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वीक्रांत उर्फ सोनू कश्यप एक मेहनतकश मजदूर थे, जो दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके असमय निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
घर की हालत पहले से ही बेहद कमजोर है—बिजली तक की सुविधा नहीं है, और पीछे 3 महीने की मासूम बेटी है, जिसका भविष्य अब अंधकार में है।

हम प्रशासन से मांग करते हैं:

  • इस प्रकरण की निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जांच की जाए
  • हत्या/साजिश की आशंका को देखते हुए BNS की धारा 103 (हत्या), 140 (अपहरण), 238 (सबूत मिटाना) व 61(2) (साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए
  • दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए
  • जांच को उच्च स्तर (CO/क्राइम ब्रांच) से कराया जाए
  • पीड़ित परिवार को सुरक्षा, 50 लाख का मुआवजा एवं तत्काल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं

हम पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव कानूनी एवं लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे।

न्याय के बिना शांति नहीं — इस मासूम बच्ची का भविष्य सुरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

JusticeForVikrantURFSonu Kashyap #न्यायकीमांग KashyapSamaj

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कहा जा रहा कि लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर मुख्य रूप से शामिल पाए गए हैं। ये सभी दान राशि गिनने और रखरखाव की ड्यूटी से जुड़े थे। सूत्र कह रहे सभी ने चोरी कुबूल कर ली है और उनकी निशानदेही पर अब तक 2.98 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच में कुल 8 करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत मिले हैं।ये तो ट्रस्ट की तरफ़ से अघोषित सूचना पत्रकारों को दिया गया है ये असली को बचाने का मामला लगता हैबड़े षड्यंत्र की आशंकापांचों आरोपी पकड़े जाने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतने संवेदनशील स्थान से लगातार रकम गबन होती रही और लंबे समय तक किसी का ध्यान नहीं गया। सूत्रों का कहना है कि इस पीछे किसी बड़े व्यक्ति की शह हो सकती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा है या किसी अन्य विभाग से।

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