कोई कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंच जाने के बाद ये समझने की भूल ना कर बैठना की जो रुतबा, पैसा, पद, गरिमा, शोहरत सम्मान तुम्हें मिल रहा है वो सब तुम्हारी मेहनत, योग्यता, काबिलियत, व संघर्षों से मिला है??? नहीं ये हजारों वर्षों का तुम्हारे पूर्वजों के बलिदानियों के संघर्षों का नतीजा है! जिसे तथागत महामानव गौतम बुद्ध से लेकर उन्हें ज्ञान व जीवन दान देने वाली सुजाता भीलनी की सेवा, विश्व सम्राट अशोक का शौर्य व त्याग, तिलका मांझी के खून का तिलक, चक्रवर्ती महाराजा निषादराज जी के पराकर्म, डा जोगेंद्र नाथ मंडल निषाद जी के त्याग तपस्या समर्पण संघर्ष जो डा अंबेडकर को अंबेडकर बनाए व पाकिस्तान का अमिट संविधान लिख दिए जुब्बा साहनी का हंसता हुआ बलिदान झलकारी बाईं कोली अपने पति पूरण मल्लाह पुत्र प्रारब्ध मल्लाह के साथ फिरंगियों से 27 दिनों तक लोहा झांसी के मैदानों में मर्दानी दिखाती हुई गोलियों से छलनी होकर 1857 की गदर की इतिहास लिखीं, एकलव्य का दान, महात्मा फुले सावित्री का शिक्षा की यज्ञ की आहूति साहू जी का आरक्षण का आगाजिया एलान अंबेडकर का संघर्ष राय साहब रामचरण निषाद जी का इंकलाब भगत सिंह का हंसता हुआ फंसी में मौत, उद्यम सिंह का लन्दन में बदला लेकर मौत कबूलनामा, कोलकाता की गौरव लोकमता रानीराशमणि निषाद की फिरंगियों को सबक सिखाना उनकी त्याग, मुंबा देवी कोली की ललकार बिलासा देवी निषाद की आजादी की हुंकार, अवंती बाई लोधी की नारी शक्ति की मौत को गले लगा कर प्रहार, मंडल जी का मंडल कमीशन का आगाज,विश्व वीरांगना फूलन देवी जी की अस्मिता की बदला दृष्टदलन से सांसद तक का सफ़र समाज को संदेश दिया है झुकना नहीं प्रतिकार करना है आर पार करना है निषाद राज सभ्यत व सम्मान के लिए हदें पार करना है ये इतिहास लाखों लोगों की बलिदानी का फल आज कुछ कुछ समाज को मिल रहा है न्याय के लिए लड़ते रहना है जय निषादराज रूपी मुक्ति के महामंत्र के बुलन्द आवाज से सत्ता की चाभी लेना है सत्ता पर कब्जा करना है You gain the power and kepcher the system
जिस समाज का राजा होता है उसका बाजा बजता है वहीं समाज ताजा होता है बंकी समाज वासा हो जाता है! साहब आनंद निषाद जी के विचारधारा है सुरेश निषाद के कलम से