चमरावल गांव में शराब ठेके के खिलाफ पंचायतगांव वालों ने गांव में शराब ठेका ने खोलने को लेकर की पंचायतपुलिस पर लगा आरोप पंचायत करने पर पुलिस ने दी मुकदमा करने की धमकी चमरावल गांव में शराब ठेका खोले जाने के विरोध में पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र से आए लोगों ने नशे के कारोबार और शराब ठेके को बंद करवाने का संकल्प लियाएडवोकेट सोमेंद्र ढाका जी के नेतृत्व में जिले में अभियान छेड़ा गया है कि अगर देश के युवाओं को बचाना है तो नशे को बंद करना पड़ेगा यहां चमरावल गांव में गांव के चौराहे पर शराब का ठेके आवंटन कर दिया गया जबकि उत्तर प्रदेश सरकार रामराज लाने की बात कर रही है रामराज में हर गांव में शराब के ठेके खोले जा रहे हैं युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का शायद सरकार ने संकल्प लिया है लेकिन हमें चाहे कितना भी बड़ा आंदोलन करना पड़े हम यह सरकार की महिम को कामयाब नहीं होने देंगे जो शराब के ठेके खोले जा रहे हैं भांग के ठेके खोले जा रहे हैं इनको हम बंद करवाने का काम करेंगे इस आंदोलन में चाहे हमारी जान ही क्यों ना चली जाए पुलिस प्रशासन दबाव डालता है कि कोई पंचायत नहीं करोगे ऐसे दबाव में हम लोग आने वाले नहीं हैं ,जिला अध्यक्ष कांग्रेस लव कश्यप ने आबकारी नीति गांव बस्ती या रोड किनारे शराब ठेके नहीं खोले जाने की बात कही और कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया, शशांक त्यागी जी चमरावल पंचायत का संचालन किया और अब से 25 साल पहले गांव में शराब का ठेका खोला गया था उसको बंद कर दिया था वही कड़ी अब फिर सामने आ गई है जबकि सरकार को दिखाई नहीं देता की चमरावल गांव में पिछले टाइम में लगभग सात आठ मौतें शराब पीने से हुई थी हम अपने बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे गांव या आसपास हम शराब के ठेके नहीं खोलने देंगे का संकल्प लेते हुए आंदोलन चलने का निर्णय लियामनुपाल बंसल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस नशे के कारोबार शराब के ठेके को लेकर कड़ी निंदा व्यक्त की रिपु दमन सिंह के अध्यक्षता रही अध्यक्ष महोदय ने कहा कि गुजरात आज तक ड्राई एरिया है बिहार ड्राई एरिया है तो उत्तर प्रदेश ट्राई एरिया क्यों नहीं हो सकता है मेडिकल स्टोर पर बहुत ही आसानी से युवाओं को इंजेक्शन दवाइयां नशे कैसे मिल रही है यह पूरी तरीके से बंद हो अन्यथा बड़े आंदोलन चलाने का संकल्प भी लिया गया इस मौके पर संचालक करता शशांक त्यागी प्रमोद गोस्वामी ,प्रदीप प्रधान ,लव कश्यप, मनु पाल बंसल, नीटू फौजी,परवेज अहमद, शकील आसारा ,भोपाल सिंह ,कपिल देव, संजय त्यागी, सीमा त्यागी, रामवती, आदि गांव और संगठन का समर्थन मिला

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Apr 19, 2026
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चमरावल गांव में शराब ठेके के खिलाफ पंचायत
गांव वालों ने गांव में शराब ठेका ने खोलने को लेकर की पंचायत
पुलिस पर लगा आरोप पंचायत करने पर पुलिस ने दी मुकदमा करने की धमकी चमरावल गांव में शराब ठेका खोले जाने के विरोध में पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र से आए लोगों ने नशे के कारोबार और शराब ठेके को बंद करवाने का संकल्प लिया
एडवोकेट सोमेंद्र ढाका जी के नेतृत्व में जिले में अभियान छेड़ा गया है कि अगर देश के युवाओं को बचाना है तो नशे को बंद करना पड़ेगा यहां चमरावल गांव में गांव के चौराहे पर शराब का ठेके आवंटन कर दिया गया जबकि उत्तर प्रदेश सरकार रामराज लाने की बात कर रही है रामराज में हर गांव में शराब के ठेके खोले जा रहे हैं युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का शायद सरकार ने संकल्प लिया है लेकिन हमें चाहे कितना भी बड़ा आंदोलन करना पड़े हम यह सरकार की महिम को कामयाब नहीं होने देंगे जो शराब के ठेके खोले जा रहे हैं भांग के ठेके खोले जा रहे हैं इनको हम बंद करवाने का काम करेंगे इस आंदोलन में चाहे हमारी जान ही क्यों ना चली जाए पुलिस प्रशासन दबाव डालता है कि कोई पंचायत नहीं करोगे ऐसे दबाव में हम लोग आने वाले नहीं हैं ,जिला अध्यक्ष कांग्रेस लव कश्यप ने आबकारी नीति गांव बस्ती या रोड किनारे शराब ठेके नहीं खोले जाने की बात कही और कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया, शशांक त्यागी जी चमरावल पंचायत का संचालन किया और अब से 25 साल पहले गांव में शराब का ठेका खोला गया था उसको बंद कर दिया था वही कड़ी अब फिर सामने आ गई है जबकि सरकार को दिखाई नहीं देता की चमरावल गांव में पिछले टाइम में लगभग सात आठ मौतें शराब पीने से हुई थी हम अपने बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे गांव या आसपास हम शराब के ठेके नहीं खोलने देंगे का संकल्प लेते हुए आंदोलन चलने का निर्णय लिया
मनुपाल बंसल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस नशे के कारोबार शराब के ठेके को लेकर कड़ी निंदा व्यक्त की रिपु दमन सिंह के अध्यक्षता रही अध्यक्ष महोदय ने कहा कि गुजरात आज तक ड्राई एरिया है बिहार ड्राई एरिया है तो उत्तर प्रदेश ट्राई एरिया क्यों नहीं हो सकता है मेडिकल स्टोर पर बहुत ही आसानी से युवाओं को इंजेक्शन दवाइयां नशे कैसे मिल रही है यह पूरी तरीके से बंद हो अन्यथा बड़े आंदोलन चलाने का संकल्प भी लिया गया इस मौके पर संचालक करता शशांक त्यागी प्रमोद गोस्वामी ,प्रदीप प्रधान ,लव कश्यप, मनु पाल बंसल, नीटू फौजी,परवेज अहमद, शकील आसारा ,भोपाल सिंह ,कपिल देव, संजय त्यागी, सीमा त्यागी, रामवती, आदि गांव और संगठन का समर्थन मिला

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सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

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