
पोस्ट डालने का मकसद इतना है कि इस भाई के भी के हमारे ओर हमारे बच्चों के जैसे 2आंख 2कान 1मुंह 2हाथ 2पैर वही पेट वही दीमाक, मतलब वही सब इनसान वाला इंसानों की तरह सेम सेम।
तो में सोच रहा था जब हम इंसान सब एक जैसे है तो हम ओर हमारे बच्चे ऐसा… मतलब 100 में से 100 अंक क्यों नहीं ला सकते।
अब हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जाति,धर्म
ये भाई हिंदू है या मुस्लिम सिख है या ईसाई, या यह किस जाती से है, कौन है नहीं पता जब तक जानकारी न हो तब तक किसी को नहीं पता किस धर्म किस जाति से है।
अब आरक्षण के नाम पर बने नेता या बनने वाले नेताओं को नेता कहू या लेता.🤣🙃
एक जाति या समाज, के नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं सुधार जाओ थोड़ा कार्य शिक्षा के क्षेत्र में कर लो।
पाखंड अंधविश्वास पहल ही समाज में बहुत है पाखंड के नाम पर आप भीड़ बुला सकते हो समाज जाति के नाम पर पर असली मुद्दों पर भी कार्य कर लो सामाजिक कार्यों से ही समाज व जातियों में सुधार होगा।
बाकी अपने- अपने फायदे के लिए झूठे झूठी जय जय कर करने वाले समाजसेवी भाईयो की लाइन लगी है।
फर्क स्पष्ट है सवाल जवाब करने वाले सामाजिक मुद्दों पर बोलने लिखने वाले हमारे ही समाज के लोगों को नेताओं को विरोधी और दुश्मन लगने लगते हैं।
बाकी किसी भाई बहन को मेरा लिखना बोलना बुरा लगे या भला में तो ऐसे ही यूंही लिखता बोलता रहूंगा। @highlight