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ऑपरेशन विजय में 04 जुलाई 1999 को सिपाही कालूराम पॉइंट 4875 क्षेत्र की लगभग 17850 फीट की ऊंचाई पर अपनी टुकड़ी के साथ पिंपल कॉम्प्लेक्स में आगे बढ़ रहे थे। पाकिस्तानियों ने उनकी टुकड़ी पर भारी गोलाबाभीरी की। तभी एक बम का खोल सिपाही कालूराम के पैर पर आकर लगा और उनका पैर शरीर से अलग हो गया। इसके उपरांत भी अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए सिपाही कालूराम लड़ते रहे व अपने रॉकेट लांचर से शत्रु का एक बंकर ध्वस्त कर शत्रुओं को मार गिराया था। सिपाही कालूराम अंतिम सांस तक लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। 07 जुलाई को उनका पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा जहां पूर्ण सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार हुआ था।

वीरगति से पहले उन्होंने अपनी मां को लिखे पत्र में लिखा था “माँ मेरी चिंता मत करना, तेरे बेटे का शिलालेख गांव में लगेगा। तेरे बेटे को एक दिन पूरी दुनिया जानेगी कि वह कैसे दुश्मनों से लड़ा।”

इनकी वीरांगना संतोष देवी ने बालिका शिक्षा को अपने जीवन का मिशन बना लिया है। उन्होंने सरकार से मिले पैकेज की राशि से अपने पीहर और ससुराल स्थित सरकारी विद्यालयों में कक्षा-कक्ष बनवाए हैं। वे 15 अगस्त व 26 जनवरी को इन विद्यालयों की होनहार बालिकाओं को सम्मानित करती हैं।

गांव में इनके सम्मान में बना हुआ है, खेड़ी चारणान से जोधपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर द्वार बना हुआ है और गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद कालूराम जाखड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खेड़ी चारणान किया गया है।

सिपाही कालूराम जाखड़ के बलिदान को देश युगों युगों तक याद रखेगा।

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मैंने यानी सुभाष चंद्र कश्यप ने पिछले साल इन्हीं दिनों में जिला प्रशासन को आगाह किया था कि गौसपुर गांव के हालात वास्तव में खराब है गौसपुर गांव में तालाब का पानी आसपास के घरों में लगभग 5 फीट ऊपर तक पहुंच जाता है घर का सारा सामान तहस-नस हो जाता है जनजीवन रुक जाता है थम सा जाता है लेकिन जिला प्रशासन बागपत में कोई सबक नहीं लिया नतीजा गौसपुर गांव में एक बालक की बारिश के पानी के भाव में तालाब में पहुंचने और डूब कर मर जाने से मौत हो जाती है क्या जिला प्रशासन में तहसील प्रशासन में अभी तक कोई सबक लिया या नहीं दिया तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन को शपथ लेना चाहिए और उसे तालाब की पानी की निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए। और वर्तन बालक के परिवार को कम से कम 10 लख रुपए आर्थिक सहायता तत्काल मिलनी चाहिए जो उसके हक अधिकार हो वह मिलनी चाहिए जिला प्रशासन तहसील प्रशासन सरकार इस पर ध्यान दें आपसे यही प्रार्थना हैअन्यथा की स्थिति में गौसपुर गांव में तालाब में बैठकर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा

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