविवार को  कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गाधी के वोट चोरी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलकर सारे आरोपों पर जवाब दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि एक मतदाता सिर्फ एक ही बार वोट डाल सकता है। चुनाव आयोग के मुख्य चुानव आयुक्त ने कहा कि अगर मतदाता सूची में कोई गलती है तो उसे सुधारने के लिए 1 सितंबर तक का समय दिया गया है। राहुल गांधी के आरोपों पर चुनौती देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि त्रुटियां सुधारने का पर्याप्त समय दिया जा रहा है।

मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रतिबंधित है। चुनाव आयोग का यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद आया है और 2019 का है। हमें मशीन-पठनीय मतदाता सूची और खोज योग्य मतदाता सूची के बीच अंतर समझना होगा। आप चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मतदाता सूची को EPIC नंबर डालकर खोज सकते हैं।”

ज्ञानेश कुमार ने कहा, इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। इसे मशीन-पठनीय नहीं कहा जाता है। मशीन-पठनीय के संबंध में, 2019 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस विषय का गहन अध्ययन किया और पाया कि मशीन-पठनीय मतदाता सूची देने से मतदाता की निजता का उल्लंघन हो सकता है… मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रतिबंधित है। चुनाव आयोग का यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद आया है और 2019 का है।”

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उन्होंने कहा, “रिटर्निंग ऑफिसरद्वारा नतीजे घोषित करने के बाद भी, कानून में यह प्रावधान है कि 45 दिनों की अवधि के भीतर, राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट में जाकर चुनाव को चुनौती देने के लिए चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं। इस 45 दिनों की अवधि के बाद, इस तरह के निराधार आरोप लगाना, चाहे वह केरल हो, कर्नाटक हो, या बिहार हो।”

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब चुनाव के बाद की वह 45 दिन की अवधि समाप्त हो जाती है और उस अवधि के दौरान, किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को कोई अनियमितता नहीं मिलती है, तो आज, इतने दिनों के बाद, देश के मतदाता और लोग इस तरह के निराधार आरोप लगाने के पीछे की मंशा को समझते हैं।

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नितिन कुमार सिंह, बागपत। 79वे स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बागपत जनपद में भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप के नेतृत्व में कोंग्रेसियों ने वोट चोर गद्दी छोड के नारे लगाते हुए सम्राट पृथ्वीराज डिग्री कॉलेज से वंदना चौक तक कैंडल मार्च निकला। दर असल कांग्रेस ने देशभर में वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान शुरू कर किया है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप ने बताया कि राहुल गाँधी के इस अभियान के तहत कांग्रेस देश की जनता को बताएगी कि बीजेपी ने इलेक्शन कमीशन के साथ मिलकर किस तरह वोट चुराए हैं। इस मसले पर कांग्रेस पूरे देश में मुद्दा बना रही है। इलेक्शन पर कांग्रेस निरंतर हमलावर है। कांग्रेस 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक देशभर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाएगी। इस अभियान से बागपत जनपद में भी कांग्रेस में भी हलचल हो गई है। इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रत्याशी व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कश्यप रूबी कश्यप, दीन मोहमंद, अरविंद, पवन आदि उपस्थित रहे।   

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नितिन कुमार सिंह बागपत। दिल्ली में लाल किले की प्राचीर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने तिरंगा फहराया। वही राज्यों में राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों ने भी तिरंगा झंडा फहराकर 79 वा स्वतंत्रता दिवस मनाया।

जनपद बागपत में भी तमाम राजनीतिक दलों ने तिरंगा यात्रा निकालकर देश के शहीदों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। बागपत जनपद के बड़ौत शहर में गांधी चौक पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष लव कश्यप ने 15 अगस्त को सुबह ही झंडा फहराकर जिले में कांग्रेस पार्टी के द्वारा कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी थी।  बड़ौत के गांधी चौक पर झंडा फहराने के बाद, कांग्रेस जिला अध्यक्ष लव कश्यप बागपत ने जिला मुख्यालय पर गौरीपुर जवाहर नगर में स्थित कांग्रेस पार्टी जिला कार्यालय पर भी झंडा फहराया। उसके बाद बड़ौत में भी शहीदों के सम्मान में बाइक रैली तिरंगा यात्रा बड़ौत के बिनौली रोड से शुरू कर शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए बड़ौत के पीएन शर्मा पार्क पर पहुंचें। इस अवसर पर कांग्रेस जिला महासचिव आशु पंडित, अभी शर्मा, अनंत भारद्वाज, पवन कश्यप, अरविंद कश्यप, दीन मोहम्मद और सैकड़ो की संख्या में कांग्रेसी बाइकों पर चल रहे थे।

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