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जनपद में प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस, 13 ईंट भट्टों पर कार्रवाई, प्रत्येक भट्टे पर 100 पौधे लगाने के निर्देश

बागपत7 जुलाई 2026— जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशानुसार जनपद में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सर्वोच्च न्यायालय एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी स्तर पर पर्यावरण प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का किसी भी दशा में उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एनसीआर क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष 1 मार्च से 30 जून तक ईंट भट्टों का संचालन प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही संचालन अवधि में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 22 फरवरी 2022 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है।
क्षेत्रीय कार्यालय, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मेरठ /बागपत द्वारा किए गए निरीक्षण में 16 ईंट भट्टे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करते पाए गए। इन भट्टों के विरुद्ध वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई हेतु आख्या बोर्ड को प्रेषित की गई है। अधिनियम के तहत दोषी ईंट भट्टों पर न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा न्यूनतम 10 हजार रुपये से अधिकतम 15 लाख रुपये तक का पर्यावरणीय प्रतिकर अधिरोपित किया जा सकता है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर 30 जून के उपरांत जनपद में विशेष सर्वेक्षण एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें 13 ईंट भट्टे अवैध रूप से संचालित पाए गए। प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से इनका संचालन बंद करा दिया गया। बंद कराए गए ईंट भट्टों में—किसान ब्रिक फील्ड चंदायन, ओम ब्रिक फील्ड, चंदायन,सिद्धार्थ ब्रिक इंडस्ट्रीज बालैनी,दयानन्द ब्रिक फील्ड, सुजरा रोड, सरफपुर कला महान ब्रिक फील्ड, सुजरा रोड,तान्या ब्रिक फील्ड, घिटौरा,भगत सिंह ब्रिक फील्ड, डगरपुर,श्री खाटू श्याम ब्रिक फील्ड, दत्त नगर,मित्तल ब्रिक फील्ड,कृष्णा ब्रिक फील्ड, नैथला,
दयाल ब्रिक फील्ड, फजलपुर,
मां दुर्गा ब्रिक फील्ड, टटीरी,
धर्मेन्द्र ब्रिक फील्ड, शाहपुर बड़ौली
शामिल हैं।
इन सभी ईंट भट्टों के विरुद्ध पर्यावरणीय प्रतिकर अधिरोपित किए जाने हेतु प्रस्ताव न्याय निर्णयन अधिकारी, उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित किए जाने की कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है और जहां कहीं भी प्रदूषण फैलता हुआ पाया जाएगा, वहां बिना किसी शिथिलता के प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केवल ईंट भट्टों पर ही नहीं, बल्कि उद्योगों, अस्पतालों, मोटर वाहनों तथा अन्य किसी भी स्रोत से यदि पर्यावरण प्रदूषित होता पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से विशेष निरीक्षण अभियान चलाने, प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की पहचान करने तथा दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में किसी को भी प्रदूषण फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जनपदवासियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत जनपद में संचालित लगभग 390 ईंट भट्टों से प्रत्येक भट्टा परिसर में कम से कम 100 पौधे लगाने का आह्वान किया गया है, ताकि हरित एवं स्वच्छ बागपत के निर्माण में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

सूचना विभाग बागपत

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