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बताना चाहूंगा कि आज 15 सितंबर 2025 को बागपत कलेक्ट्रेट में बागपत जनपद की समस्याओं को लेकर खास तौर से 709b नेशनल हाईवे से लेकर जिला अस्पताल कोर्ट पुलिस लाइन तक का कोर्ट रोड बदहाल है इसको बनवाने के लिए आज धरना प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी लेकिन अब जिलाधिकारी महोदय और संबंधित अधिकारियों को इस रोड को बनवाने के लिए और बागपत जनपद की अन्य समस्याओं को लेकर कुछ और दिन का समय दिया है अभी यह धरना प्रदर्शन स्थागीत रहेगा

अगर जल्द ही 709b से लेकर पुलिस लाइन तक का कोर्ट रोड नहीं बनाया जाता तो नई तिथि डिसाइड कर धरना प्रदर्शन दिया जाएगा और जनता की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों से हल करवाया जाएगा

निवेदक सुभाष चंद्र कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी भागवत लोकसभा 2014 निर्दलीय 983774 9557 15 सितंबर 2025

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— विषय: OBC एवं सभी जातियों की जाति-आधारित गिनती कराने की मांग को लेकर सांसदों को (ई-मेल) भेजा ज्ञापन.. गाजीपुर, 04 अगस्त 2026 देश में सामाजिक न्याय और समुचित विकास सुनिश्चित करने के लिए आज राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, भारत विद्यार्थी मोर्चा एवं राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के अध्यक्षों ने अलग अलग अपने मोर्चा के माध्यम से 75 गाजीपुर लोकसभा सांसद मा. अफजाल अंसारी जी एवं उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद मा. डॉ संगीता बालवंत जी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की गई है कि संसद के चल रहे वर्षाकालीन सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 में OBC एवं सभी जातियों की जाति-आधारित गिनती का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि “जब तक सही-सही गिनती नहीं होगी, तब तक न तो सही योजना बनेगी, न सही बजट मिलेगा और न ही सामाजिक न्याय हो पाएगा।” देश की आबादी का बड़ा हिस्सा OBC, अन्य पिछड़ा वर्ग से है, लेकिन आज भी उनके वास्तविक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है। मुख्य मांगें: 1.⁠ ⁠तुरंत जाति-आधारित गणना कराकर उसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं 2.⁠ ⁠OBC आरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनसंख्या के अनुपात में सुनिश्चित किया जाए 3.⁠ ⁠संसद में विशेष चर्चा कराकर केंद्र सरकार से समयबद्ध कार्यक्रम घोषित कराया जाए प्रतिनिधियों ने कहा कि जाति-आधारित गिनती सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और न्याय की बुनियाद है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंचेंगी। दोनों सांसदों से अपेक्षा की गई कि वे संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाकर पूर्वांचल और पूरे देश के अन्य पिछड़ा वर्ग की आवाज बनें। ज्ञापन देने वाले

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