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वित्त आयोग के कार्यों पर सख्ती, 11 पंचायतों से शेष आवेदन शीघ्र भेजने के निर्देश

बागपत की पंचायतों को मिला PAI में स्थान, बाकी को आगे बढ़ने का आह्वान

ग्राम पंचायतें ही ग्रामीण विकास की धुरी: जिलाधिकारी

बागपत, 15 सितंबर 2025 — जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में ग्राम पंचायत सचिवों के साथ विकास कार्यों की स्थिति पर गहन चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गांवों में वित्त आयोगों के अंतर्गत आवंटित धनराशि का सही और समयबद्ध उपयोग हो तथा ग्राम पंचायतें सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर हों।

जिलाधिकारी ने 15वें एवं 5वें वित्त आयोग के अंतर्गत संचालित कार्यों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। जिलाधिकारी ने सचिवों को चेतावनी दी कि यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता का पालन नहीं हुआ तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल बजट खर्च करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक कार्य का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव भी दिखना चाहिए। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विकास कार्यों का उद्देश्य केवल भौतिक संरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि गांवों में जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।

बैठक में बताया गया कि जिले की 244 ग्राम पंचायतों में से 06 पंचायतों ने पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) में स्थान बनाया है। यह सूचकांक भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाता है, जिसके माध्यम से पंचायतों के समग्र प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है।

PAI विभिन्न सामाजिक-आर्थिक संकेतकों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, पेयजल, पर्यावरण, महिला-पुरुष समानता, रोजगार सृजन और संसाधनों के उपयोग आदि पर पंचायतों की प्रगति को मापता है। इन संकेतकों के आधार पर पंचायतों को अचीवर, फ्रंट रनर जैसी श्रेणियों में रखा जाता है।

जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कहा कि शेष पंचायतों को भी इस दिशा में प्रयास करने होंगे ताकि जिले की तस्वीर समग्र रूप से बेहतर हो। उन्होंने सचिवों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत अपने-अपने स्तर पर कमियों की पहचान कर ठोस कार्ययोजना बनाएं।

बैठक में यह भी बताया गया कि सीएम पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार हेतु जिले से कुल 39 आवेदन अपेक्षित थे, जिनमें से 28 आवेदन अब तक प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 11 आवेदन शेष हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित सचिवों को शेष आवेदनों को शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण अत्री भी मौजूद रहे। उन्होंने भी सचिवों से विस्तार से संवाद किया और विकास कार्यों में आ रही चुनौतियों व उनके समाधान पर चर्चा की।

अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतें ही ग्रामीण विकास की धुरी हैं और यदि पंचायतें मजबूत होंगी तो गांवों का विकास स्वतः सुनिश्चित होगा। उन्होंने सचिवों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने के लिए निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव,अपर जिला पंचायती राज अधिकारी नितिन कुमार सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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