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गोचर/चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश

बागपत, 17 अप्रैल 2026
जनपद बागपत में संचालित स्थायी एवं अस्थायी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंशों के समुचित भरण-पोषण एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने गोचर/चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन, गौशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं तथा समस्त व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गौशालाओं में किसी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित सचिवों को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि केयरटेकर का भुगतान समय से नहीं किया जाता है तो संबंधित सचिव का भी भुगतान रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में विद्युत कनेक्शन, पेयजल, छाया, पंखों का संचालन, साफ-सफाई, स्टॉक पंजिका, निरीक्षण रजिस्टर एवं दैनिक सूचना पट सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। जिन गौशालाओं में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, उसके लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के सभी 6 विकास खंडों में कम से कम एक-एक चारागाह भूमि विकसित की जाए, जिसे निकटवर्ती गौ आश्रय स्थलों से जोड़ा जाए, ताकि हरे चारे की सतत उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
गोचर/चारागाह भूमि, कब्जा मुक्त भूमि एवं गौ आश्रय स्थलों से संबद्ध भूमि पर बोए गए चारे की स्थिति की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों से फीडबैक प्राप्त किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं में स्वच्छता, पशुओं के स्वास्थ्य, चारा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने नोडल अधिकारियों को नियमित भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनसामान्य से गौ संरक्षण हेतु भूसा दान करने की अपील करते हुए कहा कि यह कार्य पुण्य के साथ-साथ समाज में सम्मान भी दिलाता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरविंद कुमार त्रिपाठी, समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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