महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर एक बड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा की पूर्व जिलामंत्री दीपाली तिवारी ने वर्तमान जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। महिला नेता के इन आरोपों के बाद जिले की सियासत में भूचाल आ गया है।
पद के बदले ‘हमबिस्तर’ होने की मांग
दीपाली तिवारी ने आरोप लगाया है कि जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा उन पर लगातार अनैतिक दबाव बना रहे थे। उनके अनुसार, जिलाध्यक्ष ने उन्हें भाजपा जिला उपाध्यक्ष बनाने का प्रलोभन दिया था, लेकिन इसके बदले में उन्होंने “हमबिस्तर होने” की शर्त रखी। दीपाली का कहना है कि वे लंबे समय से इस मानसिक प्रताड़ना और दबाव से परेशान थीं, जिसके चलते आखिरकार उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।
विरोध करने पर दी गंभीर धमकियां
पूर्व जिलामंत्री ने केवल शोषण के प्रयास का ही नहीं, बल्कि डराने-धमाने का भी आरोप जड़ा है। उन्होंने मीडिया को बताया कि जब उन्होंने जिलाध्यक्ष की अनुचित मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। दीपाली तिवारी का आरोप है कि:
जिलाध्यक्ष ने उन्हें सत्ता का डर दिखाया।
उनके परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।
पार्टी में उनका करियर खत्म करने की बात कही गई।
पार्टी के भीतर बढ़ी हलचल
महिला नेता द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए इन आरोपों ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर हमलावर है, वहीं पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस मामले पर फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
अभी तक इस मामले में जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा या पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, दीपाली तिवारी ने न्याय की मांग करते हुए अपनी बात मुखरता से रखी है, जिससे यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। Sahun Khan Dhana

