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850 लोकसभा सीट करके कौन देश की आर्थिक स्थिति पर बोझ डाला जा रहा है सारी सैलरी भत्ते फंड यात्राएं , दैनिक भत्ते , फोन , मेडिकल सुविधा मिलाकर 5 लाख रुपया हर सांसद प्रति महीने देश के खजाने से लूट रहा है

काम जीरो , रिस्पॉनबल्टी जीरो , ऊपर से इनको Y+ सिक्योरिटी और विकास कार्यों में से कमीशन भी मिलता है
चारों और से देश को लुटा जा रहा है

अब सांसद 543 से 850 होंगे , उसके बाद विधायकों की संख्या तो सीधे सीधे 2 से 3 हजार बढ़ेगी , कितना ज्यादा रुपया इनकी सैलरी और सिक्योरिटी में जाएगा देश का विचार कीजिए।

और इस 33% में कोई भी गरीब मजदूर किसान या मध्यम वर्ग की महिलाएं सांसद नहीं चुनी जाएगी, चुनी जाएगी कंगना, जया बच्चन,स्मृति ईरानी।

20 राज्यों में बीजेपी की सरकार है और महिला मुख्यमंत्री मात्र 1 है कौन से मान सम्मान की बात की जा रही है समझ में नहीं आ रहा है।

ये सीटे बढ़ाकर तो आप अपना राजनीतिक स्वार्थ साध रहे हो और देश की जनता पर बोझ डाल रहे हो।

AKS

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महिला विरोधी कौनजब प्रधानमंत्री लगातार 3 बार बन सकते तो, राजस्थान की महिला मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे क्यों नहीं बन सकतीपर्ची की क्या जरूरत थी,,एक महिला को हटाने के चक्कर में पूरे राजस्थान को बर्बाद कर रखा है,, 20 राज्यों में भाजपा कि सरकार है,,महिला मुख्यमंत्री एक ही क्यों,,जिसे खुद की पत्नी के साथ धोखा कियाजिसने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बहन को हटाया,,जिसने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा को हटाया,,⦁ जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया⦁ जिन्होंने उन्नाव में कुछ नहीं किया⦁ जिन्होंने मणिपुर में कुछ नहीं किया⦁ जिन्होंने महिला पहलवानों के लिए कुछ नहीं किया

❌ झूठ: महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ✅ सच: महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पास हो गया, विपक्ष के समर्थन से❌ झूठ: विपक्ष ने महिला आरक्षण के खिलाफ वोट किया✅ सच: विपक्ष ने परिसीमन के खिलाफ वोट किया❌ झूठ: महिला आरक्षण अब लागू नहीं होगा✅ सच: 2023 में पास महिला आरक्षण कानून लागू हो चुका है, कल (16 अप्रैल 2026*) से ही⭐ अब मोदी सरकार चाहे तो 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून से कल के कल लोकसभा की 543 सीटों पर महिलाओं को 33% आरक्षण दे सकती है.❓सवाल है- क्या मोदी सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देगी?✔️ क्योंकि इस मामले पर पूरा विपक्ष राजी है. अब गेंद मोदी सरकार के पाले में है.भारत में सबसे ज्यादा अगर किसी पर यौन शोषण का आरोप है तो वो हैं नेता/बाबा/ पदाधिकारी और ये सब महिलाओं के अधिकार की बात करते हैं, ये शातिर चाल देश कब समझेगा? ये सब जानते हुए,कि चुनाव मे फायदे के लिए नौंटकी किया जा रहा था- इनको पहले से ही पता था बिल पास नहीं होगा इसलिए बैनर पहले छपवा रखे थे सिर्फ नौटंकी थी टाइम बर्बाद करना संसद का बस ।अब सत्ता धारी पार्टी समर्थित महिला मोर्चे की आड़ में विधवा विलाप करवाना चाहेगी नौटंकी बाज़, अब देखना 👀 ये अपनी पार्टी के महिला मोर्चे को विधवा विलाप करने घर घर भेजने का काम करेंगे अरे भाई परिसीमन बिल हारा है महिला आरक्षण तो पास ही हुआ है

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