फौजी ने फोन करते के साथ ही कहा मेरे से पूछा कौन पप्पू की बात कर रहे हैं मैं समझ नहीं पाया मैं काम नहीं मैं सुभाष कश्यप बात कर रहा हूं फिर उन्होंने कई सवाल धागे कहा कि धरना सरकार के विरोध में है या विपक्ष के विरोध में
मैंने कहा धरना प्रदर्शन सरकार के विरोध में होता है उन्होंने पूछा कि किस लिए धरना हो रहा है मैंने अग्नि वीर योजना वापस लेने डिसेबिलिटी पेंशन बहाल करने आदि आदि बातें बताई उन्होंने उल्टा मुझे ही पढ़ा दिया अग्नि वीर योजना में युवा कामयाब होकर बाहर निकलते हैं और उन्हें अच्छा रोजगार मिलता है मैंने उन्हें समझाया कि व्यक्तिगत के लिए अग्नि वीर योजना ठीक है लेकिन देश की सेवा और देश के लिए अग्नि वीर योजना सही नहीं है क्योंकि 4 साल में तो आर्मी के स्ट्रक्चर का भी नहीं पता चलता ट्रेनिंग भी सही से पूरी नहीं होती उसने कटाक्ष करना शुरू कर दिया मैं समझ गया यह फौजी भाजपा से प्रेरित है
मैंने कहा कि सर मेरे और आपके विचार नहीं मिल पाएंगे मैं फोन रखना चाहता हूं काफी देर तक डोंट करते रहे मन बड़ा उदास हुआ क्या वास्तव में भाजपा देश में सही काम कर रही है सोने पर मजबूर हो गया आखिर देश के सैनिक ही अपने हाथों की लड़ाई नहीं लड़ना चाहते
जब तक जिनकी लड़ाई है अगर वही सामने नहीं आएंगे तो लड़ाई लड़ने से कोई फायदा नहीं हार निश्चित है।
100 लोगों में आधे लोग दूसरे साइड में चल जाए तो लड़ाई लड़ने का कोई फायदा नहीं आप लड़ाई 100 लोगों की लड़ रहे हो सो के सो लोगों को एक साथ नहीं चाहिए यहां पर फौजी अपनी लड़ाई नहीं लड़ना चाहते उनके लड़ाई हम क्यों लड़े मन बड़ा उदास हुआ आखिर उनकी लड़ाई हम क्यों लड़े
अगर लड़ाई जीते हैं तो लाभ उनको भी मिलेगा इसलिए बताइए लड़ाई कैसे लड़ाई क्यों लड़े किसके लिए लड़े उन फौजियों के लिए जो अपनी लड़ाई लड़ने के लिए खड़ा ही नहीं होना चाहते
निवेदक सुभाष चंद कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी भागवत लोकसभा 2014 निर्दलीय मोबाइल नंबर 983774 9557 9 मार्च 2026
[09/03, 7:59 pm] +91 75186 59293: Bo bjp bhakt hoga sahab
[09/03, 7:59 pm] ECHS UP CONG Subhash Mishr: भाई कश्यप जी, आजादी की लड़ाई और जेल की सजा की डायरी आज भी पुराने थानो और ज़िलें पुलिस के पास है।ए देश जय चंद और मिर्ज़ाफर को भी पैदा किया।और सरदार भगत सिंह,असफाक़ुल्लाह खान,सुभाष चंद्र बोस।,चंद्र शेखर आजाद राम प्रसाद बिस्मिल,रानी लक्छिमी बाई ।और जिनके पुरखे धूधे नहीं मिलते थे आज मलाई वही का रहे है।तो क्या हम सभी जयचन्द और मिर्ज़ाफर बन जाय।
गुरु गोविंद सिंह जी कहते थे,सवा लाख से एक लड़ाऊ तो गुरु गोविंद सिंह नाम कहाऊ।
जिस देश का राजा और रक्छा मंत्री सैनिको और देश की सुरक्च्छा को ही निचले पायदान पर रख्खा हो,उसके अंध भक्त तो होंगे ही।१९४७ से पहले भी मुखबीरी देश के साथ हुई और आज भी हो रही है।यदि पूर्व सैनिक चुके तो जिस देश के लिए कफन बाध कर आजादी की लड़ाई,१९४८,६२,६५,६७,७१ आदि लड़े वह अग्नीवीर कैसे कामयाब होगा।एक दिन का MP, MLA पेंशन जितनी बार जीतता है लेता है।तो सैनिको के साथ अन्याय क्यो।
[09/03, 8:02 pm] +91 75186 59293: 🫡
[09/03, 8:27 pm] +91 99175 94768: 👍