प्रेस विज्ञप्ति, माननीय मंत्री जयंत चौधरी जी से मिलकर क्षेत्र की प्राइवेट स्कूलों की मनमानी अपनी मर्जी से बुक चेंज करना अभिभावकों को परेशान करना बच्चों को परेशान करना हर प्राइवेट स्कूल के एक आदत से बन गई है 25 परसेंट शिक्षा मुक्त मात्र कागजों में दर्शी जा रही है क्षेत्र में युवाओं की उम्र निकल रही है और सरकार रोजगार देने की बात करते रहती है लेकिन युवा है बेरोजगार बार-बार पेपर लीक भर्ती न निकलना यह एक सरकार की नाकामी है क्षेत्र के मितली में जो हॉस्पिटल आने वाला था वह रुकवाया गया सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलना और आगामी ओबीसी पिछड़ा वर्ग अति पिछड़ा वर्ग सभी को एक मंच पर लाने का प्रयास करना है सबको मिलकर के और भी कई मुद्दों पर मंत्री से बात हुई उन्होंने हर संभव मदद करने का वादा कियाप्रमोद गोस्वामी सुदेश सूद तेजपाल सिंह ईश्वर सिंह दरोगा आदि लोगों ने क्षेत्र की जनसमस्या मंत्री जी के सामने रखें

subhashchand4

Bysubhashchand4

Apr 16, 2026
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माननीय मंत्री जयंत चौधरी जी से मिलकर क्षेत्र की प्राइवेट स्कूलों की मनमानी अपनी मर्जी से बुक चेंज करना अभिभावकों को परेशान करना बच्चों को परेशान करना हर प्राइवेट स्कूल के एक आदत से बन गई है 25 परसेंट शिक्षा मुक्त मात्र कागजों में दर्शी जा रही है क्षेत्र में युवाओं की उम्र निकल रही है और सरकार रोजगार देने की बात करते रहती है लेकिन युवा है बेरोजगार बार-बार पेपर लीक भर्ती न निकलना यह एक सरकार की नाकामी है क्षेत्र के मितली में जो हॉस्पिटल आने वाला था वह रुकवाया गया सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलना और आगामी ओबीसी पिछड़ा वर्ग अति पिछड़ा वर्ग सभी को एक मंच पर लाने का प्रयास करना है सबको मिलकर के और भी कई मुद्दों पर मंत्री से बात हुई उन्होंने हर संभव मदद करने का वादा किया
प्रमोद गोस्वामी सुदेश सूद तेजपाल सिंह ईश्वर सिंह दरोगा आदि लोगों ने क्षेत्र की जनसमस्या मंत्री जी के सामने रखें

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घड़ियालों आँसू बहाने के बजाय भाजपा पहले अपने संगठन मे पचास प्रतिशत पद दे और चुनाव मे पचास प्रतिशत टिकट महिलाओं को दे ।पचास प्रतिशत महिला आबादी को तैतीस प्रतिशत आरक्षण का फ़ार्मूला पता नहीं कहाँ से आया वास्तव मे ये पचास प्रतिशत होना चाहिए ।।इसके लिए भाजपा को टींएमसी से सीख लेनी चाहिए ममता बनर्जी की पार्टी में लगभग चालीस प्रतिशत सांसद महिला है बिना किसी आरक्षण के ।इसे कहा जाता है सही और साफ नीयत ।महिलाओं की भागीदारी नीयत से बढ़ेगी आरक्षण लागू हो भी गया और नीयत साफ न हुई तो यह आरक्षण केवल झुनझुना रह जाएगा ठीक वैसे ही जैसे दलितों के लिए और पिछड़ों के लिए आरक्षण है लेकिन उनके लिए आरक्षित सीट कोई न कोई बहाना मिलाकर खाली रखा जाता है इसलिए नीयत ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।

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