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कश्यप समाज का भरोसा रखा कायम।

दिनांक 13 जून को पुलिस प्रशासन के खिलाफ भौराकला गांव में एक पंचायत रखी गई थी जिसमें रास्ता मांगने के विवाद को लेकर कश्यप समाज के युवकों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने से आक्रोशित समाज के लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडिक के आश्वासन के चलते समाज के जिम्मेदार लोगों ने पुलिस प्रशासन को चार दिन का समय देकर पंचायत स्थगित की। जिसके क्रम में आज तीसरे दिन महर्षि कश्यप एकता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर सुशील कश्यप व कश्यप समाज बुढ़ाना के खाप चौधरी डॉ.सोनू कश्यप पीड़ित के साथ पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडिक से मिले जिस पर समाज से किए वादे के अनुसार उनके द्वारा सभी तथ्यों पर जांच करते हुए गंभीर धारा हटाई। मिलने वालों में तिलकराम कश्यप,हरबीर कश्यप व फन्नु कश्यप आदि रहे।

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कहा जा रहा कि लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर मुख्य रूप से शामिल पाए गए हैं। ये सभी दान राशि गिनने और रखरखाव की ड्यूटी से जुड़े थे। सूत्र कह रहे सभी ने चोरी कुबूल कर ली है और उनकी निशानदेही पर अब तक 2.98 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच में कुल 8 करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत मिले हैं।ये तो ट्रस्ट की तरफ़ से अघोषित सूचना पत्रकारों को दिया गया है ये असली को बचाने का मामला लगता हैबड़े षड्यंत्र की आशंकापांचों आरोपी पकड़े जाने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतने संवेदनशील स्थान से लगातार रकम गबन होती रही और लंबे समय तक किसी का ध्यान नहीं गया। सूत्रों का कहना है कि इस पीछे किसी बड़े व्यक्ति की शह हो सकती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा है या किसी अन्य विभाग से।

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