देश को चलाने के लिए प्रति सालाना बजट 53 लाख से 60 लाख करोड़ हैं
इस साल 26 और 27 का बजट 53 •57 लाख करोड़ रखा गया है

लेकिन धार्मिक संस्थानों मन्दिरों का प्रति सालाना बजट 120 लाख करोड़ हैं जो अकेले ब्राह्मणों बनियों के पॉकेट में गरीब श्रद्धालुओं के पॉकेट से चला जाता है
इस वर्ष 90 हजार प्रायमरी स्कूलों को बजट के अभाव बता कर बन्द किए गए हैं देश तरक्की सिर्फ मंदिर बनाने में कर रहा है
2014 तक देश में छोटे बड़े मंदिर लगभग 23 लाख था
2014 में ज्यों ही मोदी सरकार आया तो दिन दुनी रात चौगुनी के माध्यम से मंदिरों को बनाने में तरक्की किए है अभी 2025 के अंत में 43 लाख मंदिर बनाए गए हैं जिसमें सरकारी बजट से राज सभा के सांसदों पार्षदों विधायकों लोक सभा सांसदों के द्वारा 13 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं
शिक्षा का विनाश हुआ और जिसमे वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज जम्मू की मान्यता रद्द किया गए हैं क्योंकि 780 मेडिकल छात्रों में 60 अल्पसंख्यक छात्र ऐडमिशन मेरिट Neet छात्र के एडमिशन दिए गए थे तो केंद्रीय मेडिकल बोर्ड ने मान्यता रद्द कर दिया गया है इसके लिए RSS ने मिठाइयां बांट कर ढोक बजा कर जश्न मनाया गया था जबकि 720 बच्चों हिंदू के भविष्य चौपट हो गया है , यही है हिंदू राष्ट्र बनाने का परिणाम जय निषाद राज सुरेश निषाद के कलम से