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प्रयागराज

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि हर हाल में 26 मई 2026 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का ठोस रोडमैप पेश किया जाए।
चीफ जस्टिस की बेंच ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाना संविधान के खिलाफ होगा। अदालत ने अनुच्छेद 243E का हवाला देते हुए कहा कि तय समय सीमा के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।
कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की तारीखों और आरक्षण प्रक्रिया सहित अंतिम शेड्यूल दाखिल करने के लिए 27 अप्रैल 2026 तक का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी, जहां चुनाव कार्यक्रम के ऐलान की पूरी संभावना जताई जा रही है। फिलहाल मतदाता सूची में देरी और OBC आरक्षण प्रक्रिया पूरी न होने के कारण चुनाव अटका हुआ है। हालांकि, कोर्ट की सख्ती के बाद अब सरकार और आयोग पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। निष्कर्ष के तौर पर यह साफ है कि पंचायत चुनाव अब ज्यादा समय तक टलना मुश्किल है और 27 अप्रैल की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है !!

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!! श्री मोनू कश्यप हत्याकांड जसाल शामली उo प्रo !! * ये हत्या नहीं साजिश है 27.4.2026 को शामली चलो विकसित प्रदेश उत्तर प्रदेश!! * हत्याकांड को सरकार के समक्ष रखने के लिए कश्यप एकता समिति को ठोस,सूक्ष्म,तथ्यात्मक के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए माननीय केंद्र और माननीय प्रदेश की सरकार के समक्ष!! * ज्ञापन का विषय :- ( श्री मोनू हत्याकांड जसाल शामली विकसित प्रदेश उत्तर प्रदेश ) हत्याकांड/ हत्या/ अत्याचार की निष्पक्ष जांच त्व त्वरित न्याय हेतु!! * सूक्ष्म विवरण :-( तारीख 27. 4.2026) को स्थान (शामली SSP कार्यालय) सुबह 10:00 बजे ( कश्यप समाज के व्यक्ति का नाम मोनू कश्यप ( मृतक ) के साथ हुई नरसिंग हत्या / हिंसा की घटना! * संवैधानिक कानून उपयुक्त मांग :- फास्ट ट्रैक जांच मामले की जांच उच्च स्तरीय टीम ( SIT ) द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए! * दबंग की गिरफ्तारी :- नामजद व अज्ञात दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो जिससे कि पीड़ित परिवार व कश्यप समाज का विश्वास भारतीय संविधानिक कानून पर बना रहे भविष्य में! * कश्यप पीड़ित परिवार को सुरक्षा :- परिवार को जान माल की सुरक्षा तत्वरित ( तत्काल ) प्रदान की जाए! * पीड़ित कश्यप परिवार को मुआवजा :- पीड़ित परिवार को समुचित आर्थिक मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए! * चेतावनी :- न्यान मिलने पर कश्यप समाज लोकतांत्रिक तरीके से धरना / प्रदर्शन करने को विवश होगा! * ज्ञापन देने का तरीका :- माननीय जिला अधिकारी ( DM ) महोदय जी, माननीय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ( SSP ) महोदय जी, माननीय भारतीय पिछड़ा आयोग जी एवं माननीय गृह मंत्रालय जी!! * प्रस्तुति :- कश्यप एकता प्रतिनिधिमंडल के साथ जाकर ज्ञापन सौपे, न कि केवल डाक द्वारा भेजें! * भाषा शैली :- भाषा कठोर लेकिन संवैधानिक होनी चाहिए जो न्याय के प्रति आक्रोश और न्याय की मांग को स्पष्ट करें! * संबिंदु :- अत्याचारों का हवाला देते हुए बताएं कि समाज को किस प्रकार से निशाना बनाया जा रहा है! * सूक्ष्म बिंदु :- पिछले मामलों का हवाला देकर कार्यवाही की निष्क्रियता पर सवाल उठाए! जय भीम जय कांशीराम जय भारत नमो बुद्धाय!!

“आरक्षण चोर, गद्दी छोड़” के नारों के साथ 69 हजार शिक्षक भर्ती में हुए आरक्षण घोटाले के पीड़ित दलित एवं पिछड़े समाज के युवाओं ने मुख्यमंत्री आवास, लखनऊ का घेराव किया।प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि इस भर्ती में आरक्षण के नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का हक मारा गया। इस मामले को स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा भी स्वीकार किया गया था, जिसके बाद 6800 पदों की एक नई सूची जारी की गई।इसके बावजूद आज तक पीड़ित अभ्यर्थियों को न तो न्याय मिला है और न ही नियुक्ति (जॉइनिंग) दी गई है। साथ ही, कोर्ट में भी सरकार द्वारा मजबूत पैरवी नहीं की जा रही है, जिससे मामला लगातार लंबित बना हुआ है।

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