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अयोध्या । राम मंदिर के दान पात्र से कथित पैसे की चोरी के मामले को लेकर अयोध्या में अब पोस्टर वार शुरू हो गया हैं शहर के पुष्पराज चौराहे पर उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला की ओर से पोस्टर लगवाए गए हैं पोस्टर में स्कंद पुराण के एक दोहे का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया हैं कि मंदिर को दी गई भूमि संपत्ति या दान के धन को चुराने अथवा हड़पने वाला व्यक्ति धर्मशास्त्रों के अनुसार गंभीर पाप का भागीदार होता हैं राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ रही हैं इससे पहले समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को उठा चुकी है और अब कांग्रेस भी खुलकर मैदान में उतर आई हैं पोस्टरों के जरिए इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संदेश देने की कोशिश की जा रही हैं फिलहाल दान पात्र से जुड़े मामले की जांच जारी हैं और इस बीच अयोध्या में शुरू हुआ यह पोस्टर वार राजनीतिक चर्चा का नया विषय बन गया हैं।

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कहा जा रहा कि लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर मुख्य रूप से शामिल पाए गए हैं। ये सभी दान राशि गिनने और रखरखाव की ड्यूटी से जुड़े थे। सूत्र कह रहे सभी ने चोरी कुबूल कर ली है और उनकी निशानदेही पर अब तक 2.98 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच में कुल 8 करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत मिले हैं।ये तो ट्रस्ट की तरफ़ से अघोषित सूचना पत्रकारों को दिया गया है ये असली को बचाने का मामला लगता हैबड़े षड्यंत्र की आशंकापांचों आरोपी पकड़े जाने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतने संवेदनशील स्थान से लगातार रकम गबन होती रही और लंबे समय तक किसी का ध्यान नहीं गया। सूत्रों का कहना है कि इस पीछे किसी बड़े व्यक्ति की शह हो सकती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा है या किसी अन्य विभाग से।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कहा जा रहा कि लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर मुख्य रूप से शामिल पाए गए हैं। ये सभी दान राशि गिनने और रखरखाव की ड्यूटी से जुड़े थे। सूत्र कह रहे सभी ने चोरी कुबूल कर ली है और उनकी निशानदेही पर अब तक 2.98 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच में कुल 8 करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत मिले हैं।ये तो ट्रस्ट की तरफ़ से अघोषित सूचना पत्रकारों को दिया गया है ये असली को बचाने का मामला लगता हैबड़े षड्यंत्र की आशंकापांचों आरोपी पकड़े जाने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतने संवेदनशील स्थान से लगातार रकम गबन होती रही और लंबे समय तक किसी का ध्यान नहीं गया। सूत्रों का कहना है कि इस पीछे किसी बड़े व्यक्ति की शह हो सकती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा है या किसी अन्य विभाग से।

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