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दोनों मृतक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक थे
वर्ष 2020 में दोनों का विवाह हुआ था।
आगरा/लखनऊ : उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने समाज और व्यवस्था, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग में कार्यरत एक पति-पत्नी, जो समाज को रौशनी दिखाने का काम करते थे, खुद अंधकार में समा गए।मिली जानकारी के अनुसार, आगरा के रहने वाले यह दंपति बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी शिक्षक के पद पर तैनात थे। इनकी शादी वर्ष 2020 में हुई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जीवन सही दिशा में चल रहा था, लेकिन अचानक कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं कि पत्नी ने आगरा स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली।पत्नी की मौत के बाद, उनके मायके वालों ने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या (Dowry Death) का मुकदमा दर्ज करा दिया।पति इस कलंक और कानूनी कार्रवाई के मानसिक दबाव को झेल नहीं पाया।अपनी पत्नी की मौत का गम और ऊपर से लगे गंभीर आरोपों की ग्लानि ने उसे इस कदर तोड़ा कि पत्नी की मृत्यु के ठीक एक दिन बाद उसने भी मौत को गले लगा लिया। पति ने लखनऊ के एक होटल में सुसाइड किया।
सुख की परिभाषा पर सवाल
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर ‘सुख’ क्या है? अच्छी नौकरी, समाज में सम्मान और एक पढ़ा-लिखा परिवार होने के बावजूद, संवाद की कमी और कानूनी जटिलताओं ने दो होनहार शिक्षकों का जीवन छीन लिया। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है ताकि इन मौतों के पीछे की असली वजह और परिस्थितियों का खुलासा हो सके।
